लखनऊ में बाढ़ के बाद सफाई अभियान तेज, 70 एकड़ में ड्रोन से एंटी लार्वा छिड़काव
लखनऊ में बाढ़ का पानी उतरने के बाद नगर निगम ने सफाई और जलनिकासी अभियान तेज किया। जोन-3 और जोन-6 में 70 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन से एंटी लार्वा का छिड़काव किया गया।

लखनऊ में बाढ़ के बाद सफाई अभियान तेज, 70 एकड़ में ड्रोन से एंटी लार्वा का छिड़काव
लखनऊ। बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रभावित इलाकों में जनजीवन सामान्य बनाने के लिए लखनऊ नगर निगम ने सफाई, जलनिकासी और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े कार्य तेज करने की तैयारी की है। बाढ़ के बाद जमा कीचड़, गंदगी और मच्छरों के प्रजनन की आशंका को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। नगर निगम के अनुसार, जोन-3 और जोन-6 में कुल 70 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कराया गया है।
नगर आयुक्त गौरव कुमार ने जोन-3 स्थित जोनल कार्यालय में अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त और संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने जलस्तर कम होने वाले इलाकों में तत्काल सफाई, डीसिल्टिंग और जलनिकासी संबंधी कार्य कराने के निर्देश दिए।
जीआईएस मैपिंग के आधार पर तैयार हुई सेक्टरवार कार्ययोजना
बाढ़ प्रभावित इलाकों में सफाई अभियान को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए नगर निगम ने जीआईएस मैपिंग के आधार पर कार्ययोजना बनाई है। प्रभावित क्षेत्रों को अलग-अलग सेक्टरों में बांटकर प्रत्येक सेक्टर के लिए प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य और जलकल विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की जिम्मेदारियां तय करने के साथ गलीवार सुपरवाइजर भी तैनात किए गए हैं।
इस व्यवस्था के तहत विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने और सफाई कार्यों की निगरानी करने पर जोर दिया जा रहा है। नगर आयुक्त ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों से पानी उतर चुका है, वहां मड पंप की मदद से जमा मिट्टी और कीचड़ हटाने के साथ नालियों की सफाई और डीसिल्टिंग कराई जाए, ताकि जलनिकासी व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।
400 से 500 अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों की जरूरत
प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर सफाई कार्य कराने के लिए नगर निगम के अन्य जोनों से भी अतिरिक्त कर्मचारियों को लगाया जाएगा। समीक्षा बैठक में एलएसए और एलएसजी से आवश्यक मानवबल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। प्रारंभिक आकलन के मुताबिक, सफाई अभियान के लिए लगभग 400 से 500 अतिरिक्त कर्मचारियों की जरूरत है।
नगर निगम प्रभावित क्षेत्रों में जलस्तर कम होने की स्थिति के अनुसार चरणबद्ध तरीके से काम करेगा। अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती से गलियों और नालियों में जमा गंदगी हटाने, कीचड़ साफ करने और अन्य स्वच्छता संबंधी कार्यों को गति देने की योजना है।
जोन-3 में फैजुल्लागंज सहित कई इलाकों में छिड़काव
जोन-3 में फैजुल्लागंज के 44 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कराया गया। घैला रोड पर टैंकर से भी दवा का छिड़काव किया गया। दाउदनगर की 60 फीट रोड पर सोडियम हाइपोक्लोराइट और ब्लीचिंग का छिड़काव करने के साथ सफाई तथा झाड़ियों की कटाई कराई गई।
इसके अलावा गणेश बाग, सन्मंत विहार और मिल्लत नगर में भी ड्रोन से दवा का छिड़काव किया गया। मामा कॉलोनी और पुराने दाउदनगर में पानी उतरने के बाद सूख चुकी गलियों में ब्लीचिंग का छिड़काव कराया गया। इन इलाकों में नालियों की सफाई और झाड़ियों की कटाई के कार्य भी किए गए, ताकि बाढ़ के बाद स्वच्छता संबंधी समस्याओं को कम किया जा सके।
जोन-6 में 26 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन से एंटी लार्वा छिड़काव
जोन-6 में भी मच्छरों के प्रजनन की आशंका को कम करने के लिए ड्रोन से दवा का छिड़काव कराया गया। नगर निगम के अनुसार, सैथा में 18 एकड़ और हयात नगर में 8 एकड़ क्षेत्र को कवर किया गया। इस तरह जोन-6 में कुल 26 एकड़ क्षेत्र में एंटी लार्वा का छिड़काव किया गया।
हयात नगर, सैथा, टांड़खेड़ा और दौलतखेड़ा में जलभराव वाले इलाकों तथा पानी के किनारे ब्लीचिंग पाउडर, चूने और एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया। हरि नगर और मिश्री की बगिया में भी सफाई और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े कार्य किए गए। वहीं, हयात नगर और दौलतखेड़ा में सड़क किनारे की नालियों की सफाई कर जलनिकासी व्यवस्था सुधारने पर जोर दिया गया।
बाढ़ के बाद मच्छरजनित बीमारियों से बचाव पर जोर
बाढ़ का पानी उतरने के बाद जमा कीचड़, गंदगी और ठहरे पानी के कारण मच्छरों के पनपने की आशंका बढ़ सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए नगर निगम प्रभावित क्षेत्रों में एंटी लार्वा दवा के छिड़काव के साथ ब्लीचिंग पाउडर, चूने और सोडियम हाइपोक्लोराइट का प्रयोग कर रहा है। नालियों की सफाई और झाड़ियों की कटाई भी अभियान का हिस्सा है।
नगर निगम की टीमें क्षेत्र की स्थिति के अनुसार स्वच्छता और जलनिकासी से जुड़े कार्य कर रही हैं। अभियान का उद्देश्य बाढ़ प्रभावित इलाकों में सफाई व्यवस्था बेहतर बनाना, जमा गंदगी हटाना और मच्छरजनित बीमारियों की आशंका कम करने में मदद करना है।



