UP राहवीर योजना 2026: सड़क हादसे में जान बचाने वालों को मिलेंगे ₹25,000
उत्तर प्रदेश में सड़क हादसे के घायलों की मदद करने वाले 27 राहवीरों को ₹25,000 प्रति व्यक्ति पुरस्कार देने की तैयारी है। केंद्र ने परिवहन विभाग को ₹10 लाख जारी किए।

UP राहवीर योजना: सड़क हादसे में घायलों की जान बचाने वालों को मिलेंगे ₹25 हजार, 27 लोगों को सम्मानित करने की तैयारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की मदद करने और उन्हें समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने के लिए राहवीर योजना के तहत पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रदेश में 27 राहवीरों को 25-25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि देने की तैयारी है। इसके लिए केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग को 10 लाख रुपये उपलब्ध कराए हैं। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 21 सितंबर 2026 को जारी पत्र के माध्यम से धनराशि उपलब्ध कराने की जानकारी दी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और दुर्घटना के समय घायलों की मदद करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जा रहा है। राहवीर योजना का उद्देश्य ऐसे लोगों को सम्मानित करना है, जो सड़क हादसे के पीड़ितों को समय पर चिकित्सा सहायता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
27 राहवीरों को ₹25-25 हजार देने की तैयारी
उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग के मुताबिक, प्रदेश में 27 राहवीरों को प्रति व्यक्ति 25 हजार रुपये पुरस्कार देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इन लोगों के नामों से संबंधित प्रस्ताव जिला सड़क सुरक्षा समितियों की अनुशंसा के आधार पर तैयार किए गए हैं।
सितंबर 2026 में इन राहवीरों को पुरस्कार देने के लिए केंद्र सरकार से धनराशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। अब सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से 10 लाख रुपये जारी किए जाने के बाद पुरस्कार वितरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का रास्ता खुला है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुरस्कार वितरण की तैयारी की जा रही है; इसे सभी लाभार्थियों को राशि मिल जाने की पुष्टि नहीं माना जाना चाहिए।
गुड सेमेरिटन योजना का नया स्वरूप है राहवीर योजना
सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 3 अक्टूबर 2021 को गुड सेमेरिटन पुरस्कार योजना शुरू की थी। इसके पहले वित्तीय चक्र में 36 गुड सेमेरिटन को पांच-पांच हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी गई थी।
बाद में 21 अप्रैल 2025 को मंत्रालय ने इस योजना को नए नाम ‘राहवीर योजना’ के तहत जारी किया। इसके साथ प्रति पात्र राहवीर पुरस्कार राशि बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी गई। मंत्रालय ने इस पहल को 16वें वित्तीय चक्र में भी जारी रखने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश को पुरस्कार वितरण के लिए 10 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है।
गोल्डन आवर में मदद करने वालों को मिलता है पुरस्कार
राहवीर योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाने और उसकी जान बचाने में मदद करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करना है। दुर्घटना के बाद शुरुआती समय में चिकित्सा सहायता मिलना महत्वपूर्ण होता है। इसी अवधि को गोल्डन आवर कहा जाता है, जो दुर्घटना के बाद का महत्वपूर्ण पहला घंटा होता है।
योजना के तहत पात्र नागरिकों को तब प्रोत्साहित किया जाता है, जब वे दुर्घटना पीड़ित को गोल्डन आवर के भीतर अस्पताल पहुंचाने और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में योगदान देते हैं। इसका उद्देश्य लोगों को सड़क हादसे के समय घायलों की मदद के लिए आगे आने के लिए प्रेरित करना है।
पुरस्कार राशि के लिए जारी किए गए ₹10 लाख
परिवहन विभाग को उपलब्ध कराई गई 10 लाख रुपये की धनराशि परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के भारतीय रिजर्व बैंक के ई-कुबेर सीएनए खाते में जारी की गई है। इस व्यवस्था के माध्यम से स्वीकृत लाभार्थियों को पुरस्कार राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
प्रदेश में 27 राहवीरों को 25-25 हजार रुपये देने का प्रस्ताव है। इस हिसाब से प्रस्तावित कुल पुरस्कार राशि 6 लाख 75 हजार रुपये होती है। केंद्र से जारी 10 लाख रुपये की धनराशि का उपयोग संबंधित स्वीकृत प्रक्रिया और दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाएगा।
सड़क सुरक्षा में आम नागरिकों की भूमिका पर जोर
राहवीर योजना के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की मदद करने वाले नागरिकों के योगदान को पहचान देने का प्रयास किया जा रहा है। समय पर अस्पताल पहुंचाने और चिकित्सा सहायता दिलाने में मदद करने वाले लोगों को आर्थिक पुरस्कार देने से दुर्घटना पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आने की प्रेरणा मिल सकती है।
उत्तर प्रदेश में पुरस्कार वितरण की प्रक्रिया जिला सड़क सुरक्षा समितियों की अनुशंसा और संबंधित सरकारी प्रक्रिया के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी। इस पहल का केंद्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों की समय पर मदद और उनकी जान बचाने में योगदान देने वाले नागरिकों को सम्मानित करना है।



