महाराजा कंसा पासी के किले-शिव मंदिर की मुक्ति को लेकर लाखन आर्मी का अभियान, हरदोई में सूरज पासी की हुंकार
हरदोई में लाखन आर्मी की जनसभा में सूरज पासी ने महाराजा कंसा पासी से जुड़े किले और शिव मंदिर के संरक्षण एवं मुक्ति की मांग दोहराई। गांव-गांव वीरगाथा पहुंचाने का ऐलान।

हरदोई। महाराजा कंसा पासी से जुड़े ऐतिहासिक किले और भगवान शिव मंदिर के संरक्षण एवं मुक्ति की मांग को लेकर लाखन आर्मी ने अपना अभियान जारी रखने का ऐलान किया है। हरदोई सदर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बिरुईजोर, पोस्ट रारा में आयोजित जनसभा में संगठन के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी ने कहा कि महाराजा कंसा पासी की वीरगाथा और उनसे जुड़ी विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए अभियान को गांव-गांव ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि किले और शिव मंदिर के संरक्षण की मांग केवल एक स्थान का विषय नहीं, बल्कि पासी समाज के इतिहास, विरासत और सामाजिक स्वाभिमान से जुड़ा मुद्दा है।
गौरतलब है कि लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र के कसमंडी कला में पुराने ढांचों को लेकर 2026 में विवाद सामने आया था। लाखन आर्मी और पासी समाज के एक वर्ग का दावा है कि संबंधित स्थल महाराजा कंसा पासी के किले और प्राचीन शिव मंदिर से जुड़ा है। दूसरी ओर, दूसरे पक्ष की ओर से इसे मस्जिद और मकबरे से संबंधित स्थल बताया गया है। विवाद के बीच पुरातात्विक जांच और पुराने अभिलेखों की जांच की मांग भी उठी है। उपलब्ध रिपोर्टों में इस स्थल को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे दर्ज हैं।
गांव-गांव पहुंचाई जाएगी महाराजा कंसा पासी की वीरगाथा
जनसभा को संबोधित करते हुए सूरज पासी ने कहा कि समाज की नई पीढ़ी को अपने पूर्वजों के संघर्ष और योगदान की जानकारी होनी चाहिए। उनके मुताबिक, लाखन आर्मी महाराजा कंसा पासी की वीरगाथा को गांव-गांव तक पहुंचाएगी और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक करेगी। उन्होंने कहा कि समाज के महापुरुषों और योद्धाओं के इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि युवा अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को समझ सकें।
सूरज पासी ने कहा कि महाराजा कंसा पासी की वीरता और संघर्ष को पासी समाज अपने गौरवशाली इतिहास का हिस्सा मानता है। उन्होंने कहा कि किले और भगवान शिव मंदिर के संरक्षण एवं मुक्ति की मांग को लेकर संगठन का अभियान किसी एक विधानसभा क्षेत्र या जिले तक सीमित नहीं रहेगा। इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों में जनसभाओं और जागरूकता कार्यक्रमों का सिलसिला आगे भी जारी रखा जाएगा।
किले और शिव मंदिर के संरक्षण की मांग को लेकर अभियान
लाखन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि संगठन की प्रमुख मांगों में महाराजा कंसा पासी से जुड़े किले और भगवान शिव मंदिर के संरक्षण एवं मुक्ति का मुद्दा शामिल है। उनका कहना है कि ऐतिहासिक स्थलों की पहचान, संरक्षण और उनके इतिहास का दस्तावेजीकरण जरूरी है। इसी उद्देश्य से संगठन लोगों को इस मुद्दे से जोड़ने के लिए जनजागरूकता अभियान चला रहा है।
कसमंडी कला के विवाद में भी लाखन आर्मी की ओर से संबंधित पुराने ढांचे की ऐतिहासिक पहचान की जांच कराने और संरक्षण की मांग की गई थी। मई 2026 में सूरज पासी ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन देकर पुरातात्विक जांच की मांग उठाई थी। बाद में विवादित स्थल पर धार्मिक गतिविधियों को लेकर पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में स्थिति संभाली गई थी।
शिक्षा और नशामुक्ति पर भी युवाओं को संदेश
हरदोई की जनसभा में सूरज पासी ने सामाजिक जागरूकता के साथ युवाओं को शिक्षा को अपनी ताकत बनाने का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों के हाथ में कलम देना और उन्हें अपने इतिहास तथा विरासत की सही जानकारी देना समाज को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने और शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।
लाखन आर्मी की गतिविधियों में सामाजिक एकजुटता, शिक्षा और नशामुक्ति को भी मुद्दों के तौर पर शामिल किया जाता रहा है। मई 2026 की एक रिपोर्ट में संगठन को युवाओं के बीच सामाजिक जागरूकता और नशामुक्ति अभियान चलाने वाले संगठन के रूप में वर्णित किया गया था।
ऐतिहासिक विरासत और स्वाभिमान से जोड़कर देख रहा संगठन
सूरज पासी ने कहा कि पासी समाज को अपने महापुरुषों और ऐतिहासिक विरासत के सम्मान के लिए एकजुट होना चाहिए। उनके अनुसार, समाज की नई पीढ़ी को अपने पूर्वजों के संघर्ष और योगदान की जानकारी होगी तो वह अपनी सामाजिक पहचान और विरासत को बेहतर तरीके से समझ सकेगी।
उन्होंने कहा कि महाराजा कंसा पासी की वीरगाथा को गांव-गांव तक पहुंचाना और उनसे जुड़ी बताई जा रही ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण की मांग को आगे बढ़ाना लाखन आर्मी के अभियान का प्रमुख हिस्सा रहेगा। जनसभा में संगठन के समर्थकों ने ‘हर हर महादेव’, ‘जय पासी समाज’ और ‘लाखन आर्मी जिंदाबाद’ के नारों के साथ अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
कंसा पासी स्थल को लेकर दावे और जांच का सवाल
महाराजा कंसा पासी के किले और शिव मंदिर से जुड़ा दावा फिलहाल विवाद का विषय है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, लाखन आर्मी और पासी समाज का एक पक्ष इसे महाराजा कंसा पासी के ऐतिहासिक किले तथा शिव मंदिर से जोड़ता है, जबकि मुस्लिम पक्ष संबंधित स्थल को मस्जिद और मकबरे से जुड़ा बताता है। जून 2026 की एक रिपोर्ट में संबंधित ढांचे के पास फारसी शिलापट मिलने के मुस्लिम पक्ष के दावे का भी उल्लेख किया गया था और पुरातात्विक सर्वे के प्रारंभिक निष्कर्षों को लेकर अलग जानकारी सामने आई थी।
ऐसे में स्थल की ऐतिहासिक पहचान को लेकर अंतिम निष्कर्ष किसी संगठन या राजनीतिक-सामाजिक दावे के आधार पर नहीं, बल्कि उपलब्ध ऐतिहासिक दस्तावेजों, राजस्व अभिलेखों और सक्षम पुरातात्विक अथवा प्रशासनिक जांच के आधार पर ही निकाला जा सकता है। लाखन आर्मी इसी तरह की जांच और संरक्षण की मांग को अपने अभियान का हिस्सा बता रही है।
अभियान को प्रदेश स्तर तक ले जाने का ऐलान
हरदोई की जनसभा में सूरज पासी ने स्पष्ट किया कि महाराजा कंसा पासी की वीरगाथा और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण का अभियान आगे भी जारी रहेगा। संगठन गांव-गांव जाकर युवाओं और समाज के लोगों को इस इतिहास से जोड़ने तथा किले और शिव मंदिर के संरक्षण एवं मुक्ति की मांग को उठाने की बात कह रहा है। संगठन का कहना है कि उसका उद्देश्य पासी समाज की ऐतिहासिक चेतना, शिक्षा और सामाजिक एकजुटता को मजबूत करना है।
संपादकीय नोट: कंसा पासी के किले और शिव मंदिर की पहचान को इस रिपोर्ट में संगठन के दावे के रूप में रखा गया है। उपलब्ध रिपोर्टों में स्थल को लेकर परस्पर विरोधी दावे दर्ज हैं और पुरातात्विक/प्रशासनिक जांच की मांग सामने आई है; इसलिए इसे प्रमाणित ऐतिहासिक तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।



