यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में दिखी आयुष्मान की रफ्तार, 6 करोड़ आयुष्मान कार्ड और 2.13 करोड़ से अधिक परिवार योजना से जुड़े
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-26 में साचीज के पवेलियन में आयुष्मान भारत, डिजिटल हेल्थ और आधुनिक चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धियां प्रदर्शित की गईं। यूपी में 6 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।

यूपी में बढ़ रहा स्वास्थ्य सुरक्षा का दायरा, इंटरनेशनल ट्रेड शो में दिखी आयुष्मान की रफ्तार
लखनऊ/ग्रेटर नोएडा, 26 सितंबर: उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-26 के हाल नंबर 8 में स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साचीज) के पवेलियन में प्रदेश की स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था और आयुष्मान भारत योजना की प्रगति को प्रदर्शित किया गया। “नई दिशा, नया संकल्प-आयुष्मान पीएमजेएवाई : बिल्डिंग हेल्थकेयर एक्सिलेंस इन उत्तर प्रदेश” थीम पर आधारित इस पवेलियन में आयुष्मान कार्ड, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और योजना के तहत किए जा रहे विभिन्न कार्यों की जानकारी दी जा रही है। ट्रेड शो में पहुंचने वाले लोग आयुष्मान कार्ड से संबंधित जानकारी लेने के साथ योजना से जुड़ी सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।
पवेलियन में साचीज की ओर से विशेष सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें योजना की अब तक की उपलब्धियों, गुणवत्ता सुधार और डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े पहलुओं को साझा किया गया। राष्ट्रीय स्तर पर भी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल माध्यमों से अधिक सुगम और आपस में जुड़ी व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
‘जर्नी ऑफ क्वालिटी’ से मरीजों की सुरक्षा पर जोर
साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने सत्र के दौरान स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से संवाद किया। उन्होंने बताया कि ‘जर्नी ऑफ क्वालिटी’ के माध्यम से योजना से जुड़े अस्पतालों को एनएबीएच मानकों और बेहतर गुणवत्ता व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ने के लिए सहयोग और मार्गदर्शन दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा, मानकीकृत प्रक्रियाओं और बेहतर उपचार परिणामों को मजबूत करना है।
उन्होंने बताया कि योजना में आठ गंभीर बीमारियों के उपचार को जोड़ा गया है। इनमें अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण, न्यूरो सर्जरी, ऑन्कोलॉजी, प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी, पीडियाट्रिक सर्जरी, बर्न मैनेजमेंट, ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी और यूरोलॉजी शामिल हैं।
अर्चना वर्मा ने प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे और चिकित्सा सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए निजी क्षेत्र की अधिक भागीदारी की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने निजी अस्पतालों और बड़े कॉरपोरेट अस्पताल समूहों से उन जिलों में अपनी सेवाओं का विस्तार करने का आग्रह किया, जहां विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता अभी सीमित है।
दो सरकारी और दो निजी अस्पतालों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर NHCX
साचीज के पवेलियन में नेशनल हेल्थ क्लेम्स एक्सचेंज (NHCX) को भी प्रदर्शित किया गया। इसमें बताया गया कि NHCX को योजना से जुड़े दो सरकारी और दो निजी अस्पतालों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू किया जाना है। फिलहाल अस्पतालों के चयन को लेकर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
इस पहल का उद्देश्य स्वास्थ्य संबंधी क्लेम की जानकारी के आदान-प्रदान को अधिक व्यवस्थित और इंटरऑपरेबल बनाना तथा क्लेम निस्तारण की प्रक्रिया को आसान करना है। राष्ट्रीय स्तर पर भी NHCX को अस्पतालों और बीमा व्यवस्था के बीच मानकीकृत और तकनीक आधारित क्लेम प्रक्रिया विकसित करने वाली व्यवस्था के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।
पवेलियन में ट्रांजैक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (TMS) के माध्यम से एआई आधारित क्लेम जांच की व्यवस्था को भी प्रदर्शित किया गया। इसके साथ प्रदेश के डिजिटल स्वास्थ्य तंत्र से जुड़े विभिन्न प्लेटफॉर्म और व्यवस्थाएं भी दिखाई गईं। इनमें लाभार्थी डेटाबेस मैनेजमेंट पोर्टल, आयुष्मान सारथी ऐप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित फीडबैक और शिकायत निवारण व्यवस्था तथा डिजिटल क्लेम इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। इन तकनीकों के माध्यम से लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच देने और सेवा वितरण को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
9 सितंबर तक बनाए गए 6 करोड़ आयुष्मान कार्ड
साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा के मुताबिक 9 सितंबर तक उत्तर प्रदेश में छह करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। वहीं, 2.13 करोड़ से अधिक परिवारों को आयुष्मान भारत और प्रदेश की स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था के दायरे में लाया गया है।
दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 2 अगस्त तक प्रदेश में कुल 6,562 अस्पताल योजना से जुड़े थे। इनमें 2,910 सरकारी और 3,652 निजी अस्पताल शामिल हैं। वहीं, 31 अगस्त तक योजना के तहत एक करोड़ से अधिक उपचार उपलब्ध कराए जा चुके थे।
राष्ट्रीय स्तर पर भी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का विस्तार जारी है। केंद्र सरकार के अनुसार 30 जून 2026 तक देशभर में योजना के तहत 12.69 करोड़ कैशलेस अस्पताल दाखिले अधिकृत किए जा चुके थे और 37,413 सार्वजनिक एवं निजी अस्पतालों का नेटवर्क योजना से जुड़ा था।
सुपर स्पेशियलिटी से रोबोटिक सर्जरी तक स्वास्थ्य सेवाओं का प्रदर्शन
साचीज की ओर से पवेलियन में जीएस यूनिवर्सिटी, एरा यूनिवर्सिटी, लखनऊ कैंसर इंस्टीट्यूट और यशोदा मेडिसिटी समेत विभिन्न स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं की क्षमताओं को भी प्रदर्शित किया गया। इसमें सुपर स्पेशियलिटी उपचार, एआई आधारित मॉनिटरिंग, कनेक्टेड हेल्थकेयर, कैंसर स्क्रीनिंग, एडवांस्ड ऑन्कोलॉजी, रोबोटिक सर्जरी, डिजिटल हेल्थ और मेडिकल एजुकेशन से जुड़ी तकनीकों को शामिल किया गया है।
इस तरह यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में साचीज का पवेलियन केवल आयुष्मान कार्ड और योजना की जानकारी देने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें स्वास्थ्य सुरक्षा, उपचार की गुणवत्ता, डिजिटल स्वास्थ्य, क्लेम प्रक्रिया और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों को एक साथ प्रदर्शित किया गया। ट्रेड शो के माध्यम से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता से जुड़े प्रयासों को एक व्यापक मंच पर सामने रखा गया।



