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यूपी में अतिवृष्टि से राहत-बचाव तेज, 56 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश, हेल्पलाइन 1070 जारी

उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के बीच योगी सरकार ने राहत-बचाव कार्य तेज किए हैं। 25 से 27 सितंबर के बीच प्रदेश में सामान्य से 775 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज हुई। प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता और फसल क्षति के आकलन के निर्देश दिए गए हैं।

अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में योगी सरकार ने तेज किए राहत-बचाव कार्य, 56 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश

लखनऊ, 27 सितंबर। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और प्रतिकूल मौसम के बीच योगी सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के क्रम में जिला प्रशासन को प्रभावित परिवारों तक तत्काल सहायता पहुंचाने और जमीनी स्तर पर राहत कार्यों की निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रविवार को प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों और अपर जिलाधिकारियों से संवाद कर मौजूदा स्थिति तथा राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद किया जाए, उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान कराया जाए और राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।

प्रदेश में सामान्य से 775 प्रतिशत अधिक बारिश

राहत आयुक्त के अनुसार 25 सितंबर से 27 सितंबर की सुबह तक उत्तर प्रदेश में कुल 66.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा का आंकड़ा 7.6 मिलीमीटर है। इस आधार पर प्रदेश में सामान्य से 775 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई। प्रदेश के कुल 75 जिलों में से 56 जिलों में अत्यधिक वर्षा दर्ज होने की सूचना है। बारिश की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि फर्रूखाबाद में सामान्य से 7,385 प्रतिशत, कन्नौज में 5,664 प्रतिशत, शाहजहांपुर में 4,408 प्रतिशत, हमीरपुर में 4,240 प्रतिशत और महोबा में 4,100 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई।

भारी बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव और अन्य मौसम संबंधी परिस्थितियां उत्पन्न हुई हैं। प्रशासन को प्रभावित इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा आवश्यकता के अनुसार राहत और बचाव दलों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रभावित लोगों को समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

1021 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना, प्रभावित परिवारों को सहायता

अतिवृष्टि और आंधी-तूफान के कारण प्रदेश में अब तक 1021 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई है। इनमें हरदोई में 272, सीतापुर में 108, चंदौली में 75, औरैया में 60, गोंडा में 54, हमीरपुर में 51, शाहजहांपुर में 47 और बहराइच में 44 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। प्रशासन की ओर से इन मामलों में प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि क्षतिग्रस्त मकानों का मौके पर आकलन कराया जाए और आवश्यकता के अनुसार प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पात्र परिवारों को आवास योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है, ताकि बारिश और प्राकृतिक आपदा के कारण प्रभावित हुए परिवारों को तत्काल राहत के साथ आगे के लिए भी आवश्यक सहायता मिल सके।

फसल क्षति का तत्काल सर्वेक्षण कराने के निर्देश

भारी बारिश से संभावित फसल क्षति को देखते हुए प्रशासन को तत्काल सर्वेक्षण और आकलन कराने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित अधिकारियों से कहा गया है कि प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का मौके पर आकलन कर नियमानुसार पात्र किसानों को सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाए। इसके लिए जिला स्तर पर स्थिति की निगरानी और आवश्यक रिपोर्ट तैयार करने पर जोर दिया गया है।

राहत आयुक्त ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि राहत एवं सहायता का लाभ वास्तविक रूप से प्रभावित परिवारों तक समय पर पहुंचे। इसके लिए स्थानीय स्तर पर प्राप्त शिकायतों और समस्याओं का तत्काल संज्ञान लेकर उनका समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया है।

जिलों में फील्ड पर रहकर राहत कार्यों की निगरानी

राहत आयुक्त ने जिलाधिकारियों, अपर जिलाधिकारियों और आपदा विशेषज्ञों को स्वयं फील्ड में रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि वे प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर जमीनी स्थिति का जायजा लें और जरूरत के अनुसार राहत कार्यों में तेजी लाएं। राहत सामग्री तथा अनुमन्य सहायता राशि का वितरण प्राथमिकता के आधार पर करने और प्रभावित परिवारों के साथ संवेदनशीलता से व्यवहार करते हुए उनकी समस्याओं का समाधान कराने पर विशेष जोर दिया गया है।

प्रशासन को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है। इसका उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को केवल कागजी स्तर तक सीमित रखने के बजाय उन्हें सीधे जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाना है।

जलभराव वाले क्षेत्रों में रेस्क्यू अभियान जारी

जलभराव वाले क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए राहत और बचाव दलों की ओर से लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। जिन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, उन्हें आवश्यक सहायता और राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार बचाव दलों को सक्रिय किया जा रहा है।

आमजन से भी सावधानी बरतने की अपील की गई है। प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों, बाढ़ प्रभावित इलाकों तथा नदियों और नालों के तेज बहाव वाले स्थानों पर अनावश्यक आवागमन से बचने को कहा है। विशेष रूप से तेज बहाव वाले पानी में जाने से बचने और प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

आपात स्थिति में 1070 पर करें संपर्क

बारिश और अतिवृष्टि से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति में लोगों से राहत आयुक्त कार्यालय की हेल्पलाइन 1070 पर संपर्क करने की अपील की गई है। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत-बचाव कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है और अधिकारियों को फील्ड में रहकर स्थिति की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित परिवारों को समय पर राहत, सहायता राशि और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

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