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अखिलेश के अंदर बैठा है औरंगजेब! संगीत सोम का बड़ा हमला, पिता-चाचा से लेकर डिंपल यादव तक पर घेरा

भाजपा नेता संगीत सोम ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पिता मुलायम सिंह यादव, चाचा रामगोपाल और शिवपाल यादव तथा डिंपल यादव के सम्मान को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और भाजपा नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज होती जा रही है। अब भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम ने अखिलेश यादव पर बेहद तीखा और व्यक्तिगत हमला बोला है। संगीत सोम ने अखिलेश यादव पर ‘औरंगजेबी मानसिकता’ रखने का आरोप लगाते हुए उनके पिता मुलायम सिंह यादव, चाचा रामगोपाल यादव और शिवपाल यादव से रिश्तों का जिक्र किया। उन्होंने डिंपल यादव के सम्मान को लेकर भी अखिलेश यादव को निशाने पर लिया और आरोप लगाया कि अखिलेश यादव को केवल मुस्लिम वोट बैंक की चिंता है। संगीत सोम के इन बयानों को उनके राजनीतिक आरोप के तौर पर देखा जाना चाहिए। हालिया दिनों में भी संगीत सोम अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर लगातार तीखे हमले करते रहे हैं।

‘अखिलेश के विचारों में औरंगजेब घुस चुका है’

संगीत सोम ने अखिलेश यादव पर हमला करते हुए कहा कि उनके अंदर जो विचार हैं, वे औरंगजेब के विचार हैं। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव की राजनीति और व्यवहार में ‘औरंगजेबी मानसिकता’ दिखाई देती है। इसी क्रम में उन्होंने अखिलेश यादव के परिवार के पुराने राजनीतिक विवादों का जिक्र करते हुए उनके पिता मुलायम सिंह यादव के साथ रिश्तों पर सवाल उठाए। संगीत सोम ने दावा किया कि जब मुलायम सिंह यादव अखिलेश यादव को हटाना चाहते थे, तब अखिलेश ने उन्हें घर में कैद कर लिया था। यह आरोप संगीत सोम की ओर से लगाया गया है और इसे स्थापित तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि उनके राजनीतिक बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

रामगोपाल यादव को लेकर भी संगीत सोम का गंभीर दावा

भाजपा नेता ने अखिलेश यादव के चाचा और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव का भी जिक्र किया। संगीत सोम ने दावा किया कि अखिलेश यादव अपने चाचा रामगोपाल यादव पर 24 घंटे नजर रखते हैं और उनके आने-जाने तथा मुलाकातों की जानकारी रखते हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को अपने चाचा पर भरोसा नहीं है। हालांकि, इस कथित निगरानी या ‘सर्विलांस’ के दावे की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है, इसलिए इसे संगीत सोम के आरोप के रूप में ही रिपोर्ट करना उचित है।

‘जिस चाचा ने गोद में खिलाया, उन्हें भी नहीं बख्शा’

संगीत सोम ने अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के बीच रहे राजनीतिक विवादों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शिवपाल यादव ने अखिलेश यादव को बचपन में गोद में खिलाया, चलना सिखाया, पढ़ने के लिए भेजा और उनकी शादी तक कराई, लेकिन इसके बावजूद दोनों के बीच राजनीतिक टकराव सामने आया। संगीत सोम ने इसी राजनीतिक इतिहास को आधार बनाकर अखिलेश यादव पर ‘औरंगजेब जैसा व्यवहार’ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यही कथित मानसिकता अखिलेश यादव के पत्रकारों के साथ व्यवहार में भी दिखाई देती है और सवाल पूछे जाने पर उनके भड़कने को भी उन्होंने इसी से जोड़ दिया।

डिंपल यादव के सम्मान को लेकर अखिलेश पर निशाना

संगीत सोम ने अखिलेश यादव की राजनीति पर हमला करते हुए उनकी पत्नी और सांसद डिंपल यादव के सम्मान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव को अपनी पत्नी के सम्मान की चिंता नहीं है और वह केवल मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति में उलझे हुए हैं। संगीत सोम ने डिंपल यादव से जुड़े एक कथित अपमान के पुराने मामले का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा ने उस समय उनके सम्मान के समर्थन में आवाज उठाई थी। उन्होंने कहा कि डिंपल यादव को प्रदेश की बहू और बेटी मानते हुए उनके सम्मान की रक्षा की बात भाजपा ने की थी।

डिंपल यादव की राजनीतिक भूमिका को लेकर हालिया राजनीतिक विश्लेषणों में भी चर्चा बढ़ी है। आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए उन्हें समाजवादी पार्टी की महिला-केंद्रित राजनीतिक रणनीति के महत्वपूर्ण चेहरों में गिना जा रहा है।

‘सिर्फ मुस्लिम वोट बैंक दिखता है’

संगीत सोम ने अखिलेश यादव पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें केवल मुस्लिम वोट बैंक की चिंता है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की किसी बहू-बेटी के सम्मान का सवाल हो, तब भी अखिलेश यादव उस पर आवाज नहीं उठाते। इसी बयान के दौरान उन्होंने डिंपल यादव के सम्मान का मुद्दा भी जोड़ा और कहा कि जिस व्यक्ति को अपनी पत्नी के सम्मान की चिंता नहीं है, उसकी राजनीतिक सोच पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। हाल के दिनों में अखिलेश यादव भी भाजपा सरकार पर महंगाई, सामाजिक न्याय और अन्य मुद्दों को लेकर हमलावर रहे हैं।

अखिलेश पर पहले भी लगातार हमलावर रहे हैं संगीत सोम

यह पहली बार नहीं है जब संगीत सोम ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला हो। सितंबर के पहले सप्ताह में भी उन्होंने सहारनपुर में अवैध निर्माण के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर अखिलेश यादव, राहुल गांधी और असदुद्दीन ओवैसी को निशाने पर लिया था। इसके बाद मुजफ्फरनगर दंगे की बरसी के दौरान भी उन्होंने अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर कई राजनीतिक आरोप लगाए। अलग-अलग मौकों पर संगीत सोम ने अखिलेश यादव की राजनीति को लेकर तीखी टिप्पणियां की हैं।

2027 से पहले यूपी में तेज हो रही सियासी बयानबाजी

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा और समाजवादी पार्टी के नेताओं के बीच जुबानी हमले लगातार तेज हो रहे हैं। एक ओर अखिलेश यादव भाजपा सरकार पर महंगाई, विकास और सामाजिक मुद्दों को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं भाजपा नेता समाजवादी पार्टी की राजनीति, उसके वोट बैंक और परिवारवाद को लेकर निशाना साध रहे हैं। ऐसे माहौल में संगीत सोम का अखिलेश यादव पर ‘औरंगजेबी मानसिकता’ वाला हमला राजनीतिक बहस को और तीखा करने वाला बयान माना जा रहा है। हालांकि, संगीत सोम द्वारा लगाए गए परिवार और कथित निगरानी से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है और इन्हें उनके राजनीतिक दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

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