सेवा संकल्प अभियान: योगी बोले- मोदी के पास नहीं थी विरासत, तप-साधना और संघर्ष से बनाई पहचान; यूपी में होंगे ये बड़े कार्यक्रम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सेवा संकल्प अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना वंश परंपरा और राजनीतिक विरासत के तप, साधना और संघर्ष से अपनी पहचान बनाई। यूपी में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक कई बड़े कार्यक्रम होंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सेवा संकल्प अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना वंश परंपरा और राजनीतिक विरासत के तप, साधना और संघर्ष से अपनी पहचान बनाई। यूपी में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक कई बड़े कार्यक्रम होंगे।

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उत्तर प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ में पत्रकार वार्ता की। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने अभियान की विस्तृत रूपरेखा साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजनीतिक यात्रा और उनके सार्वजनिक जीवन के संघर्ष का उल्लेख किया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ न कोई वंश परंपरा थी और न ही उन्हें कोई राजनीतिक विरासत वंशानुगत रूप से मिली थी। उनके पास तप, साधना, संघर्ष और देश के लिए कुछ कर गुजरने की इच्छा थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उनकी साधना और तप का लाभ पूरे देश को एक योग्य नेतृत्व के रूप में मिल रहा है। मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री बनने और फिर देश के प्रधानमंत्री के रूप में शासन प्रमुख के तौर पर 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रदेश सरकार और भाजपा संगठन मिलकर एक महीने तक सेवा संकल्प अभियान चलाएंगे। इस अभियान की 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक की समयसीमा और व्यापक जनभागीदारी की योजना पहले से भी सामने आ चुकी है।
17 सितंबर को ‘सेवा दिवस’, हर ग्राम पंचायत और नगर निकाय में जलेगा ‘आशीर्वाद का दीया’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर प्रदेशभर में ‘सेवा दिवस’ मनाया जाएगा। इस दिन ग्राम पंचायतों, नगर निकायों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया जाएगा। इसके माध्यम से लोग प्रधानमंत्री के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना करेंगे। अस्पतालों में फल वितरण के साथ रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे और भाजपा तथा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता भी सेवा गतिविधियों में भाग लेंगे। अभियान का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि सेवा, सुशासन, जनकल्याण और विकास से जुड़े कार्यों को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ना है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने भी अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ संचालित करने और वास्तविक लाभार्थियों की कहानियों के माध्यम से सरकार की उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया था।
बड़नगर और काशी के बीच निकलेंगी 20 यात्राएं, यूपी की 10 नदियों का जल जाएगा गुजरात
सेवा संकल्प अभियान का एक प्रमुख आकर्षण बड़नगर और काशी के बीच प्रस्तावित सेवा यात्राएं होंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि बड़नगर से काशी के लिए 10 और काशी से बड़नगर के लिए 10 यात्राएं निकाली जाएंगी। बड़नगर से जल लेकर यात्राएं काशी पहुंचेंगी, जबकि उत्तर प्रदेश की 10 नदियों का पवित्र जल लेकर यात्राएं बड़नगर जाएंगी। सभी यात्राओं की शुरुआत 17 सितंबर को होगी और सात अक्तूबर को इनके निर्धारित गंतव्य तक पहुंचने की योजना है। यात्रा मार्ग में प्रतिदिन चार स्थानों पर चौपाल और जनसंवाद के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राष्ट्रीय स्तर पर घोषित सेवा संकल्प अभियान में वडनगर-वाराणसी के बीच जल आदान-प्रदान को भी प्रमुख कार्यक्रम के तौर पर शामिल किया गया है।

‘सेवा सेतु’ से योजनाओं से जुड़ेंगे वंचित पात्र, 826 विकासखंडों और 762 नगर निकायों में शिविर
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान का सबसे महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी हिस्सा ‘सेवा सेतु’ होगा। इसके तहत उन पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा, जो पात्र होने के बावजूद अभी तक किसी योजना से वंचित हैं। 29-30 सितंबर से 10 अक्तूबर के बीच प्रत्येक विकासखंड और जिला मुख्यालय के नगर निकाय में छह से सात दिन तक बहुउद्देशीय शिविर लगाने की योजना है। इन शिविरों में स्वास्थ्य योजनाओं के साथ पेंशन, आवास, शौचालय, राशन कार्ड समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए पात्र लोगों का पंजीकरण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजीकरण के बाद दो-तीन दिन के भीतर सत्यापन कराने और संबंधित कार्ड अथवा योजना का लाभ उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। प्रदेश में 826 विकासखंड और 762 नगर निकाय हैं। जरूरत पड़ने पर सेवा सेतु अभियान को दो चरणों में संचालित किया जाएगा। सरकार और संगठन का प्रयास रहेगा कि पात्र व्यक्ति केवल आवेदन करके शिविर से वापस न जाए, बल्कि संभव हो तो शिविर के दौरान ही उसे संबंधित योजना से जोड़ दिया जाए। इन शिविरों में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी भी रहेगी।
स्कूल से विश्वविद्यालय तक विद्यार्थियों के लिए चित्रकला, निबंध और भाषण प्रतियोगिता
सेवा संकल्प अभियान में विद्यार्थियों और युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए तीन अलग-अलग स्तरों पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। कक्षा पांच से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता, कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए निबंध लेखन प्रतियोगिता और विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए भाषण प्रतियोगिता आयोजित होगी। इन प्रतियोगिताओं की थीम ‘आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लिए आत्मनिर्भर और विकसित उत्तर प्रदेश’ रखी गई है। गांव, विकासखंड और जिला स्तर पर चयनित विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र दिए जाएंगे, जबकि सात अक्तूबर को प्रदेश स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में चयनित विद्यार्थियों को पुरस्कार दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वह स्वयं इस कार्यक्रम में उपस्थित होकर विद्यार्थियों को सम्मानित करेंगे। अभियान की रूपरेखा में बच्चों और युवाओं को जोड़ने वाले ऐसे कार्यक्रमों को विशेष स्थान दिया गया है।
‘सेवा मेरा योगदान’ में स्वच्छता से लेकर रक्तदान और करियर काउंसलिंग तक
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम भी 17 सितंबर से 17 अक्तूबर तक चलेगा। इसके तहत मलिन बस्तियों, घाटों, देवालयों और अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता एवं सेवा गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसमें मंत्री, जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी और आम नागरिक भाग ले सकेंगे। कार्यक्रम के साथ ‘एक पेड़ मां के नाम’, रक्तदान, स्वास्थ्य शिविर, मतदाता जागरूकता, वोकल फॉर लोकल, गोसेवा और युवाओं के लिए करियर काउंसलिंग जैसे कार्यक्रम भी जोड़े जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान से प्रेरणा लेते हुए लोग इन गतिविधियों में अपना सेवा योगदान देंगे। इससे पहले अभियान की प्रदेश स्तरीय रूपरेखा में भी रक्तदान, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य जांच और स्वच्छता जैसी सेवा गतिविधियों को शामिल करने की जानकारी सामने आई थी।
स्टार्टअप, आईटीआई और तकनीकी छात्रों के लिए ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’
युवाओं और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े विद्यार्थियों को अभियान से जोड़ने के लिए ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ आयोजित किया जाएगा। इसके तहत आईटीआई, पॉलिटेक्निक, तकनीकी संस्थानों, विश्वविद्यालयों और स्टार्टअप को जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में करीब 120 स्टार्टअप कार्यरत थे, जबकि अब इनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो गई है। अटल टिंकरिंग लैब और इनक्यूबेटर सेंटरों के साथ ड्रोन, रोबोटिक्स और स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़े विद्यार्थियों तथा युवाओं को भी इनोवेशन चैलेंज में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा ‘राष्ट्र के रंग, सेवा के रंग और राष्ट्र के संग’ थीम पर रंगोली प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें देश की प्रमुख उपलब्धियों को रचनात्मक तरीके से प्रदर्शित किया जाएगा। पंचायत और नगर निकाय के जनप्रतिनिधियों की भागीदारी के साथ ‘सुशासन सेवा संवाद’ भी अभियान का हिस्सा होगा।
मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाकर कांग्रेस पर योगी का हमला
पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन की चर्चा करते हुए कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस चर्चित बयान का उल्लेख किया, जिसमें केंद्र से भेजे गए 100 रुपये में गरीब तक केवल 15 रुपये पहुंचने की बात कही गई थी। योगी ने इसे तत्कालीन व्यवस्था की लाचारी और बेचारगी का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि जनधन खातों और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी की व्यवस्था के बाद केंद्र से 100 रुपये भेजे जाने पर पूरा पैसा लाभार्थी के खाते में पहुंचता है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचे और जनकल्याणकारी योजनाओं में हुए बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत ‘फ्रेजाइल फाइव’ से निकलकर दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में पहुंचा है और हाईवे, एक्सप्रेसवे, रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट तथा वाटरवे के क्षेत्र में बड़े स्तर पर काम हुआ है। वंदे भारत, नमो भारत और अमृत भारत जैसी ट्रेनों तथा एम्स, आईआईटी, आईआईएम और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों के विस्तार को भी उन्होंने विकास यात्रा का हिस्सा बताया।
‘2014 के बाद गुलामी की मानसिकता से बाहर निकला भारत’
मुख्यमंत्री ने देश की सांस्कृतिक विरासत के मुद्दे पर भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सोमनाथ मंदिर का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के सोमनाथ मंदिर से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होने का विरोध किया था। योगी ने आरोप लगाया कि लंबे समय तक भारत की विरासत को अपमानित करने और लोगों के मन में गुलामी की मानसिकता बनाए रखने का प्रयास हुआ। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद भारत इस मानसिकता से बाहर निकला है। काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण और भव्य-दिव्य कुंभ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विरासत और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ने का प्रयास हुआ है।
गरीब कल्याण योजनाओं और अंत्योदय को बताया सेवा यात्रा का आधार
योगी आदित्यनाथ ने केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में 26 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं, जिनमें छह करोड़ से अधिक उत्तर प्रदेश के हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक प्रदेश में करीब 16 करोड़ गरीब विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हुए हैं। आवास, शौचालय, उज्ज्वला, बिजली, राशन और पेयजल जैसी योजनाओं को उन्होंने गरीब परिवारों को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने वाला आधार बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्ष की सेवा यात्रा में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय और महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज की भावना भी समाहित है। इसी वजह से 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती और दो अक्तूबर को गांधी जयंती को भी अलग-अलग कार्यक्रमों के साथ सेवा संकल्प अभियान से जोड़ा गया है। अभियान गांव और बूथ से लेकर शक्ति केंद्र, विकासखंड, जिला और प्रदेश स्तर तक 17 अक्तूबर तक चलेगा।
एक महीने तक चलेगा अभियान, गांव से लेकर प्रदेश स्तर तक होंगे कार्यक्रम
कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश में ‘सेवा संकल्प अभियान’ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर से जोड़ते हुए सेवा, सुशासन, जनकल्याण, युवा भागीदारी, सांस्कृतिक विरासत और विकास उपलब्धियों को केंद्र में रखा गया है। अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को सेवा दिवस से होगी और 17 अक्तूबर तक अलग-अलग स्तरों पर कार्यक्रम चलेंगे। उत्तर प्रदेश सरकार और भाजपा संगठन संयुक्त रूप से इसकी गतिविधियों को आगे बढ़ाएंगे। अभियान की प्रदेश स्तरीय रूपरेखा में वास्तविक लाभार्थियों की कहानियों के माध्यम से योजनाओं को जनता तक पहुंचाने, युवाओं-महिलाओं-किसानों और वंचित वर्गों को जोड़ने तथा व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।



