श्रद्धा दुबे नागपुर से गिरफ्तार, शिवा शर्मा केस में यूपी एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई
लखनऊ के शिवा शर्मा मौत मामले में मॉडल श्रद्धा दुबे, उनकी बहन रश्मि दुबे और चालक दानिश को नागपुर से गिरफ्तार किया गया। जानिए पूरा घटनाक्रम।

श्रद्धा दुबे नागपुर से गिरफ्तार, शिवा शर्मा मौत मामले में यूपी एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई; बहन और चालक भी पकड़े गए
लखनऊ। लखनऊ के हजरतगंज थाना क्षेत्र में कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में फरार चल रही मॉडल श्रद्धा दुबे को गिरफ्तार कर लिया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लखनऊ पुलिस और उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने नागपुर पुलिस की मदद से कार्रवाई करते हुए श्रद्धा दुबे, उनकी बहन रश्मि दुबे और चालक दानिश को नागपुर से गिरफ्तार किया है। तीनों पर इस मामले में फरार रहने के दौरान 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस के मुताबिक, आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपियों को लखनऊ लाया जा रहा है।
शिवा शर्मा की मौत के बाद से फरार थीं श्रद्धा दुबे
यह मामला 9 अक्टूबर 2026 को कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के बाद सामने आया था। घटना श्रद्धा दुबे के फ्लैट में हुई थी। अगले दिन, 10 अक्टूबर को शिवा की मां रंजना शर्मा की लिखित शिकायत के आधार पर हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। उपलब्ध विवरण के अनुसार, मुकदमा संख्या 216/2026 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत दर्ज किया गया था।
शिकायत में श्रद्धा दुबे, उनकी बहन रश्मि दुबे और अन्य लोगों की भूमिका को लेकर आरोप लगाए गए। मामले में नाम सामने आने के बाद श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और चालक दानिश फरार बताए जा रहे थे। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी।
नेपाल से आगरा तक तलाश, बदलती रही लोकेशन
जांच के दौरान श्रद्धा दुबे की तलाश में पुलिस को कई जगहों पर सुराग मिले। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, उनकी गाड़ी बहराइच जिले के रुपईडीहा इलाके में लावारिस हालत में बरामद हुई थी। इसके बाद नेपाल से जुड़े सीसीटीवी फुटेज सामने आने और उनके नेपाल से लखनऊ आने के बाद आगरा जाने की जानकारी मिलने की बात कही गई।
इस बीच श्रद्धा दुबे ने अपने बचाव में वीडियो बयान भी जारी किए। उन्होंने एक मीडिया संस्थान को इंटरव्यू दिया, जिसके बाद उनकी लोकेशन और पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे। लगातार फरार रहने के कारण पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज की और उन पर इनाम घोषित किया।
हालांकि, अलग-अलग स्थानों पर उनकी मौजूदगी से जुड़े सभी विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती।
नागपुर में संयुक्त कार्रवाई कर तीनों आरोपियों को पकड़ा
आरोपियों की तलाश में उत्तर प्रदेश एसटीएफ को भी लगाया गया था। पुलिस के अनुसार, सुराग मिलने के बाद 20 अक्टूबर 2026 को लखनऊ पुलिस और यूपी एसटीएफ की संयुक्त टीम ने नागपुर पुलिस के सहयोग से कार्रवाई की। इस दौरान श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और चालक दानिश को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, तीनों आरोपियों को आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद लखनऊ लाया जा रहा है। गिरफ्तारी के बाद अब जांच में आरोपियों से पूछताछ, घटना से जुड़े साक्ष्यों और उनकी फरारी के दौरान संपर्क में रहे लोगों की भूमिका जैसे पहलुओं पर जानकारी सामने आने की संभावना है।
मामले को लेकर पुलिस महकमे में भी हुई कार्रवाई
श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी से पहले मामले को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे थे। मुख्य आरोपियों के लगातार पकड़ से बाहर रहने के बीच पुलिस महकमे में भी फेरबदल किए गए।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किया गया। डीसीपी मध्य विक्रांत वीर को उनके पद से हटाया गया, जबकि एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा का भी तबादला किया गया। इन कार्रवाइयों का घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया, जब पुलिस पर फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का दबाव था।
रायबरेली में श्रद्धा के पिता और सौतेली मां से हुई पूछताछ
श्रद्धा दुबे की तलाश के दौरान लखनऊ पुलिस की एक टीम रायबरेली स्थित उनके घर रामजीपुरम भी पहुंची थी। वहां पुलिस ने उनके पिता एसपी दुबे और सौतेली मां से बंद कमरे में करीब डेढ़ घंटे तक पूछताछ की थी।
पूछताछ के दौरान पुलिस ने श्रद्धा के करीबियों, संभावित मददगारों और उनके संपर्कों से जुड़ी जानकारी जुटाने का प्रयास किया। उनसे यह भी पूछा गया कि श्रद्धा आखिरी बार घर कब आई थीं और परिजनों की उनसे आखिरी बातचीत कब हुई थी। इसके बाद पुलिस ने आसपास के लोगों से भी पूछताछ की थी।
शिवा की मां रंजना शर्मा ने लगाए गंभीर आरोप
शिवा शर्मा की मां रंजना शर्मा ने फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए श्रद्धा दुबे पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि श्रद्धा काफी शातिर दिमाग की हैं और उन्हें शुरुआत में लगा था कि वह नेपाल में हैं, जहां से उन्हें पकड़ना मुश्किल हो सकता है।
रंजना शर्मा ने एक मीडिया संस्थान को श्रद्धा का इंटरव्यू दिए जाने के बाद सवाल उठाया था कि यदि मीडिया उन तक पहुंच सकती है, तो पुलिस क्यों नहीं पहुंच पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रद्धा खुद को बचाने के लिए वीडियो जारी कर रही थीं।
ये आरोप रंजना शर्मा की ओर से लगाए गए हैं। मामले में इनकी पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर होगी।
मोबाइल फोन और कथित ब्लैकमेलिंग को लेकर भी उठाए सवाल
रंजना शर्मा ने दावा किया था कि शिवा शर्मा अपने दोनों मोबाइल फोन में दिनभर की गतिविधियां दर्ज करते थे, लेकिन घटना के बाद से उनके फोन नहीं मिले हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि श्रद्धा दुबे उनके बेटे को ब्लैकमेल करती थीं और साजिश के तहत उसकी हत्या की गई।
रंजना के मुताबिक, घटना से लगभग 15 दिन पहले हजरतगंज स्थित हनुमान मंदिर में उनकी श्रद्धा से मुलाकात हुई थी। उन्होंने बताया था कि शिवा की दोस्त होने के नाते उन्होंने श्रद्धा से उनकी पहचान संबंधी जानकारी भी मांगी थी। शिवा पर कर्ज होने की बात पर रंजना ने कहा था कि वह व्यवसायी हैं और उनके यहां लेनदेन होता रहता है।
मौत के बाद अस्पताल ले जाने को लेकर भी उठे सवाल
रंजना शर्मा ने यह भी दावा किया था कि शिवा की मौत के बाद श्रद्धा करीब दो घंटे तक उन्हें अलग-अलग बातें बताकर बहकाती रहीं। उनके अनुसार, श्रद्धा ने घायल शिवा को पहले एक निजी अस्पताल और फिर लोहिया अस्पताल ले जाने की बात कही थी।
रंजना के मुताबिक, जब वह लोहिया अस्पताल पहुंचीं तो वहां श्रद्धा नहीं मिलीं। इसके बाद उन्हें ट्रॉमा सेंटर बुलाया गया, लेकिन उनके पहुंचने तक आरोपी वहां से जा चुके थे। इन घटनाओं को लेकर रंजना ने सवाल उठाए थे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी।
गिरफ्तारी के बाद जांच पर टिकी निगाहें
शिवा शर्मा मौत मामले में तीन आरोपियों की नागपुर से गिरफ्तारी को पुलिस की जांच में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। अब मामले में पूछताछ और साक्ष्यों की जांच के बाद ही घटना की परिस्थितियों, आरोपियों की कथित भूमिका और फरारी से जुड़े पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल, श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और दानिश के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया के आधार पर होगा।



