अयोध्या में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 185 जोड़ों की शादी, मुस्लिम जोड़े का निकाह भी हुआ
अयोध्या के गोसाईगंज में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 185 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। राम सुचित महाविद्यालय में आयोजित समारोह में एक मुस्लिम जोड़े का निकाह भी हुआ।

अयोध्या के गोसाईगंज में 185 जोड़ों ने थामा एक-दूजे का हाथ, सामूहिक विवाह समारोह में निकाह भी संपन्न
अयोध्या। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सोमवार को अयोध्या के गोसाईगंज स्थित राम सुचित महाविद्यालय में 185 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन आयोजित समारोह में वैदिक मंत्रोच्चार और शहनाइयों की गूंज के बीच विवाह की रस्में पूरी हुईं, जबकि एक मुस्लिम जोड़े का निकाह भी संपन्न कराया गया। कार्यक्रम में गोसाईगंज विधायक अभय सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रज्ञा पाण्डेय सहित अन्य अतिथि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
समारोह की शुरुआत गणेश वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। मयाबाजार और तारुन विकासखंड के साथ नगर पंचायत गोसाईगंज क्षेत्र के जोड़ों ने इसमें हिस्सा लिया। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में नवदंपतियों को योजना के तहत निर्धारित सहायता और गृहस्थी की आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई।
मयाबाजार, तारुन और गोसाईगंज के जोड़े हुए शामिल
राम सुचित महाविद्यालय में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में मयाबाजार विकासखंड के 90, तारुन विकासखंड के 92 और नगर पंचायत गोसाईगंज क्षेत्र के तीन जोड़े शामिल हुए। इस तरह कुल 185 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। विवाह मंडप को फूलों और रंग-बिरंगी सजावट से सजाया गया था। नवविवाहित जोड़ों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ नए जीवन की शुरुआत की।
हिंदू जोड़ों का विवाह वैदिक विधि-विधान के अनुसार कराया गया, जबकि मुस्लिम जोड़े का निकाह भी संपन्न हुआ। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों ने भाग लिया। योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को विवाह के खर्च में सहायता देने का प्रयास किया गया, ताकि आर्थिक कठिनाइयों के बीच भी परिवार अपने बच्चों का विवाह सम्मानपूर्वक कर सकें।
विधायक अभय सिंह ने नवदंपतियों को दी शुभकामनाएं
समारोह में मौजूद गोसाईगंज विधायक अभय सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार बेटियों के सम्मान और सुरक्षित भविष्य के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने महिलाओं के नाम पर आवास उपलब्ध कराने की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे महिलाओं को घर में मालिकाना हक और सम्मान मिलता है।
विधायक ने नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी के आवश्यक सामान भी भेंट किए। उन्होंने बेटियों को भरोसा दिलाया कि किसी भी परेशानी की स्थिति में वह और उनका परिवार हरसंभव सहायता के लिए तत्पर रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान नवदंपतियों और उनके परिजनों के बीच उत्साह का माहौल रहा।
आर्थिक तंगी के बीच योजना से मिला सहारा
तारुन विकासखंड के लाभार्थी अनुराग विश्वकर्मा ने बताया कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। परिवार की आमदनी का बड़ा हिस्सा भाई-बहनों की पढ़ाई और घर के खर्च में चला जाता था, जिसके कारण विवाह के लिए कर्ज लेने की नौबत आ गई थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से उन्हें सहारा मिला और बिना आर्थिक चिंता के विवाह संपन्न हो सका।
उनकी पत्नी रोहिणी विश्वकर्मा ने भी कहा कि मां ब्रह्मचारिणी की कृपा और सरकार की मदद से उनके नए जीवन की शुरुआत हुई है। लाभार्थियों ने योजना को आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए मददगार बताया।
मजदूर पिता के लिए मुश्किल था शादी का खर्च उठाना
समारोह में शामिल तारुन विकासखंड की लाभार्थी सकीना बानो ने बताया कि उनके पिता मजदूरी करते हैं और परिवार में तीन बहनें हैं। ऐसे में शादी का खर्च उठाना परिवार के लिए मुश्किल था। उन्होंने कहा कि योजना के तहत सहायता मिलने से उनका विवाह संपन्न हो सका और परिवार में खुशी का माहौल है।
सकीना बानो के पति मोहम्मद कयूम ने भी योजना की सराहना की। उन्होंने इसे जरूरतमंद परिवारों को राहत देने वाली पहल बताया। समारोह में अलग-अलग समुदायों के जोड़ों की भागीदारी ने सामाजिक सहयोग और समावेशिता का संदेश दिया।
समाज कल्याण अधिकारी ने बताया योजना का उद्देश्य
जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रज्ञा पाण्डेय ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से सैकड़ों जोड़ों का विवाह कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि नवरात्र के अवसर पर आयोजित यह समारोह जरूरतमंद परिवारों को सहयोग देने और सामाजिक एकता का संदेश देता है। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों और लाभार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में क्या मिलता है लाभ?
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना वर्ष 2017-18 से संचालित है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहायता देना है। इसके साथ ही विधवा, परित्यक्ता और तलाकशुदा महिलाओं के पुनर्विवाह में सहयोग का भी प्रावधान बताया गया है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, योजना के तहत प्रत्येक जोड़े पर कुल एक लाख रुपये खर्च किए जाने का उल्लेख है। इसमें 64 हजार रुपये वधू के बैंक खाते में हस्तांतरित किए जाने, 21 हजार रुपये मूल्य की गृहस्थी की सामग्री दिए जाने और 15 हजार रुपये समारोह के आयोजन पर खर्च किए जाने की जानकारी दी गई है।
योजना के लिए पात्रता की शर्तें
- आयु: कन्या की आयु कम से कम 18 वर्ष और वर की आयु 21 वर्ष होनी चाहिए।
- पारिवारिक आय: परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये तक होनी चाहिए।
- निवास: आवेदक उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।
- लाभार्थी: उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सभी वर्गों के पात्र परिवार योजना का लाभ ले सकते हैं।
- उद्देश्य: विवाह के खर्च में सहायता देना और जरूरतमंद परिवारों को राहत पहुंचाना।



