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अखिलेश यादव पर बीजेपी का हमला, महिला सुरक्षा, PDA और EVM को लेकर लगाए आरोप

यूपी में डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, राकेश त्रिपाठी और राजेश चौधरी ने अखिलेश यादव पर महिला सुरक्षा, चुनाव आयोग, EVM और PDA की राजनीति को लेकर निशाना साधा।

अखिलेश यादव पर बीजेपी का हमला, महिला सुरक्षा और PDA को लेकर लगाए आरोप; EVM पर भी घेरा

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भारतीय जनता पार्टी के तीन नेताओं ने महिला सुरक्षा, पत्रकारों के सम्मान, चुनाव आयोग और PDA की राजनीति को लेकर निशाना साधा है। उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी और भाजपा विधायक राजेश चौधरी ने सपा प्रमुख के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन पर सवाल उठाए। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी महिला सुरक्षा के मुद्दे पर दोहरा रवैया अपनाती है और PDA के नाम पर समाज को बांटने की राजनीति करती है। ये आरोप भाजपा नेताओं ने अपने बयानों में लगाए हैं।

महिला पत्रकारों के सम्मान पर डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने दी प्रतिक्रिया

महिला पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा को लेकर अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि महिला पत्रकारों के साथ-साथ हर महिला का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने महिलाओं के सम्मान को हमेशा महत्व दिया है।

सक्सेना ने समाजवादी पार्टी के शासनकाल पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उस दौरान महिलाओं के खिलाफ अपराध और दुर्व्यवहार की घटनाएं होती थीं। उन्होंने प्रदेश में दंगों का भी जिक्र किया और दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता आगामी चुनावों में अखिलेश यादव को फिर सबक सिखाएगी।

राकेश त्रिपाठी बोले- महिला सुरक्षा पर बोलने का सपा को नैतिक अधिकार नहीं

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के शासनकाल में महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने वालों को संरक्षण दिया जाता था। त्रिपाठी ने कहा कि आज अखिलेश यादव पत्रकारों के सम्मान की बात कर रहे हैं, जबकि उनके मुताबिक, सपा प्रमुख अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों के साथ अपमानजनक व्यवहार करते हैं।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि महिला सुरक्षा और पत्रकारों के सम्मान जैसे मुद्दों पर बयान देने से पहले समाजवादी पार्टी को अपने पिछले कार्यकाल के रिकॉर्ड पर भी विचार करना चाहिए। उनके बयान में सपा की नीतियों और अखिलेश यादव के सार्वजनिक व्यवहार को लेकर सवाल उठाए गए।

चुनाव आयोग और EVM पर सवालों को लेकर भी पलटवार

चुनाव आयोग और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर अखिलेश यादव के सवालों पर राकेश त्रिपाठी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर चुनावी नतीजों के अनुसार अपना रुख बदलने का आरोप लगाया। त्रिपाठी के मुताबिक, जब सपा को चुनाव में अच्छे परिणाम मिलते हैं, तब चुनाव आयोग को लेकर शिकायतें नहीं की जातीं, लेकिन प्रतिकूल नतीजे आने पर आयोग और EVM पर सवाल उठाए जाते हैं।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि चुनाव जीतने के लिए जनता का विश्वास हासिल करना जरूरी है। उन्होंने चुनाव आयोग पर आरोप लगाने और EVM को दोष देने की राजनीति को लोकतंत्र के लिए उचित नहीं बताया। ये टिप्पणियां चुनावी प्रक्रिया को लेकर भाजपा और सपा के बीच जारी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा हैं।

लोहिया के आदर्शों को लेकर सपा पर उठाए सवाल

राकेश त्रिपाठी ने अखिलेश यादव की राजनीति की तुलना डॉ. राममनोहर लोहिया के विचारों से करते हुए कहा कि सपा प्रमुख को केवल लोहिया का नाम लेने के बजाय उनके आदर्शों पर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोहिया रामायण मेलों की बात करते थे, जबकि समाजवादी पार्टी के नेताओं पर रामचरितमानस को फाड़ने और जलाने के आरोप लगे हैं।

त्रिपाठी ने परिवारवाद का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि लोहिया परिवारवाद की राजनीति के विरोधी थे, लेकिन समाजवादी पार्टी अब परिवारवाद को समर्पित हो गई है। भाजपा प्रवक्ता ने इन उदाहरणों के जरिए सपा की विचारधारा और उसके राजनीतिक व्यवहार पर सवाल खड़े किए।

राजेश चौधरी बोले- PDA के नाम पर समाज को बांट रही सपा

भाजपा विधायक राजेश चौधरी ने भी अखिलेश यादव की राजनीति पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव और डॉ. राममनोहर लोहिया के आदर्शों में कोई तालमेल नहीं है। चौधरी ने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख लोहिया के नाम का इस्तेमाल करते हैं, जबकि उनकी राजनीति समाज को जातियों में बांटने वाली है।

राजेश चौधरी ने PDA के नारे को विभाजनकारी बताते हुए आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी एक धर्म और एक जाति विशेष को ध्यान में रखकर राजनीति करती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सपा अपने राजनीतिक हितों के लिए दूसरे समाजों में विभाजन और विद्रोह की स्थिति पैदा करना चाहती है। ये आरोप भाजपा विधायक ने सपा की राजनीतिक रणनीति की आलोचना करते हुए लगाए।

महिला सुरक्षा से लेकर PDA तक, भाजपा ने सपा को घेरा

डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, राकेश त्रिपाठी और राजेश चौधरी के बयानों में महिला सुरक्षा, पत्रकारों के सम्मान, चुनाव आयोग, EVM और लोहिया के विचारों जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। भाजपा नेताओं ने इन विषयों के आधार पर अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी की राजनीति पर सवाल उठाए।

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