भदोही का नाम होगा संत रविदासनगर , योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में भदोही का नाम संत रविदासनगर भदोही करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली। जानें नामकरण का इतिहास और नए नाम का आधार।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भदोही जिले के नाम में संत शिरोमणि गुरु रविदास का नाम दोबारा शामिल करने के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी मिल गई है। प्रस्ताव के अनुसार जिले का नाम अब ‘संत रविदासनगर भदोही’ होगा। सरकार के इस फैसले में संत रविदास के नाम को सम्मान देने के साथ भदोही की ऐतिहासिक पहचान को भी बनाए रखने की बात कही गई है। कैबिनेट बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने नामकरण संबंधी निर्णय की जानकारी दी।
सपा सरकार में बदला गया था जिले का नाम
भदोही जिले के नामकरण का इतिहास राजनीतिक फैसलों से जुड़ा रहा है। वर्ष 1997 में मायावती सरकार के कार्यकाल में जिले का नाम संत रविदास नगर रखा गया था। वर्ष 2014 में तत्कालीन अखिलेश यादव सरकार ने इसका नाम बदलकर भदोही कर दिया था। अब योगी सरकार ने संत रविदास का नाम दोबारा जोड़ने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। नए नाम में संत रविदास और भदोही, दोनों का उल्लेख रहेगा।
संत रविदास के सम्मान और स्थानीय विरासत पर जोर
संत रविदास भारतीय संत परंपरा और सामाजिक सुधार के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। उनका नाम दलित समाज की आस्था और सामाजिक चेतना से भी जुड़ा है। दूसरी ओर, भदोही की ऐतिहासिक विरासत को लेकर भार राज का संदर्भ दिया जाता है, जिसे राजभर समाज अपनी परंपरा और सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर देखता है। ऐसे में नए नाम में संत रविदास और भदोही, दोनों को स्थान दिए जाने को सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस फैसले के राजनीतिक निहितार्थों पर भी चर्चा हो रही है। इसे दलित और राजभर समाज की पहचान को महत्व देने वाले कदम के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, राजनीतिक संदेश से जुड़े ऐसे आकलन विश्लेषण का विषय हैं; सरकार की ओर से नामकरण का आधार संत रविदास के सम्मान और भदोही की पहचान को बनाए रखना बताया गया है।
राजस्व संहिता के तहत नाम परिवर्तन की प्रक्रिया
दी गई जानकारी के अनुसार, नाम परिवर्तन का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की संशोधित धारा 6(2) के तहत मंजूर किया गया है। इस प्रावधान के अंतर्गत राज्य सरकार अधिसूचना जारी करके किसी राजस्व क्षेत्र का नाम निर्धारित कर सकती है। प्रस्ताव को केंद्र सरकार के 11 सितंबर 1953 के संबंधित परिपत्र के अनुरूप भी बताया गया है।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद नाम परिवर्तन को लागू करने के लिए संबंधित औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नए नाम ‘संत रविदासनगर भदोही’ में संत रविदास के नाम के साथ जिले की प्रचलित पहचान को भी बनाए रखने का प्रयास किया गया है।



