UP में पूर्व अग्निवीरों को 20% आरक्षण, आयु सीमा 28 वर्ष; भर्ती नियमों में संशोधन को मंजूरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में पूर्व अग्निवीरों को पुलिस, वन, कारागार और परिवहन विभाग की भर्तियों में 20% आरक्षण देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सेना में सेवा पूरी कर चुके पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी के अवसरों से जुड़ा बड़ा फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में पूर्व अग्निवीरों की भर्ती से संबंधित नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी गई। सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पुलिस, वन, कारागार और परिवहन विभाग की भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही अधिकतम आयु सीमा 25 वर्ष से बढ़ाकर 28 वर्ष करने और लिखित व शारीरिक परीक्षा से छूट देने की व्यवस्था भी बताई गई है। इस निर्णय का उद्देश्य सैन्य सेवा पूरी करने के बाद सरकारी नौकरी के इच्छुक युवाओं के लिए भर्ती प्रक्रिया को सुगम बनाना है।
पुलिस, वन, कारागार और परिवहन विभाग में मिलेगा आरक्षण
कैबिनेट के फैसले के तहत उत्तर प्रदेश के चार विभागों—पुलिस, वन, कारागार और परिवहन—की भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। प्रेस नोट के मुताबिक, अभ्यर्थियों को उनकी मूल श्रेणी के अनुसार आरक्षण का लाभ मिलेगा। इससे इन विभागों में नियुक्ति के लिए आवेदन करने वाले पात्र पूर्व अग्निवीरों को सरकारी सेवाओं में अवसर मिल सकेंगे। भर्ती के समय आरक्षण की पात्रता और संबंधित शर्तें लागू नियमावली के अनुसार निर्धारित होंगी।
अधिकतम आयु सीमा 25 से बढ़ाकर 28 वर्ष
पूर्व अग्निवीरों को भर्ती में आयु सीमा के स्तर पर भी राहत देने का निर्णय लिया गया है। सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, अधिकतम आयु सीमा 25 वर्ष से बढ़ाकर 28 वर्ष की जाएगी। इस तरह अभ्यर्थियों को तीन वर्ष की अतिरिक्त छूट मिलेगी। इससे सैन्य सेवा पूरी करने के बाद सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं को आवेदन के लिए अधिक समय मिल सकेगा।
लिखित और शारीरिक परीक्षा से छूट का प्रावधान
प्रेस नोट के अनुसार, संबंधित विभागों की भर्ती प्रक्रिया में पूर्व अग्निवीरों को लिखित और शारीरिक परीक्षा से छूट देने का निर्णय लिया गया है। उन्हें केवल मेडिकल परीक्षण से गुजरना होगा। यह व्यवस्था सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके युवाओं के लिए भर्ती प्रक्रिया को आसान बनाने के उद्देश्य से की गई है। हालांकि, वास्तविक भर्ती में छूट का दायरा और पात्रता संशोधित नियमावली तथा संबंधित भर्ती अधिसूचना के प्रावधानों के अनुसार लागू होंगे।
परिवहन मंत्री ने बताया नियमावली संशोधन का कारण
कैबिनेट बैठक के बाद परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि अग्निवीर योजना के तहत भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2022 में शुरू हुई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने पूर्व अग्निवीरों की नियुक्ति से संबंधित नियमावली में संशोधन किया है। इस फैसले के जरिए सैन्य सेवा पूरी कर चुके युवाओं को प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।
सैन्य सेवा के बाद उत्तर प्रदेश में नौकरी के अवसर
अग्निवीर योजना के तहत सेना में भर्ती होने वाले युवाओं के लिए सेवा अवधि पूरी होने के बाद रोजगार के अवसर महत्वपूर्ण होते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले के अनुसार, पूर्व अग्निवीरों को चार विभागों में आरक्षण, अधिकतम आयु सीमा में छूट और परीक्षा प्रक्रिया में रियायत का लाभ देने की व्यवस्था की जाएगी। इससे सैन्य सेवा के दौरान प्रशिक्षण और अनुशासन का अनुभव हासिल करने वाले पात्र युवाओं को प्रदेश की सरकारी सेवाओं में काम करने का अवसर मिल सकता है। अभ्यर्थियों को आवेदन करने से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक भर्ती अधिसूचना और संशोधित नियमावली में पात्रता, आरक्षण तथा चयन प्रक्रिया की शर्तों की पुष्टि करनी चाहिए।



