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जेवर एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने का प्रस्ताव, योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी

उत्तर प्रदेश की योगी कैबिनेट ने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट नोएडा जेवर रखने का प्रस्ताव पारित किया। मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया।

जेवर एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने का प्रस्ताव, योगी कैबिनेट ने लगाई मुहर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों उपमुख्यमंत्रियों और राजग सहयोगियों के साथ की पत्रकार वार्ता, प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्ष के सेवाकाल पर मंत्रिपरिषद ने पारित किया अभिनंदन प्रस्ताव

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने जेवर में निर्माणाधीन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट नोएडा जेवर’ रखने का प्रस्ताव पारित किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लोकभवन के मीडिया सेंटर में आयोजित पत्रकार वार्ता में इसकी जानकारी दी। इस दौरान दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक तथा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सहयोगी दलों के नेता भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से उत्तर प्रदेश विमानन और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। नामकरण संबंधी यह निर्णय फिलहाल कैबिनेट द्वारा पारित प्रस्ताव के रूप में बताया गया है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मंत्रिपरिषद की ओर से पारित अभिनंदन प्रस्ताव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सात अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी और इसके बाद देश के प्रधानमंत्री के तौर पर भी जनसेवा की यात्रा आगे बढ़ाई। मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश से सांसद के रूप में देश का नेतृत्व कर रहे हैं और काशी से उनका विशेष जुड़ाव प्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण रहा है।

2017 से पहले असुरक्षा, अब निवेश का वातावरण: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश प्रशासनिक शिथिलता, असुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी चुनौतियों से जूझ रहा था। उनके अनुसार, केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय, पारदर्शी प्रशासन और तकनीक के इस्तेमाल से प्रदेश में कानून-व्यवस्था और निवेश के वातावरण को बेहतर बनाने की दिशा में काम हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचे के विस्तार से उत्तर प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों, परिवहन और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिला है।

60 हजार करोड़ रुपये से 42 राष्ट्रीय राजमार्गों का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में लगभग 60 हजार करोड़ रुपये की लागत से 2,483 किलोमीटर लंबे 42 राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया गया है। उन्होंने दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून, दिल्ली-मेरठ और कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का उल्लेख करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से आवागमन को बेहतर बनाने में मदद मिली है। मुख्यमंत्री के अनुसार, दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत ट्रेन परियोजना पर 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं। इसके अलावा लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद और नोएडा-ग्रेटर नोएडा में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार को भी शहरी परिवहन के विकास से जोड़ा।

ब्रह्मोस यूनिट और पीएम मित्रा पार्क से औद्योगिक विकास पर जोर

मुख्यमंत्री ने औद्योगिक और माल परिवहन से जुड़ी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि दादरी में पूर्वी और पश्चिमी मालवाहक रेल गलियारों का जंक्शन विकसित हुआ है। इन गलियारों का 1,050 किलोमीटर से अधिक हिस्सा उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है। उन्होंने वाराणसी में मल्टीमॉडल इनलैंड पोर्ट टर्मिनल और 100 एकड़ के फ्रेट विलेज का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल असेंबली यूनिट, रक्षा औद्योगिक गलियारा और एक हजार एकड़ में विकसित किया जा रहा पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क औद्योगिक विस्तार के लिए महत्वपूर्ण परियोजनाएं हैं।

तीन करोड़ से अधिक किसानों को एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की सम्मान निधि

कृषि और किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत उत्तर प्रदेश के तीन करोड़ से अधिक किसानों के खातों में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि भेजी गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 86 लाख लघु एवं सीमांत किसानों का कर्ज माफ किया गया। मुख्यमंत्री के अनुसार, 5.50 करोड़ किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 13.42 लाख करोड़ रुपये से अधिक का फसली ऋण वितरित हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि 79.51 लाख किसानों को फसल क्षतिपूर्ति मिली और गन्ना किसानों को 3.30 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया।

65 लाख परिवारों को आवास, करीब 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन

मुख्यमंत्री ने गरीब परिवारों को आवास, खाद्य सुरक्षा और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने से जुड़ी योजनाओं के आंकड़े भी साझा किए। उनके मुताबिक, प्रदेश में 65 लाख से अधिक गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास मिले हैं। उन्होंने बताया कि 3.67 करोड़ राशन कार्डधारक परिवारों के करीब 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। जल जीवन मिशन के तहत 2.46 करोड़ ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन उपलब्ध कराने, 3.37 करोड़ शौचालय और 59,183 सामुदायिक शौचालयों के निर्माण का भी उल्लेख किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्ज्वला योजना के तहत प्रदेश में 1.86 करोड़ मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए हैं और राज्य सरकार होली तथा दीपावली पर पात्र लाभार्थियों को मुफ्त गैस सिलेंडर उपलब्ध करा रही है।

आयुष्मान योजना से 18,798 करोड़ रुपये के मुफ्त उपचार का दावा

स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उत्तर प्रदेश में छह करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए गए हैं, जिनसे 9.90 करोड़ से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि 1.09 करोड़ गंभीर रोगियों को 18,798 करोड़ रुपये का मुफ्त उपचार उपलब्ध कराया गया। मुख्यमंत्री ने आरोग्य मेलों में 14.67 करोड़ लोगों के उपचार और गोरखपुर तथा रायबरेली में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के संचालन का भी उल्लेख किया।

साढ़े नौ लाख सरकारी नौकरियां और 65 लाख निजी नियुक्तियों का उल्लेख

रोजगार और कौशल विकास के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 9.50 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं, जबकि निजी क्षेत्र में 65 लाख नियुक्तियां हुई हैं। उन्होंने बताया कि 31.11 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया और 62 लाख से अधिक युवाओं को स्मार्टफोन तथा टैबलेट उपलब्ध कराए गए। खेल सुविधाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय, काशी में आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का जिक्र किया।

एक करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं

मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्रदेश में 10 लाख स्वयं सहायता समूहों से एक करोड़ से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 15 लाख रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को सहायता दिए जाने और स्वामित्व योजना के माध्यम से 1.10 करोड़ ग्रामीण परिवारों को घरौनी उपलब्ध कराने का भी उल्लेख किया। उन्होंने पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण को भी केंद्र सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियों में शामिल किया।

ओडीओपी को वैश्विक पहचान, कृषि उत्पादन में उत्तर प्रदेश की भूमिका

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में एक जिला, एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना की भूमिका रही है। उन्होंने काशी की गुलाबी मीनाकारी, निजामाबाद की ब्लैक पॉटरी, कन्नौज के इत्र और लखनऊ की जरदोजी का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश खाद्यान्न, दूध, गन्ना, आम, आंवला और मिलेट उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल है।

राम मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम से सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से जुड़ी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा और काशी विश्वनाथ धाम के विस्तार को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा और पिपरहवा के बौद्ध अवशेषों की विदेश से वापसी, महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं की सहभागिता, काशी तमिल संगमम, बौद्ध सर्किट, संत रविदास जन्मस्थली, चौरी-चौरा शताब्दी समारोह और राष्ट्र प्रेरणा स्थल जैसे आयोजनों तथा स्थलों ने प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को व्यापक मंच दिया है। मुख्यमंत्री ने महामना मदन मोहन मालवीय और चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दिए जाने का भी उल्लेख किया।

विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत-2047 का संकल्प

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्ष की सार्वजनिक सेवा यात्रा के अभिनंदन के साथ विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने कहा कि सरकार बुनियादी ढांचे, रोजगार, कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े क्षेत्रों में काम जारी रखेगी ।

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