इमरान मसूद की नियुक्ति पर रालोद का तंज, बोले- कांग्रेस-सपा गठबंधन में तनाव चरम पर
इमरान मसूद को यूपी कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद रालोद प्रवक्ता रोहित अग्रवाल ने सपा-कांग्रेस गठबंधन और सीट शेयरिंग को लेकर कई दावे किए।

इमरान मसूद की नियुक्ति पर रालोद का तंज, रोहित अग्रवाल बोले- कांग्रेस-सपा गठबंधन में तनाव चरम पर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस के संगठनात्मक बदलाव के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने 2 अक्टूबर को को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है, जबकि आराधना मिश्रा ‘मोना’ को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। इस बदलाव के बाद कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच संभावित सीट बंटवारे को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हुई हैं।
इसी राजनीतिक घटनाक्रम पर राष्ट्रीय लोकदल के प्रवक्ता रोहित अग्रवाल ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन को लेकर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर तनाव बढ़ रहा है और कांग्रेस 150 से कम सीटों पर समझौता करने को तैयार नहीं है। यह दावा ऐसे समय आया है जब कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र गौतम की ओर से भी 150 सीटों से कम पर समझौता न करने की बात सामने आई है। हालांकि अंतिम सीट बंटवारा अभी तय नहीं हुआ है।
इमरान मसूद की नियुक्ति के बाद सीट शेयरिंग पर बढ़ी चर्चा
कांग्रेस के संगठनात्मक फेरबदल में आराधना मिश्रा ‘मोना’ को प्रदेश अध्यक्ष और इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा चौधरी वीरेंद्र सिंह को उत्तर प्रदेश कांग्रेस विधायक दल का नेता नियुक्त किया गया है। कांग्रेस ने ये बदलाव 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले किए हैं।
इमरान मसूद की नियुक्ति के बाद उनके हालिया बयानों और कांग्रेस की सीट शेयरिंग की मांग को लेकर समाजवादी पार्टी के साथ राजनीतिक मतभेदों की चर्चा भी सामने आई है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र गौतम ने गठबंधन में 150 सीटों से कम पर समझौता न करने की बात कही थी। इमरान मसूद ने भी कहा कि यदि पार्टी के प्रदेश प्रभारी ने कोई संख्या बताई है तो पार्टी उस पर कायम रहेगी, लेकिन अंतिम निर्णय कांग्रेस नेतृत्व ही करेगा।
‘किसके इशारे पर बोल रहे थे इमरान मसूद?’
रालोद प्रवक्ता रोहित अग्रवाल ने इमरान मसूद के बयानों को लेकर सवाल उठाते हुए पूछा कि वह किसके इशारे पर बोल रहे थे। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी में भी सीट शेयरिंग को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष है और कुछ सपा कार्यकर्ता कांग्रेस के साथ गठबंधन की जरूरत पर सवाल उठा रहे हैं।
रोहित अग्रवाल ने सपा और कांग्रेस के बीच मौजूदा स्थिति पर तंज कसते हुए कहा कि गठबंधन की रस्सी में तनाव बढ़ता जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि पहले समाजवादी पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ेगा या दोनों दलों के गठबंधन में दरार आएगी। रालोद प्रवक्ता ने सपा की स्थिति को ‘एक तरफ कुआं, दूसरी तरफ खाई’ जैसा बताया।
इन बयानों को फिलहाल रालोद की राजनीतिक प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जाना चाहिए। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की ओर से अंतिम सीट बंटवारे को लेकर कोई औपचारिक समझौता सामने नहीं आया है।
‘सपा के सामने गठबंधन बचाने की चुनौती’
रोहित अग्रवाल ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के सामने एक ओर कांग्रेस के साथ गठबंधन को बनाए रखने की चुनौती है तो दूसरी ओर पार्टी के भीतर टिकट और सीट शेयरिंग को लेकर उठ रहे सवालों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर खींचतान आगे और बढ़ सकती है।
उन्होंने कांग्रेस-सपा गठबंधन को लेकर कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव में भी दोनों दल साथ चुनाव लड़ चुके हैं। उनके मुताबिक उस चुनाव में यादव और मुस्लिम वोट के साथ कांग्रेस का वोट भी गठबंधन के साथ था, लेकिन समाजवादी पार्टी 47 सीटों पर ही जीत हासिल कर सकी। रोहित अग्रवाल ने इस पुराने चुनावी आंकड़े का इस्तेमाल मौजूदा गठबंधन पर सवाल उठाने के लिए किया।
2022 के चुनाव को लेकर भी किया दावा
रालोद प्रवक्ता ने 2022 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय वह समाजवादी पार्टी के साथ थे और सपा 125 सीटों तक पहुंची थी। उन्होंने दावा किया कि अंबेडकरनगर की पांचों सीटों, आजमगढ़ की 10 सीटों, गाजीपुर की सात सीटों, बलिया और मऊ समेत कुल 62 सीटों पर समाजवादी पार्टी को जीत सुभासपा के साथ गठबंधन के कारण मिली।
यह आंकड़े और उनके राजनीतिक कारणों की व्याख्या रोहित अग्रवाल के दावे के रूप में ही सामने आई है। इन्हें स्वतंत्र चुनावी विश्लेषण या स्थापित तथ्य के रूप में नहीं पेश किया जा सकता।
‘अखिलेश को पता है सरकार नहीं आने वाली’
रोहित अग्रवाल ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अब उन्हें सहारा देने वाला कोई नहीं है और उन्हें पता चल चुका है कि उनकी सरकार नहीं आने वाली। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से समाजवादी पार्टी अपने लिए राजनीतिक व्यवस्था करने में जुटी है।
वहीं, कांग्रेस की ओर से इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद मसूद ने कहा है कि 2027 का चुनाव उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के राजनीतिक बदलाव की दिशा तय करेगा। उन्होंने पार्टी के हित को प्राथमिकता देने और नेतृत्व की ओर से दी गई जिम्मेदारी को पूरा करने की बात कही है।
फिलहाल 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीट शेयरिंग सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दों में से एक बनता दिख रहा है। कांग्रेस की ओर से 150 सीटों की मांग का बयान सामने आया है, लेकिन अंतिम समझौते की स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों दलों के नेताओं के बयानों और सीट बंटवारे को लेकर होने वाली बातचीत पर राजनीतिक नजरें रहेंगी।



