कंसा पासी के किले और शिव मंदिर की मुक्ति के लिए प्रयागराज में जनजागरण, सूरज पासी ने किया एकजुट होने का आह्वान
प्रयागराज के फूलपुर में लाखन आर्मी ने जनजागरण यात्रा और जनसभा की। सूरज पासी ने पासी समाज से इतिहास, महापुरुषों और अधिकारों के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।

अपने इतिहास और हक के लिए एकजुट हो पासी समाज: सूरज पासी
कंसा पासी के किले और शिव मंदिर की मुक्ति को लेकर प्रयागराज में लाखन आर्मी का जनजागरण अभियान, मसूरिया दीन पासी की जयंती पर नई पीढ़ी को महापुरुषों से जोड़ने का आह्वान
प्रयागराज। महाराजा कंसा पासी के किले और उनके आराध्य भगवान शिव के मंदिर की मुक्ति के अभियान को लेकर लाखन आर्मी ने गुरुवार को प्रयागराज के फूलपुर विधानसभा क्षेत्र में जनजागरण यात्रा और जनसभा का आयोजन किया। महात्मा मसूरिया दीन पासी की जयंती के अवसर पर रहिमापुर और शेरडीह में आयोजित कार्यक्रमों में पासी समाज के इतिहास, विरासत, सामाजिक एकजुटता और अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए गए। लखनऊ से निकली जनजागरण यात्रा सहसो हाईवे के रास्ते दोनों स्थानों पर पहुंची, जहां कार्यकर्ताओं और समाज के लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
नई पीढ़ी को महापुरुषों के इतिहास से जोड़ने पर जोर
लाखन आर्मी के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी ने कहा कि पासी समाज को अपने इतिहास और महापुरुषों के संघर्ष को जानना होगा। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को महाराजा कंसा पासी सहित समाज के अन्य महापुरुषों के योगदान से परिचित कराना जरूरी है। उनके मुताबिक इतिहास की जानकारी समाज को अपनी विरासत और अधिकारों के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
सूरज पासी ने कहा कि समाज के युवाओं को अपने इतिहास को समझने के साथ शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने समाज के लोगों से एक-दूसरे का सहयोग करने और बच्चों तथा युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने की अपील की।
किले और मंदिर की मुक्ति तक अभियान जारी रखने की बात
कार्यक्रम के दौरान सूरज पासी ने महाराजा कंसा पासी के किले और भगवान शिव के मंदिर को पासी समाज की ऐतिहासिक विरासत से जुड़ा बताया। उन्होंने कहा कि लाखन आर्मी इस विरासत की मुक्ति के लिए अपना अभियान आगे भी जारी रखेगी। उन्होंने समाज के लोगों से आपसी मतभेदों को पीछे छोड़कर इस मुद्दे पर एकजुट रहने का आह्वान किया।
कंसा पासी के किले और कथित शिव मंदिर को लेकर लखनऊ के कसमंडी कलां में पहले से विवाद चल रहा है। पासी समाज और लाखन आर्मी की ओर से इस स्थल को महाराजा कंसा पासी का ऐतिहासिक किला और प्राचीन शिव मंदिर बताए जाने का दावा किया गया है, जबकि इस स्थल को लेकर दूसरे पक्ष की अलग दलील सामने आई है। मामले में प्रशासन और पुरातत्व विभाग की जांच का भी उल्लेख रिपोर्टों में किया गया है।
शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुधार पर भी जोर
सूरज पासी ने कहा कि पासी समाज को केवल अपने इतिहास और विरासत के मुद्दों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि शिक्षा, रोजगार और अपने अधिकारों पर भी ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने समाज के लोगों से बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने और युवाओं को आगे बढ़ने के लिए आवश्यक अवसर देने की अपील की।
उन्होंने युवाओं से नशे और गलत आदतों से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि बच्चों के हाथ में कलम और युवाओं के पास हुनर होना चाहिए। उनके अनुसार शिक्षा और कौशल के माध्यम से आने वाली पीढ़ी को मजबूत किया जा सकता है।
लाखन आर्मी को लेकर उपलब्ध रिपोर्टों में भी संगठन की सामाजिक एकजुटता, शिक्षा, आर्थिक मजबूती और नशामुक्ति जैसे मुद्दों पर काम करने की जानकारी सामने आई है।
मसूरिया दीन पासी के संघर्ष को किया याद
महात्मा मसूरिया दीन पासी की जयंती के अवसर पर सूरज पासी ने उनके योगदान को याद किया। उन्होंने मसूरिया दीन पासी को प्रयागराज का पहला सांसद बताते हुए कहा कि उन्होंने समाज के सम्मान और अधिकारों के लिए संघर्ष किया। उन्होंने नई पीढ़ी से मसूरिया दीन पासी के जीवन और संघर्ष को जानने तथा उनसे समाजसेवा की प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
उपलब्ध ऐतिहासिक संदर्भों के अनुसार मसूरिया दीन पासी स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े रहे और उत्तर प्रदेश विधानसभा, संविधान सभा तथा संसद में भी प्रतिनिधित्व किया। वे फूलपुर और बाद में चायल लोकसभा क्षेत्र से लोकसभा सदस्य रहे।
जनजागरण अभियान के जरिए सामाजिक एकजुटता का संदेश
प्रयागराज के फूलपुर क्षेत्र में आयोजित जनजागरण कार्यक्रम के जरिए लाखन आर्मी ने पासी समाज के इतिहास और विरासत से जुड़े मुद्दों को उठाने के साथ सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया। सूरज पासी ने समाज के लोगों से अपने महापुरुषों के इतिहास को जानने, बच्चों को शिक्षित करने, युवाओं को हुनरमंद बनाने और अपने अधिकारों के लिए संगठित रहने की अपील की।
लाखन आर्मी इससे पहले भी कंसा पासी किले से जुड़े विवाद को लेकर उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में जनजागरण अभियान चलाने की घोषणा कर चुकी है। जून 2026 में संगठन की ओर से 31 जिलों में जनजागरण यात्रा निकालने की जानकारी सामने आई थी।



