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लखनऊ नगर निगम का ₹3,740 करोड़ का पुनरीक्षित बजट मंजूर, सड़क-सफाई और अवस्थापना पर रहेगा फोकस

लखनऊ नगर निगम कार्यकारिणी ने पुनरीक्षित बजट 2026-27 को मंजूरी दी। ₹3,740.34 करोड़ की आय और ₹3,739.56 करोड़ के व्यय का प्रावधान, सड़क और स्वच्छता पर जोर।

लखनऊ नगर निगम का ₹3,740 करोड़ का पुनरीक्षित बजट मंजूर, सड़क-सफाई और अवस्थापना पर रहेगा फोकस , कार्यकारिणी ने पुनरीक्षित बजट 2026-27 को दी मंजूरी, गृहकर से ₹811 करोड़ जुटाने का लक्ष्य; सार्वजनिक निर्माण पर करीब ₹1,319 करोड़ का प्रावधान

लखनऊ । लखनऊ नगर निगम कार्यकारिणी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के पुनरीक्षित बजट को मंजूरी दे दी है। भरवारा स्थित एसटीपी प्लांट के मीटिंग हॉल में हुई कार्यकारिणी की बैठक में बजट के विभिन्न प्रावधानों पर चर्चा के बाद इसे पारित किया गया। नगर निगम की ओर से जारी जानकारी के अनुसार पुनरीक्षित बजट में ₹3,740.34 करोड़ की आय और ₹3,739.56 करोड़ के व्यय का प्रावधान किया गया है। बजट में सड़क एवं मार्गों की मरम्मत-निर्माण, अवस्थापना विकास, स्वच्छता, जल निकासी, ठोस कचरा प्रबंधन और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्रमुखता दी गई है। बैठक की अध्यक्षता महापौर सुषमा खर्कवाल ने की। इसमें कार्यकारिणी उपाध्यक्ष सुशील तिवारी ‘पम्मी’, नगर आयुक्त गौरव कुमार, कार्यकारिणी सदस्य, विभागाध्यक्ष, जोनल अधिकारी और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

राजस्व आय ₹2,600.34 करोड़, पूंजीगत आय और व्यय ₹1,106 करोड़

पुनरीक्षित बजट को तीन प्रमुख हिस्सों—राजस्व लेखा, पूंजी लेखा और उच्चंत लेखा—में विभाजित किया गया है। नगर निगम के अनुसार वर्ष 2026-27 में राजस्व आय का प्रावधान ₹2,600.34 करोड़ और राजस्व व्यय का प्रावधान ₹2,599.56 करोड़ रखा गया है। वहीं पूंजीगत आय और पूंजीगत व्यय के लिए ₹1,106 करोड़ का प्रावधान किया गया है। नगर निगम के बजट विवरण में कुल आय ₹3,740.34 करोड़ बताई गई है। इसमें प्रारंभिक अवशेष करीब ₹1,578.95 करोड़ जोड़ने के बाद सकल आय करीब ₹5,319.29 करोड़ बैठती है। कुल प्रस्तावित व्यय करीब ₹3,739.56 करोड़ है और समायोजन के बाद अंतिम अवशेष करीब ₹1,579.72 करोड़ रहने का प्रावधान किया गया है।

गृहकर से ₹811 करोड़ जुटाने का लक्ष्य

नगर निगम ने अपनी आय बढ़ाने के लिए अलग-अलग स्रोतों से प्राप्त होने वाली धनराशि का लक्ष्य तय किया है। इसमें गृहकर से ₹811 करोड़, राज्य वित्त आयोग से ₹1,126 करोड़, विज्ञापन शुल्क से ₹16 करोड़ और यूजर चार्ज से ₹100 करोड़ की आय का प्रावधान शामिल है। इसके अलावा नगर निगम की संपत्तियों से संबंधित आय को भी बजट में शामिल किया गया है। राजस्व संसाधनों को मजबूत करने के साथ-साथ नागरिक सेवाओं पर होने वाले नियमित खर्च को पूरा करने के लिए इन आय स्रोतों को महत्वपूर्ण माना गया है।

सीएम ग्रिड योजना के लिए ₹300 करोड़

पूंजीगत प्राप्तियों में विभिन्न वित्त आयोगों, योजनाओं और अन्य स्रोतों से मिलने वाली धनराशि को शामिल किया गया है। बजट में सीएम ग्रिड योजना के लिए ₹300 करोड़, 15वें वित्त आयोग के लिए ₹175 करोड़ और 16वें वित्त आयोग के लिए ₹250 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इन मदों के जरिए नगर क्षेत्र में सड़क, अवस्थापना और अन्य विकास कार्यों के लिए पूंजीगत संसाधन उपलब्ध कराने की योजना है।

सड़क और निर्माण कार्यों के लिए करीब ₹1,319 करोड़

पुनरीक्षित बजट में सार्वजनिक निर्माण से जुड़े कार्यों के लिए करीब ₹1,319 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसमें शहर की सड़कों और मार्गों की मरम्मत एवं निर्माण, अवस्थापना संबंधी कार्य, भवन निर्माण तथा अन्य सार्वजनिक निर्माण से जुड़े कार्य शामिल हैं। इससे नगर निगम के बजट में सड़क और अवस्थापना विकास को मिले प्रमुख स्थान का अंदाजा लगाया जा सकता है। नागरिकों के लिए सड़क कनेक्टिविटी और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों को बजट के इस हिस्से में शामिल किया गया है।

स्वच्छता और ठोस कचरा प्रबंधन पर ₹585 करोड़ से अधिक

लखनऊ में स्वच्छता व्यवस्था और ठोस कचरा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए भी बजट में बड़ी राशि रखी गई है। नगर निगम के अनुसार जल निकासी, सफाई और ठोस कचरा प्रबंधन से जुड़े मदों में करीब ₹585.05 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसमें नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सफाई व्यवस्था, नालों की सफाई, केंद्रीय कार्यशाला और अन्य संबंधित मद शामिल हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य एवं पशु चिकित्सा सेवाओं, सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था, पार्कों, विद्यालयों, पेंशन, डिजिटलीकरण और अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए भी बजट में अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं।

जलकल विभाग का बजट भी कार्यकारिणी से मंजूर

बैठक में जलकल विभाग के पुनरीक्षित बजट 2026-27 को भी कार्यकारिणी के सामने रखा गया और स्वीकृति प्रदान की गई। विभाग की ओर से जलापूर्ति और सीवर व्यवस्था के संचालन से संबंधित आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया गया। जलकल विभाग ने ऑनलाइन बिलिंग, नई मांगों का सृजन और बेहतर राजस्व वसूली के जरिए आय बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी दी।

जलकल विभाग के बजट में राजस्व आय ₹352.013 करोड़ और पूंजी आय ₹120.300 करोड़ यानी कुल आय ₹472.313 करोड़ रखी गई है। वहीं राजस्व व्यय ₹307.030 करोड़ और पूंजी व्यय ₹176.420 करोड़ प्रस्तावित है। इस तरह विभाग का कुल व्यय ₹483.450 करोड़ रखा गया है।

सरकार और नगर निकाय स्तर पर नागरिक सुविधाओं पर जोर

लखनऊ नगर निगम का पुनरीक्षित बजट शहर की रोजमर्रा की नागरिक सेवाओं के साथ-साथ सड़क, अवस्थापना, स्वच्छता, जल निकासी और ठोस कचरा प्रबंधन जैसे बुनियादी क्षेत्रों के लिए वित्तीय प्रावधान तय करता है। इस बजट में एक ओर गृहकर और अन्य स्रोतों से राजस्व जुटाने के लक्ष्य रखे गए हैं, वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक निर्माण और स्वच्छता जैसी सेवाओं के लिए बड़ी राशि निर्धारित की गई है। कार्यकारिणी की मंजूरी के बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 में इन मदों के तहत प्रस्तावित कार्यों और सेवाओं के लिए बजटीय आधार तैयार हो गया है।

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