UP Police Medal 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीरता दिखाने वाले पुलिसकर्मियों को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों को वीरता पदक से सम्मानित किया। शहीद निरीक्षक सुनील कुमार की पत्नी मुनेश देवी को भी सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीरता और कर्तव्यनिष्ठा दिखाने वाले पुलिसकर्मियों को किया सम्मानित, शहीद निरीक्षक की पत्नी को भी सम्मान
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अदम्य साहस, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा का प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों को वीरता पदक प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में पुलिस सेवा के दौरान असाधारण साहस दिखाने वाले पुलिसकर्मियों के योगदान को सम्मानित करने के साथ-साथ सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों के प्रति सम्मान भी व्यक्त किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन भी मुख्यमंत्री ने किया।

शहीद निरीक्षक सुनील कुमार की पत्नी को किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले एसटीएफ के शहीद निरीक्षक सुनील कुमार की पत्नी मुनेश देवी को नगद धनराशि और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। निरीक्षक सुनील कुमार ने 20 जनवरी 2025 को शामली के झिंझाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान अदम्य साहस का परिचय दिया था। इस कार्रवाई में चार अपराधियों को मार गिराया गया था। कर्तव्य पालन के दौरान निरीक्षक सुनील कुमार वीरगति को प्राप्त हुए थे। स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर उन्हें मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई थी।
केंद्र सरकार की ओर से स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर पुलिस, अग्निशमन, होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा और सुधारात्मक सेवाओं के कुल 1,057 कर्मियों को वीरता एवं सेवा पदकों से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई थी। इनमें 301 वीरता पदक शामिल थे।

गणतंत्र दिवस 2025 पर घोषित वीरता पदक पाने वाले पुलिसकर्मी
कार्यक्रम में गणतंत्र दिवस 2025 के अवसर पर घोषित वीरता पदकों से अलंकृत किए जाने वाले पुलिसकर्मियों में शामिल हैं—
- देवदत्त सिंह — आरक्षी, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
- राजन कुमार — आरक्षी, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
- रितुल कुमार वर्मा — आरक्षी, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
- निपुण अग्रवाल, आईपीएस — सेनानायक, नवमी वाहिनी पीएसी, मुरादाबाद
- स्वतंत्र कुमार सिंह — अपर पुलिस उपायुक्त, कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर
- मुन्ने सिंह — उपनिरीक्षक, नागरिक पुलिस, मेरठ
- नीरज कुमार पाल — आरक्षी, नागरिक पुलिस, कमिश्नरेट गाजियाबाद
- अशोक कुमार मीणा, आईपीएस — पुलिस अधीक्षक, हरदोई
- कुलदीप कुमार — पुलिस उपाधीक्षक, जनपद संभल
- गीतेश कपिल — निरीक्षक, नागरिक पुलिस, शाहजहांपुर
- प्रवीण अहलावत — आरक्षी, नागरिक पुलिस, जनपद सहारनपुर
- अमित — निरीक्षक, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
- अंगद सिंह यादव — उपनिरीक्षक, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
- डॉ. दीक्षा शर्मा — पुलिस उपायुक्त, कमिश्नरेट लखनऊ
- संदीप कुमार — आरक्षी, नागरिक पुलिस, कमिश्नरेट गाजियाबाद
- रिपुदमन सिंह — निरीक्षक, नागरिक पुलिस
इनमें से कई अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के वीरतापूर्ण कार्यों से संबंधित पदक विवरण सरकारी अभिलेखों में भी दर्ज हैं। उदाहरण के तौर पर भारत के राजपत्र में निपुण अग्रवाल, स्वतंत्र कुमार सिंह और नीरज कुमार पाल समेत उत्तर प्रदेश पुलिसकर्मियों के साहसिक अभियानों का उल्लेख मिलता है।
गणतंत्र दिवस 2026 पर घोषित वीरता पदक
गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर घोषित वीरता पदकों से सम्मानित किए जाने वाले पुलिसकर्मियों में शामिल हैं—
- धर्मेंद्र सिंह राठौर — निरीक्षक, नागरिक पुलिस, बुलंदशहर
- केशव शांडिल्य — उपनिरीक्षक, एसटीएफ
- राहुल कुमार — मुख्य आरक्षी, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
- अजय कुमार वर्मा — उपनिरीक्षक, नागरिक पुलिस, जनपद मथुरा
- घनश्याम यादव — निरीक्षक, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
- अवनीश कुमार त्यागी — उपनिरीक्षक, नागरिक पुलिस, जनपद मैनपुरी
- अमित त्रिपाठी — आरक्षी, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
- अमित — निरीक्षक, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
- मनीष बिष्ट — निरीक्षक, नागरिक पुलिस, कमिश्नरेट गाजियाबाद
- रणधीर सिंह — मुख्य आरक्षी, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
इन 10 पुलिसकर्मियों के सम्मान का कार्यक्रम पहले से घोषित था। उपलब्ध रिपोर्टों में भी इन्हीं नामों का उल्लेख किया गया था।
पुलिस बल को प्रोत्साहित करने पर सरकार का फोकस
योगी सरकार के कार्यकाल में पुलिसकर्मियों के साहसिक और उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित करने के लिए पदक, प्रशस्ति पत्र और प्रोत्साहन की व्यवस्था को प्रमुखता दी गई है। गणतंत्र दिवस 2026 पर भी साहसिक कार्यों के लिए 10 पुलिसकर्मियों को मुख्यमंत्री वीरता पदक और 25 पुलिसकर्मियों को उत्कृष्ट एवं सराहनीय सेवा के लिए मुख्यमंत्री प्रशस्ति पत्र दिए जाने की घोषणा की गई थी। वीरता पदक पाने वालों के लिए पदक और प्रशस्ति पत्र के साथ ₹1,000 प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि का प्रावधान भी बताया गया था।
इस तरह सम्मान समारोह का उद्देश्य केवल पदक प्रदान करना ही नहीं, बल्कि पुलिस बल में साहस, कर्तव्यनिष्ठा और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी निभाने वाले कर्मियों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित कर उनका मनोबल बढ़ाना भी है।
पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन भी किया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार पुस्तक में पुलिस सुधारों से जुड़े विषयों के साथ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुभव और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में पुलिस सुधार को लेकर किए जा रहे प्रयोगों की जानकारी शामिल है।
पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने और पुलिस सुधारों पर आधारित पुस्तक के विमोचन को एक ही कार्यक्रम में रखा जाना पुलिस व्यवस्था में कर्तव्य, साहस और संस्थागत सुधार से जुड़े विषयों को एक साथ सामने लाता है।
शौर्य और सर्वोच्च बलिदान को सम्मान
कार्यक्रम में वीरता पदक पाने वाले पुलिसकर्मियों के साथ शहीद निरीक्षक सुनील कुमार के परिवार का सम्मान विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। पुलिस सेवा में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले कर्मियों के परिवारों को सम्मान देना और साहसिक कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को पदक प्रदान करना पुलिस बल के योगदान को सार्वजनिक मान्यता देने की प्रक्रिया का हिस्सा है। उत्तर प्रदेश पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर विभिन्न अवसरों पर सम्मानित किए गए पुलिस अधिकारियों और कर्मियों की पदक सूची भी उपलब्ध कराई जाती है।



