राजभर का अखिलेश पर हमला: PDA में परिवार, दौलतमंद और अपराधी कौन? राज्यसभा चुनाव को लेकर साधा निशाना
ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले पर तंज कसते हुए राज्यसभा प्रत्याशियों को लेकर सवाल उठाए। राजभर ने कहा- तीन के चक्कर में दूसरा मत गंवा दीजिएगा।

राजभर का अखिलेश पर हमला: PDA में परिवार, दौलतमंद और अपराधी कौन? राज्यसभा चुनाव को लेकर साधा निशाना
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उनके ‘PDA’ फॉर्मूले को लेकर सवाल उठाए हैं। राजभर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सपा के संभावित राज्यसभा उम्मीदवारों पर तंज कसा और पूछा कि राज्यसभा के लिए उतारे जाने वाले प्रत्याशी वास्तव में PDA के अनुरूप होंगे या नहीं।
राजभर का यह बयान ऐसे समय आया है जब समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। दोनों ने 30 सितंबर को नामांकन भी दाखिल किया। तीसरे उम्मीदवार को लेकर उस समय तक पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई थी।
‘तीनों प्रत्याशी आपके PDA वाले होंगे या नहीं?’
ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि उन्होंने सुना है कि सपा राज्यसभा के लिए तीन प्रत्याशी मैदान में उतारने जा रही है। इसके बाद उन्होंने सवाल किया कि क्या तीनों प्रत्याशी अखिलेश यादव के बताए PDA फॉर्मूले के अनुरूप होंगे।
राजभर ने लिखा, ‘अखिलेश जी, सुना है आप राज्यसभा के लिए तीन प्रत्याशी मैदान में उतारने जा रहे हैं। ये बताइए, तीनों आपके ‘पीडीए’ वाले होंगे या नहीं?’ राजभर का यह बयान राज्यसभा चुनाव में सपा द्वारा तीसरी सीट पर दावा करने की चर्चाओं के बीच आया। मीडिया रिपोर्टों में भी सपा के तीसरे उम्मीदवार को लेकर अलग-अलग नामों की चर्चा सामने आई थी, लेकिन आधिकारिक घोषणा नहीं हुई थी।
‘पहला तो प्रोफेसर साहब हैं, ये परिवार से हो गए’
राजभर ने अपने बयान में प्रो. रामगोपाल यादव के नाम का जिक्र करते हुए PDA की व्याख्या को लेकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि पहला उम्मीदवार तो ‘प्रोफेसर साहब’ हैं और उन्हें उन्होंने ‘परिवार’ से जोड़कर सवाल उठाया।
राजभर ने लिखा, ‘पहला तो प्रोफेसर साहब हैं। ये आपके पीडीए वाले ‘परिवार’ से हो गए। अब ‘डी’ और ‘ए’ से कौन होगा?’ इसके बाद उन्होंने PDA के अक्षरों की अपनी व्यंग्यात्मक व्याख्या करते हुए पूछा कि ‘D’ से कोई ‘दौलतमंद’ होगा और ‘A’ से कोई ‘अपराधी’ होगा क्या।
यह टिप्पणी राजभर की राजनीतिक आलोचना और व्यंग्य का हिस्सा है। उन्होंने अपने बयान में इन शब्दों का इस्तेमाल सपा की उम्मीदवार चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाने के लिए किया है।
‘पिछड़े, दलित और मुसलमान जानना चाहते हैं’
राजभर ने अपनी पोस्ट में PDA की राजनीति को लेकर पिछड़े, दलित और मुस्लिम समाज का भी उल्लेख किया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि ये वर्ग जानना चाहते हैं कि PDA के नाम पर परिवार, दौलतमंद और अपराधियों को संसद के उच्च सदन में भेजने की कोशिश कैसे की जा रही है।
राजभर का यह बयान सीधे तौर पर अखिलेश यादव की राजनीतिक रणनीति और उम्मीदवार चयन पर उनकी आपत्ति को दर्शाता है। इसे राजभर के राजनीतिक आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए; उन्होंने अपने बयान में PDA की अपनी व्यंग्यात्मक व्याख्या के आधार पर सपा पर निशाना साधा है।
‘तीन के चक्कर में दूसरा मत गंवा दीजिएगा’
ओम प्रकाश राजभर ने अपने बयान के अंत में राज्यसभा चुनाव के संभावित वोट गणित को लेकर भी अखिलेश यादव पर तंज कसा। उन्होंने लिखा, ‘आखिर में एक और सलाह है। तीन के चक्कर में दूसरा मत गंवा दीजिएगा।’
राजभर की यह टिप्पणी सपा के तीसरे उम्मीदवार उतारने की रणनीति पर राजनीतिक सवाल के रूप में सामने आई है। राज्यसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की 10 सीटों के लिए मतदान 16 अक्टूबर को निर्धारित है, जबकि नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है।
सपा ने दो उम्मीदवार घोषित किए, तीसरे पर सस्पेंस
राजभर के बयान के बीच राज्यसभा चुनाव की तस्वीर 30 सितंबर को कुछ स्पष्ट हुई। समाजवादी पार्टी ने प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया। दोनों उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। धनराज परिमल नाथवानी उद्योग जगत से जुड़े हैं और रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े वरिष्ठ कार्यकारी के रूप में रिपोर्ट किए गए हैं।
हालांकि सपा की ओर से तीसरे उम्मीदवार को लेकर उस समय तक आधिकारिक घोषणा नहीं हुई थी। मीडिया रिपोर्टों में पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलीम इकबाल शेरवानी समेत कुछ अन्य नामों की चर्चा थी, लेकिन इन नामों को आधिकारिक उम्मीदवार नहीं माना जा सकता था।
इस तरह राजभर का बयान सपा की तीसरी राज्यसभा सीट के दावे और उम्मीदवार चयन को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच आया है। राज्यसभा चुनाव में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सभी उम्मीदवारों की अंतिम तस्वीर स्पष्ट होगी।



