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यूपी में अतिवृष्टि के बाद राहत कार्य तेज, प्रमुख सड़कें होंगी गड्ढामुक्त; बिजली बहाली पर भी जोर

उत्तर प्रदेश में अतिवृष्टि के बाद जलभराव वाले क्षेत्रों में जलनिकासी, सफाई और सैनिटाइजेशन के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री एके शर्मा ने सड़कों की मरम्मत और बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने को कहा।

अतिवृष्टि के बाद यूपी में राहत कार्य तेज, प्रमुख सड़कें होंगी गड्ढामुक्त; बिजली बहाली को लेकर भी निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार हुई अतिवृष्टि और इसके कारण प्रभावित जनसुविधाओं को सामान्य करने के लिए राहत, जलनिकासी, सफाई और बिजली बहाली के काम तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा करते हुए प्रभावित क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने को कहा। जलभराव वाले इलाकों में पानी की निकासी के बाद तत्काल सफाई और सैनिटाइजेशन कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बारिश के बाद संचारी रोगों की आशंका को कम किया जा सके। इसके साथ ही प्रमुख सड़कों और मार्गों को गड्ढामुक्त करने तथा आगामी त्योहारों को देखते हुए शहरों में साफ-सफाई और अन्य नागरिक सुविधाओं को बेहतर करने पर जोर दिया गया है। 27 सितंबर की उपलब्ध रिपोर्टों में भी प्रदेश में अतिवृष्टि के बाद राहत एवं बचाव कार्य तेज किए जाने की जानकारी सामने आई थी।

जलभराव वाले क्षेत्रों में जलनिकासी और सैनिटाइजेशन पर प्राथमिकता

समीक्षा के दौरान मंत्री एके शर्मा ने विभिन्न नगरीय क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति, जलनिकासी, साफ-सफाई और बारिश के बाद संभावित स्वास्थ्य जोखिमों से बचाव के लिए किए जा रहे इंतजामों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में जलभराव है, वहां पानी की निकासी को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए। जलभराव समाप्त होने के बाद प्रभावित स्थानों पर तत्काल सफाई और सैनिटाइजेशन कराया जाए, ताकि गंदगी और ठहरे हुए पानी से पैदा होने वाली समस्याओं को नियंत्रित किया जा सके।

आगामी त्योहारों को देखते हुए धार्मिक स्थलों और उनके आसपास भी विशेष सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रमुख मार्गों को गड्ढामुक्त करने के साथ आवश्यकतानुसार प्रकाश व्यवस्था, सुशोभन और अन्य नागरिक सुविधाओं को भी दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य त्योहारों से पहले नगरीय क्षेत्रों में आम लोगों के आवागमन और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर स्थिति में रखना है।

प्रमुख सड़कों की मरम्मत पर भी फोकस

अतिवृष्टि के बाद कई स्थानों पर सड़कों की स्थिति प्रभावित होने की आशंका के बीच प्रमुख सड़कों और मार्गों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि आवश्यक मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा कराया जाए। विशेष रूप से ऐसे मार्गों पर ध्यान देने को कहा गया है जिनका इस्तेमाल आम लोगों के साथ-साथ त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और अन्य यात्री करते हैं।

नगर विकास विभाग को जलभराव और साफ-सफाई से जुड़े कार्यों की फील्ड स्तर पर निगरानी करने तथा स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। हाल की बारिश के बाद प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में प्रशासन की ओर से जलभराव, क्षतिग्रस्त मकानों और विद्युत आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं पर कार्रवाई की जा रही है।

बिजली बहाली में देरी नहीं, अतिरिक्त मशीनरी और मैनपावर लगाने के निर्देश

ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री एके शर्मा ने शासन और सभी डिस्कॉम के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। इसमें मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता स्तर तक के अधिकारियों से अतिवृष्टि एवं प्राकृतिक आपदा से प्रभावित विद्युत अवसंरचना की स्थिति की जानकारी ली गई। प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति जल्द सामान्य करने के लिए अतिरिक्त मशीनरी, उपकरण और मैनपावर लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

मंत्री ने कहा कि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में विद्युत आपूर्ति सुचारु है, लेकिन जहां जलभराव अथवा अन्य कारणों से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है, वहां बहाली में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने फील्ड स्तर पर लगातार निगरानी रखने और स्थानीय परिस्थितियों का आकलन करने के निर्देश दिए। साथ ही क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों, ट्रांसफार्मरों और अन्य विद्युत अवसंरचना की मरम्मत तेजी से पूरी करने को कहा गया, ताकि प्रभावित उपभोक्ताओं को जल्द राहत मिल सके।

त्योहारों से पहले जनसुविधाएं दुरुस्त करने पर जोर

समीक्षा का एक प्रमुख हिस्सा आगामी त्योहारों से पहले शहरों की व्यवस्थाओं को बेहतर करना भी रहा। अधिकारियों को स्वच्छता, जलनिकासी, सड़क, प्रकाश व्यवस्था और धार्मिक स्थलों के आसपास की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। बारिश के बाद प्रभावित क्षेत्रों में राहत और सामान्य जनजीवन की बहाली के साथ-साथ त्योहारों के दौरान लोगों को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

नगर विकास और ऊर्जा विभाग से जुड़े अधिकारियों को फील्ड में रहकर स्थिति की निगरानी करने और जरूरत के अनुसार संसाधन बढ़ाने को कहा गया है। इस दौरान विभागीय स्तर पर जलनिकासी, सफाई, सड़क मरम्मत और बिजली बहाली के कार्यों की प्रगति पर नजर रखने की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया।

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