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यूपी के 17,519 आंगनवाड़ी केंद्रों में लगेंगे आधुनिक खेल उपकरण, ₹87.60 करोड़ मंजूर; जानिए क्या-क्या मिलेगा

उत्तर प्रदेश के 40 जिलों के 17,519 को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों और बालवाटिकाओं में आधुनिक आउटडोर प्ले मैटेरियल लगाया जाएगा। इसके लिए ₹87.60 करोड़ मंजूर किए गए हैं।

यूपी के 17,519 आंगनवाड़ी केंद्रों में लगेंगे आधुनिक खेल उपकरण, ₹87.60 करोड़ मंजूर; बच्चों के लिए होंगे स्लाइड, झूले और रॉकिंग बोट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आंगनवाड़ी केंद्रों और बालवाटिकाओं में बच्चों को खेल के साथ सीखने और शारीरिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए आधुनिक आउटडोर प्ले मैटेरियल उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक 40 जनपदों के 17,519 को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों और बालवाटिकाओं में आधुनिक खेल उपकरण स्थापित करने के लिए ₹87.60 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। इन उपकरणों की खरीद GeM यानी सरकारी ई-मार्केटप्लेस के माध्यम से की जाएगी। खरीद से लेकर स्थापना और निगरानी तक जिला स्तर की क्रय समिति और ब्लॉक स्तरीय टास्क फोर्स की व्यवस्था रखी गई है।

40 जिलों के 17,519 केंद्रों में लगाए जाएंगे पांच तरह के उपकरण

इस पहल के तहत प्रत्येक संबंधित आंगनवाड़ी केंद्र और बालवाटिका में बच्चों के लिए पांच प्रकार के आधुनिक आउटडोर खेल उपकरण लगाए जाने हैं। इनमें स्लाइड, सी-सॉ, स्विंग, राउंड अबाउट और रॉकिंग बोट शामिल हैं। राउंड अबाउट को स्टैंडिंग एमजीआर और रॉकिंग बोट को टू-सीटर के रूप में निर्धारित किया गया है। इन उपकरणों के माध्यम से बच्चों को अलग-अलग तरह की शारीरिक गतिविधियों में शामिल करने के साथ खेल का ऐसा वातावरण तैयार करने का प्रयास है, जिसमें सीखना भी गतिविधियों से जुड़ा रहे। उपलब्ध रिपोर्ट में भी इन पांच प्रकार के उपकरणों और 40 जिलों के 17,519 केंद्रों का उल्लेख है।

आंगनवाड़ी और बालवाटिका के शुरुआती वर्षों में बच्चों के लिए खेल और गतिविधियों को सीखने की प्रक्रिया से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। आउटडोर प्ले मैटेरियल उपलब्ध होने से बच्चों को खुले वातावरण में शारीरिक गतिविधियों के अवसर मिलेंगे। सरकार के अनुसार इसका उद्देश्य शुरुआती बाल्यावस्था शिक्षा को अधिक गतिविधि-आधारित, आनंददायक और बाल-केंद्रित बनाना है।

खेल के साथ सीखने और शारीरिक विकास पर जोर

सरकार की ओर से जारी जानकारी में कहा गया है कि बाल्यावस्था बच्चे के व्यक्तित्व और क्षमताओं की नींव रखने का महत्वपूर्ण समय है। इसी दृष्टिकोण के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों और बालवाटिकाओं में ऐसे संसाधन उपलब्ध कराने की योजना है, जिनसे बच्चे खेलते हुए सीख सकें और गतिविधियों के माध्यम से अपनी क्षमताओं को विकसित कर सकें। आधुनिक आउटडोर उपकरणों के माध्यम से बच्चों को नियमित शारीरिक गतिविधियों में शामिल करने और बालवाटिका के वातावरण को अधिक सक्रिय बनाने का प्रयास किया जाएगा।

बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों और बालवाटिकाओं को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर ऐसा वातावरण तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है, जहां खेल, गतिविधि और सीखना एक-दूसरे के पूरक बनें। उनके मुताबिक 17,519 केंद्रों में आधुनिक आउटडोर प्ले मैटेरियल उपलब्ध होने से बच्चों को सुरक्षित और गतिविधि-आधारित वातावरण मिल सकेगा।

बच्चों की सुरक्षा के लिए तीन साल की वारंटी अनिवार्य

खेल उपकरणों की खरीद के साथ उनकी गुणवत्ता और बच्चों की सुरक्षा के लिए भी मानक निर्धारित किए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्ले मैटेरियल के निर्माण, पेंटिंग, प्ले एरिया और स्थापना में निर्धारित गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा। प्रत्येक उपकरण के लिए कम से कम तीन वर्ष की वारंटी भी सुनिश्चित की जाएगी। उपकरण में टूट-फूट या तकनीकी समस्या आने पर आपूर्तिकर्ता को ऑन-साइट वारंटी, जरूरत के अनुसार प्रतिस्थापन और आवश्यक रख-रखाव की जिम्मेदारी निभानी होगी।

स्कूल शिक्षा की महानिदेशक मोनिका रानी के अनुसार 17,519 आंगनवाड़ी केंद्रों में आधुनिक आउटडोर प्ले मैटेरियल स्थापित होने से बच्चों को खेल और गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि उपकरणों की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के लिए खरीद से स्थापना और अनुश्रवण तक स्पष्ट व्यवस्था निर्धारित की गई है।

GeM पोर्टल से होगी खरीद, जिला और ब्लॉक स्तर पर निगरानी

आधुनिक खेल उपकरणों की खरीद GeM पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। इसके साथ ही खरीद प्रक्रिया और उपकरणों की स्थापना की निगरानी के लिए जिला स्तर पर क्रय समिति तथा ब्लॉक स्तर पर टास्क फोर्स की व्यवस्था की गई है। इस निगरानी तंत्र का उद्देश्य उपकरणों की गुणवत्ता, निर्धारित मानकों के अनुपालन और उनके प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करना है। उपलब्ध रिपोर्ट में भी खरीद से लेकर स्थापना और निगरानी तक इस व्यवस्था की पुष्टि होती है।

इस पहल के जरिए आंगनवाड़ी केंद्रों और बालवाटिकाओं में केवल शैक्षणिक गतिविधियों तक सीमित वातावरण के बजाय खेल, गतिविधि और सीखने को साथ जोड़ने वाले संसाधन उपलब्ध कराने की योजना है। 40 जिलों के 17,519 केंद्रों के लिए स्वीकृत ₹87.60 करोड़ की राशि के जरिए बच्चों के लिए आधुनिक आउटडोर प्ले सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

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