UP Teacher Recruitment: माध्यमिक विद्यालयों को मिले 3,567 नए शिक्षक और संस्था प्रधान, 2017 से अब तक 48,018 नियुक्तियां
उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को 3,567 नए शिक्षक और संस्था प्रधान मिले। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नियुक्ति पत्र बांटे। 2017 से अब तक 48,018 चयन और नियुक्तियां हो चुकी हैं।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में मंगलवार को शिक्षकों और संस्था प्रधानों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज से चयनित 3,567 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इनमें प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता और सहायक अध्यापक के पदों पर चयनित अभ्यर्थी शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मंच से 12 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।
नई नियुक्तियों में 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता यानी पीजीटी और 2,372 सहायक अध्यापक यानी टीजीटी शामिल हैं। इन अभ्यर्थियों का चयन उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा पूर्व में विज्ञापित रिक्त पदों के लिए पूरी की गई चयन प्रक्रिया के आधार पर किया गया है। नियुक्तियों के बाद प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में इन पदों पर कार्यरत मानव संसाधन को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
2017 से अब तक 48,018 अभ्यर्थियों का चयन और नियुक्ति
माध्यमिक शिक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2017 से 22 सितंबर 2026 तक अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में संस्था प्रधान और शिक्षकों के विभिन्न पदों पर 48,018 अभ्यर्थियों का चयन और नियुक्ति की जा चुकी है। इनमें संस्था प्रधानों के साथ सहायक अध्यापक और प्रवक्ता के पद भी शामिल हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस अवधि में 1,456 संस्था प्रधान, 40,955 सहायक अध्यापक और 5,607 प्रवक्ता के पदों पर चयन/नियुक्ति हुई है।
कार्यक्रम के दौरान चयनित अभ्यर्थियों के साथ-साथ माध्यमिक शिक्षा विभाग की उपलब्धियों पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। इसके जरिए माध्यमिक शिक्षा क्षेत्र में पिछले वर्षों के दौरान हुई नियुक्तियों और विभागीय गतिविधियों को प्रस्तुत किया गया।
इन 12 अभ्यर्थियों को मंच पर मिले नियुक्ति पत्र
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतीकात्मक रूप से 12 चयनित अभ्यर्थियों को मंच पर नियुक्ति पत्र सौंपे। इनमें डीएवी इंटर कॉलेज, कानपुर नगर के प्रधानाचार्य राम सिंह और इंटर कॉलेज बीरा पट्टी, वाराणसी के प्रधानाध्यापक राघवेंद्र प्रताप सिंह शामिल रहे।
प्रवक्ता यानी पीजीटी पद पर चयनित अग्रसेन कन्या कॉलेज, वाराणसी की आंचल शुक्ला, केडीईएम इंटर कॉलेज, बरेली के अनुराग श्रीवास्तव, जिला पंचायत इंटर कॉलेज उग्रसेन, प्रयागराज की प्रज्ञा सिंह, वैष्णव हरिहर दास इंटर कॉलेज, आजमगढ़ के गोपाल प्रजापति और दीप चंद ग्रेन चैंबर इंटर कॉलेज, मुजफ्फरनगर के मोहम्मद शादाब को भी मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र दिए।
सहायक अध्यापक यानी टीजीटी पद पर चयनित पंडित दीनदयाल इंटर कॉलेज, गोरखपुर की उषा सिंह, जनता राष्ट्रीय इंटर कॉलेज, संभल के आकाश कुमार, लाला राम स्वरूप शिक्षण संस्थान, लखनऊ की रीना यादव, नगर पालिका कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, झांसी की सोनम त्रिपाठी और नेहरू इंटर कॉलेज, कुशीनगर के अमन कुमार ने मुख्यमंत्री से नियुक्ति पत्र प्राप्त किए।
शिक्षा सेवा चयन आयोग के जरिए भर्ती प्रक्रिया
इन नियुक्तियों के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने पहले से विज्ञापित रिक्त पदों के लिए चयन प्रक्रिया पूरी की। आयोग का गठन प्रदेश के बेसिक, माध्यमिक, उच्च और तकनीकी शिक्षा संस्थानों में संस्था प्रधानों और शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से 21 अगस्त 2023 को किया गया था।
3,567 नियुक्तियों में सबसे अधिक संख्या सहायक अध्यापक यानी टीजीटी की है। इसके बाद प्रवक्ता पीजीटी, प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक के पद हैं। इन नियुक्तियों के साथ प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में अलग-अलग विषयों और स्तरों पर शिक्षकों तथा संस्था प्रधानों की उपलब्धता बढ़ेगी।
नियुक्ति पत्र वितरण के साथ रोजगार अभियान भी जारी
इन नियुक्तियों को प्रदेश सरकार के व्यापक रोजगार अभियान से भी जोड़कर देखा जा रहा है। इससे पहले सितंबर में अलग-अलग विभागों में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए थे। 22 सितंबर का कार्यक्रम शिक्षा क्षेत्र में हुआ बड़ा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम रहा, जिसमें एक साथ 3,567 अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिली।
इससे पहले सरकार की ओर से अगले छह महीनों में एक लाख सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य भी घोषित किया गया है। ऐसे में शिक्षा विभाग में हुई यह नियुक्तियां रोजगार के मोर्चे पर सरकार की ओर से आयोजित किए जा रहे लगातार नियुक्ति कार्यक्रमों की कड़ी का हिस्सा हैं।
शिक्षा व्यवस्था में नई नियुक्तियों का असर
3,567 नए शिक्षक और संस्था प्रधान मिलने से अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षण और प्रशासनिक व्यवस्था को अतिरिक्त मानव संसाधन मिलेगा। खासतौर पर टीजीटी और पीजीटी स्तर पर हुई नियुक्तियां अलग-अलग विषयों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने में उपयोगी हो सकती हैं। वहीं प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति विद्यालयों के प्रशासनिक संचालन से जुड़े रिक्त पदों को भरने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 2017 से 22 सितंबर 2026 तक 48,018 चयन और नियुक्तियों का आंकड़ा सामने आने के साथ मंगलवार का कार्यक्रम भी इसी प्रक्रिया की अगली कड़ी बना।



