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यूपी में योगी सरकार का जॉब कैलेंडर ऑन, चार दिन में 5,297 नियुक्तियां; छह महीने में एक लाख सरकारी नौकरी का लक्ष्य

उत्तर प्रदेश में छह महीने में एक लाख सरकारी नौकरी देने के लक्ष्य के तहत चार दिन में 5,297 युवाओं को नियुक्ति पत्र मिले। 19 सितंबर को 818, 20 सितंबर को 912 और 22 सितंबर को 3,567 अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिली।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों को लेकर नियुक्ति पत्र वितरण का सिलसिला तेज हो गया है। छह महीने में एक लाख सरकारी नौकरियां देने के लक्ष्य के तहत पिछले चार दिनों में तीन बड़े नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें कुल 5,297 युवाओं को सरकारी सेवा में नियुक्ति मिली। 19 सितंबर को विभिन्न विभागों में चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए, 20 सितंबर को पुलिस के मिनिस्टीरियल कैडर के 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिली और 22 सितंबर को शिक्षा विभाग से जुड़े 3,567 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। उत्तर प्रदेश सरकार के आधिकारिक सूचना विभाग ने 19 और 20 सितंबर के दोनों नियुक्ति कार्यक्रमों की पुष्टि की है।

सरकार की ओर से इन कार्यक्रमों को निष्पक्ष, पारदर्शी और योग्यता आधारित भर्ती प्रक्रिया से जोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीनों कार्यक्रमों में नवचयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। 19 सितंबर को स्वास्थ्य, आयुष और कौशल विकास से जुड़े विभागों में चयनित युवाओं को नियुक्ति दी गई, जबकि अगले दिन पुलिस विभाग के मिनिस्टीरियल कैडर के अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिले। 22 सितंबर को शिक्षा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां की गईं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नियुक्ति पत्र प्राप्त किए हुए अभियर्थियों के साथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नियुक्ति पत्र प्राप्त किए हुए अभियर्थियों के साथ

19 सितंबर को 818 युवाओं को मिला नियुक्ति पत्र

19 सितंबर को लोकभवन में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। उत्तर प्रदेश सरकार के आधिकारिक सूचना विभाग के अनुसार ये नियुक्तियां मिशन रोजगार के तहत विभिन्न विभागों में की गईं और चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बताया गया है।

इन नियुक्तियों में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा विभाग के एक्स-रे टेक्नीशियन, आयुष विभाग के होम्योपैथिक फार्मासिस्ट, प्रोफेसर, रीडर और प्रवक्ता समेत एमएसएमई तथा व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के विभिन्न पदों पर चयनित अभ्यर्थी शामिल रहे। यानी रोजगार अभियान का दायरा केवल एक विभाग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्वास्थ्य, आयुष और कौशल विकास जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में युवाओं को सरकारी सेवा में अवसर मिला।

20 सितंबर को पुलिस विभाग में 912 नियुक्तियां

19 सितंबर के कार्यक्रम के अगले ही दिन पुलिस विभाग में चयनित 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। उत्तर प्रदेश सरकार के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 20 सितंबर को लोकभवन सभागार, लखनऊ में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की ओर से चयनित इन अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।

इनमें 259 पुलिस उपनिरीक्षक गोपनीय, 449 पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लिपिक और 204 पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लेखा शामिल हैं। इस तरह दो दिनों में ही 1,730 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिल गए थे।

22 सितंबर को 3,567 शिक्षकों को मिली नियुक्ति

इसके बाद 22 सितंबर को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में नियुक्ति पत्र वितरण का सबसे बड़ा कार्यक्रम हुआ। इसमें उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से चयनित 3,567 अभ्यर्थियों को अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्ति मिली। इन नियुक्तियों में 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता पीजीटी और 2,372 सहायक अध्यापक टीजीटी शामिल हैं।

चयनित अभ्यर्थियों में 1,090 महिलाएं और 2,477 पुरुष बताए गए हैं। शिक्षा विभाग में हुई यह नियुक्ति पिछले चार दिनों में आयोजित तीन कार्यक्रमों में सबसे बड़ी संख्या वाली नियुक्ति रही। इसके साथ ही 19, 20 और 22 सितंबर के तीन कार्यक्रमों में नियुक्ति पाने वाले अभ्यर्थियों की कुल संख्या 5,297 हो गई।

नियुक्ति पत्र वितरित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
नियुक्ति पत्र वितरित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती पर सरकार का जोर

नियुक्ति पत्र वितरण के इन कार्यक्रमों के साथ सरकार की ओर से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और योग्यता को लेकर भी संदेश दिया जा रहा है। 22 सितंबर को शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नियुक्ति के बाद किसी शिक्षक से पैसे मांगने की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की बात कही। उन्होंने कहा कि युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर नौकरी मिलनी चाहिए।

यह मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकारी भर्तियों में चयन प्रक्रिया और नियुक्ति के बाद किसी तरह के आर्थिक लेन-देन की शिकायतें अभ्यर्थियों के लिए गंभीर चिंता का विषय रही हैं। सरकार का कहना है कि मौजूदा भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और योग्यता को प्राथमिकता दी जा रही है।

अब छह महीने में एक लाख सरकारी नौकरियों का लक्ष्य

सरकार के मुताबिक पिछले नौ वर्षों में करीब साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। अब अगले छह महीनों में एक लाख और सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य रखा गया है। पुलिस, होमगार्ड, शिक्षा, स्वास्थ्य, आयुष, कौशल विकास और अन्य विभागों में होने वाली भर्तियों को इसी व्यापक रोजगार अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है।

चार दिनों में 5,297 नियुक्तियों के आंकड़े के साथ सरकार ने रोजगार अभियान की शुरुआत की तस्वीर पेश की है। 19 सितंबर की 818 नियुक्तियां, 20 सितंबर की 912 पुलिस नियुक्तियां और 22 सितंबर की 3,567 शिक्षा क्षेत्र की नियुक्तियों को जोड़ने पर यह संख्या 5,297 तक पहुंचती है।

अब अगले छह महीनों में अलग-अलग भर्ती प्रक्रियाओं के परिणाम और नियुक्ति पत्र वितरण के जरिए एक लाख सरकारी नौकरियों के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में सरकार की आगे की गतिविधियों पर नजर रहेगी।

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