UP के पत्रकारों का असम-मेघालय मीडिया टूर, ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के तहत गुवाहाटी रवाना हुआ दल

यूपी से पत्रकारों का दल असम-मेघालय मीडिया टूर के लिए गुवाहाटी रवाना, ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के तहत पूर्वोत्तर को करीब से जानेंगे
लखनऊ । ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करने की दिशा में पत्र सूचना कार्यालय (PIB), लखनऊ की ओर से उत्तर प्रदेश के पत्रकारों के लिए असम और मेघालय का मीडिया टूर आयोजित किया गया है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश से पत्रकारों का एक दल आज गुवाहाटी के लिए रवाना हुआ। इस दौरे का उद्देश्य पत्रकारों को पूर्वोत्तर भारत की सांस्कृतिक विविधता, प्राकृतिक संपदा, पर्यटन संभावनाओं, स्थानीय कला एवं शिल्प तथा क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों को करीब से समझने का अवसर उपलब्ध कराना है। केंद्र सरकार की ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल भी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच सांस्कृतिक संवाद, आपसी समझ और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने पर केंद्रित है।
यह मीडिया टूर केवल पर्यटन स्थलों के भ्रमण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके माध्यम से उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के बीच संवाद को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। दौरे के दौरान पत्रकार असम और मेघालय के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण करेंगे और वहां की स्थानीय जीवनशैली, संस्कृति, परंपराओं, पर्यटन गतिविधियों तथा विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं को प्रत्यक्ष रूप से समझेंगे। इस तरह पूर्वोत्तर भारत के उन क्षेत्रों और कहानियों को भी व्यापक मंच मिल सकेगा, जिनसे देश के दूसरे हिस्सों के लोग अक्सर सीमित रूप से परिचित होते हैं।
संस्कृति, पर्यटन और विकास को करीब से समझेंगे पत्रकार
मीडिया टूर के दौरान पत्रकारों को असम और मेघालय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत तथा प्राकृतिक सौंदर्य को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। पूर्वोत्तर भारत अपनी विशिष्ट जनजातीय परंपराओं, लोक संस्कृति, हस्तशिल्प, खान-पान, प्राकृतिक पर्यटन और जैव विविधता के लिए जाना जाता है। असम और मेघालय दोनों ही राज्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन से लेकर प्राकृतिक पर्यटन तक कई संभावनाएं रखते हैं। पत्रकार इन क्षेत्रों में पर्यटन से जुड़े अवसरों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर चल रही विकास परियोजनाओं और सरकारी पहलों की जानकारी भी प्राप्त करेंगे।
दौरे के दौरान स्थानीय कला एवं शिल्प पर भी विशेष ध्यान रहेगा। पूर्वोत्तर के पारंपरिक हस्तशिल्प, हथकरघा और स्थानीय उत्पाद वहां की अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। पत्रकारों के प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से इन उत्पादों, स्थानीय कारीगरों और उनसे जुड़ी आजीविका की कहानियों को उत्तर प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।
स्थानीय लोगों और प्रशासन से होगा संवाद
मीडिया टूर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा स्थानीय लोगों, प्रशासन और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हितधारकों के साथ संवाद भी होगा। पत्रकार क्षेत्र के लोगों से उनकी संस्कृति, परंपराओं, स्थानीय समस्याओं, विकास की संभावनाओं और पर्यटन से जुड़े अनुभवों के बारे में जानकारी ले सकेंगे। इसके साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों से विभिन्न विकास योजनाओं और सरकारी पहलों के बारे में भी संवाद किया जाएगा।
ऐसे संवाद का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि किसी क्षेत्र को समझने के लिए केवल पर्यटन स्थलों का भ्रमण पर्याप्त नहीं होता। स्थानीय लोगों की जीवनशैली, उनकी आर्थिक गतिविधियां, पारंपरिक व्यवसाय, संस्कृति और विकास की जरूरतों को समझना भी जरूरी है। मीडिया प्रतिनिधियों के इस प्रत्यक्ष अनुभव से पूर्वोत्तर भारत से जुड़ी खबरों और विकास की कहानियों को अधिक व्यापक संदर्भ में प्रस्तुत करने में मदद मिल सकती है।
‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मिलेगा विस्तार
‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम का मूल उद्देश्य देश के अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच आपसी संपर्क, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और एक-दूसरे को समझने की भावना को मजबूत करना है। केंद्र सरकार की पहल के तहत अलग-अलग राज्यों के बीच युवाओं, मीडिया और अन्य समूहों के आदान-प्रदान से लोगों को देश के दूसरे हिस्सों की संस्कृति और जीवनशैली को प्रत्यक्ष रूप से जानने का अवसर मिलता है।
इसी व्यापक उद्देश्य के तहत उत्तर प्रदेश के पत्रकारों का असम और मेघालय दौरा भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे एक तरफ उत्तर प्रदेश के मीडिया प्रतिनिधियों को पूर्वोत्तर की वास्तविक परिस्थितियों को नजदीक से देखने का अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ असम और मेघालय की उपलब्धियों, पर्यटन संभावनाओं, स्थानीय संस्कृति और विकास की कहानियों को उत्तर भारत के पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाने का माध्यम तैयार होगा।
पूर्वोत्तर की विकास कहानियों को देश तक पहुंचाएगा मीडिया
मीडिया किसी भी क्षेत्र की सकारात्मक और महत्वपूर्ण कहानियों को देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाता है। असम और मेघालय जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में पर्यटन, संस्कृति, कनेक्टिविटी, स्थानीय उद्योग, हस्तशिल्प और सामुदायिक विकास से जुड़े कई ऐसे पहलू हैं, जिन्हें प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से बेहतर ढंग से समझा जा सकता है। पत्रकारों का यह दौरा इन्हीं पहलुओं को समझने और उन्हें व्यापक जनसमुदाय तक पहुंचाने का अवसर देगा।
इस मीडिया टूर के जरिए पत्रकार ‘विविधता में एकता’ की भारतीय अवधारणा को भी करीब से अनुभव करेंगे। उत्तर प्रदेश से पूर्वोत्तर तक का यह संवाद अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों, परंपराओं और भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद देश की साझा राष्ट्रीय पहचान को समझने का अवसर प्रदान करेगा। यही ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की उस भावना को मजबूत करता है, जिसमें अलग-अलग राज्यों की विशिष्ट पहचान का सम्मान करते हुए उनके बीच आपसी जुड़ाव और समझ को बढ़ावा दिया जाता है।
उत्तर प्रदेश के पत्रकारों का असम-मेघालय मीडिया टूर इसी कड़ी में सांस्कृतिक संवाद, मीडिया अनुभव और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है। गुवाहाटी से शुरू होने वाला यह दौरा पूर्वोत्तर भारत को समझने के साथ-साथ वहां की अनकही कहानियों, स्थानीय प्रतिभाओं, पर्यटन स्थलों और विकास की संभावनाओं को देश के व्यापक मीडिया परिदृश्य तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।




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