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फैजुल्लागंज से नैमिष तक बनेगा तटबंध, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया हवाई सर्वेक्षण , बाढ़ पीड़ितों से की मुलाकात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फैजुल्लागंज से नैमिष तक हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। गोमती नदी पर तटबंध बनाने के निर्देश, राहत और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की भी समीक्षा।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फैजुल्लागंज से नैमिष तक हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने बख्शी का तालाब क्षेत्र में पहुंचकर बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत की, उनका दुख-दर्द जाना और राहत सामग्री वितरित की। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य शिविर का भी निरीक्षण किया और डॉक्टरों तथा मरीजों से दवाओं एवं स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावितों के बीच पहुंचकर शासन की ओर से उपलब्ध कराई जा रही राहत सामग्री, अन्न और चिकित्सा सुविधाओं की जमीनी स्थिति भी जानी। मुख्यमंत्री ने बच्चों को अपने पास बुलाकर उन्हें चॉकलेट भी दी।

मुख्यमंत्री ने अक्टूबर में आई बाढ़ की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि गोमती नदी पर तटबंध बनने से बाढ़ की विभीषिका को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव को फैजुल्लागंज से लेकर नैमिष तक नदी के तट का सर्वे कराने और तटबंध बनवाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि तटबंध के बाहर रहने वाले गांवों में बरसात का पानी निकालने की उचित व्यवस्था भी की जानी चाहिए, ताकि नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद तटबंध के अंदर पानी जमा होकर बीमारी का कारण न बने। इसके लिए पंपिंग सेट के जरिए पानी बाहर निकालने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।

फैजुल्लागंज से नैमिष तक तटबंध बनाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग को इन कार्यों का प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र कार्य शुरू कराने को कहा। उन्होंने कहा कि मजबूत और स्थायी व्यवस्था तैयार होने से आने वाले समय में इस तरह की त्रासदी को रोकने तथा बाढ़ की विभीषिका पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक तटबंध केवल बाढ़ से बचाव का माध्यम नहीं होगा, बल्कि हर बरसात के मौसम में इसका उपयोग किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सुबह फोन कर बाढ़ की स्थिति को लेकर चिंता जताई। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों को बताया कि रक्षा मंत्री ने फैजुल्लागंज से नैमिष तक तटबंध बनाए जाने और इससे बाढ़ से बचाव में मिलने वाली मदद को लेकर भी विमर्श किया। मुख्यमंत्री के अनुसार उन्होंने रक्षा मंत्री को बताया कि सरकार ने तटबंध निर्माण को स्वीकृत कर दिया है और धनराशि अवमुक्त करते हुए काम को जल्द आगे बढ़ाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तटबंध बनने के बाद बरसात के दौरान नदी का पानी इस ओर नहीं आएगा और दूसरी ओर का पानी पंपिंग सेट के माध्यम से नदी की तरफ निकाला जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि एलडीए की ओर से ग्रीन कॉरिडोर बनवाया गया है, जो सड़क और सुरक्षा दोनों के लिहाज से काम कर रहा है। इसी तरह तटबंध पर आवागमन की व्यवस्था भी कराने की बात मुख्यमंत्री ने कही।

स्कूल और मैरिज हॉल में बाढ़ प्रभावितों के ठहरने की व्यवस्था के निर्देश

मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावितों से कहा कि संकट की इस घड़ी में सभी को मिलकर आपदा का सामना करना है। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया कि गांवों से बाहर आए लोगों को खुले में सोने के लिए मजबूर न होना पड़े और उनके ठहरने की व्यवस्था स्कूलों, मैरिज हॉल आदि में की जाए। इन स्थानों पर गर्म भोजन, बच्चों के लिए दूध और गर्भवती महिलाओं के लिए पोषक आहार उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित पशुओं की सुरक्षा और संरक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने प्रशासन को पशुओं के लिए चारे, भूसा और चोकर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही पानी भरने के कारण पशुओं को होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए भी आवश्यक व्यवस्था करने को कहा।

कई जिलों में बारिश के बाद बढ़ा नदियों का जलस्तर

अकड़रिया कला गांव में बाढ़ पीड़ितों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 10 दिनों में 50 से अधिक जनपदों में भारी बारिश हुई है, जिसके कारण कई नदियों के जलस्तर में काफी वृद्धि हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि लखनऊ में भी अतिवृष्टि हुई थी, लेकिन उस समय गोमती नदी का जलस्तर इतना नहीं बढ़ा था। उनके मुताबिक पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और नेपाल में हुई बारिश का पानी पांच-छह दिन बाद नीचे आने के कारण गोमती नदी का जलस्तर बढ़ा।

मुख्यमंत्री के अनुसार इसी वजह से बख्शी का तालाब, लखनऊ उत्तर, फैजुल्लागंज से लेकर नैमिष तक का क्षेत्र जल पलावन और बाढ़ की स्थिति से प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा- बाढ़ पीड़ितों के साथ खड़ी है सरकार

मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया कि डबल इंजन सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि वह लगातार क्षेत्र की स्थिति का आकलन कर रहे हैं और बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचकर राहत कार्यों की स्थिति भी देख रहे हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक जनप्रतिनिधि लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटे हैं तथा प्रशासन के साथ मिलकर पीड़ितों की हरसंभव मदद कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि राहत और बचाव कार्यों के लिए प्रशासन को पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है। बाढ़ से प्रभावित गांवों और मोहल्लों में प्रत्येक परिवार के लिए सूखा राशन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसमें 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 10 किलो आलू, दो किलो अरहर दाल, एक लीटर रिफाइंड/सरसों का तेल, नमक, मिर्च, मसाला, बरसाती, बाल्टी, लाई-भूजा, मोमबत्ती और माचिस आदि शामिल हैं।

इसके अलावा गाय, बकरी, भैंस और घोड़े आदि पालतू पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था, छोटे बच्चों के लिए दूध तथा स्वास्थ्य और पशु चिकित्सा शिविर लगाने के लिए भी प्रशासन को निर्देशित किया गया है।

हर स्वास्थ्य केंद्र पर एंटी स्नेक वेनम और एंटी रैबीज इंजेक्शन की व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की स्थिति में प्रत्येक व्यक्ति की जान बचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि बरसात के दौरान पानी भरने से सांप और बिच्छू आदि के काटने का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए हर स्वास्थ्य केंद्र पर एंटी स्नेक वेनम की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि एंटी रैबीज इंजेक्शन उपलब्ध हैं।

मुख्यमंत्री ने डूबने और आकाशीय बिजली से होने वाली जनहानि के मामलों में परिवार को चार लाख रुपये की सहायता देने के निर्देश की बात कही। उन्होंने प्रशासन से कहा कि बाढ़ के कारण घर क्षतिग्रस्त होने, जनहानि, पशुहानि और किसानों की फसल के नुकसान का सर्वे कराया जाए तथा किसानों को तत्काल मुआवजा दिलाया जाए, ताकि आपदा की स्थिति में प्रभावित परिवारों को सरकार का संबल मिल सके।

गांवों की सुरक्षा के लिए रात में पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने पुलिस को निर्देश दिया कि जिन गांवों के लोग बाढ़ के कारण बाहर आए हैं, वहां रात के समय सुरक्षा के लिए चौकीदार, होमगार्ड, पीआरडी जवान और पुलिस की पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने ऐसे स्थानों पर पेट्रोमैक्स जलाने तथा राहत शिविरों में पेट्रोमैक्स या सोलर लाइट की व्यवस्था कराने के भी निर्देश दिए, ताकि बाढ़ प्रभावित लोगों को रात के समय किसी तरह की परेशानी न हो।

मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों को आश्वस्त किया कि उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है और सरकार लगातार राहत सामग्री उपलब्ध कराती रहेगी। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार हरसंभव मदद करेगी और सभी के सुखी एवं स्वस्थ रहने की कामना की।

मुख्यमंत्री के दौरे में ये लोग रहे मौजूद

मुख्यमंत्री के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, विधायक योगेश शुक्ल, डॉ. नीरज बोरा, विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष विजय मौर्य और इटौंजा के नगर पंचायत अध्यक्ष अखिलेश अवस्थी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

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