नवरात्र-दिवाली में आसान होगा यूपी का सफर, 12 और शहरों तक पहुंचेगी भारत टैक्सी
भारत टैक्सी अब लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज के बाद यूपी के 12 और शहरों तक पहुंचाने की तैयारी में है। अयोध्या, आगरा और मेरठ में नवरात्र से पहले सेवा शुरू करने का लक्ष्य है।

नवरात्र-दिवाली में आसान होगा यूपी का सफर, 12 और शहरों तक पहुंचेगी भारत टैक्सी
अयोध्या, आगरा और मेरठ में नवरात्र से पहले सेवा शुरू करने की तैयारी, पांच शहरों में हो चुका है संचालन
लखनऊ। नवरात्र और दिवाली के त्योहारी सीजन में उत्तर प्रदेश के कई शहरों में लोगों को ऐप के जरिए टैक्सी बुक कर सफर करने की सुविधा मिलने की तैयारी है। लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज में सितंबर में औपचारिक रूप से शुरू की गई भारत टैक्सी सेवा का विस्तार अब दूसरे शहरों तक करने की योजना है। राज्य सरकार और भारत टैक्सी से जुड़े स्तर पर छोटे और मध्यम शहरों में चालक तथा वाहनों को प्लेटफॉर्म से जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक 23 सितंबर को यूपी के इन पांच शहरों में सेवा शुरू की गई थी और उस समय करीब 40 हजार चालक प्रदेश में पंजीकृत बताए गए थे।
भारत टैक्सी सहकारी मॉडल पर आधारित चालक-केंद्रित डिजिटल मोबिलिटी प्लेटफॉर्म है। इसे सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड संचालित करता है। प्लेटफॉर्म के आधिकारिक विवरण के अनुसार इसमें कार के साथ ऑटो-रिक्शा और बाइक-टैक्सी सेवाओं को भी शामिल किया जा रहा है और शून्य-कमीशन मॉडल के तहत चालक को किराये की पूरी राशि रखने का प्रावधान है।
अयोध्या, आगरा और मेरठ पर पहले फोकस
नए विस्तार के पहले चरण में अयोध्या, आगरा और मेरठ को शामिल करने की तैयारी है। दिए गए कार्यक्रम के अनुसार इन शहरों में नवरात्र से पहले सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद मथुरा, फिरोजाबाद, मुजफ्फरनगर, हापुड़, सीतापुर, हाथरस, इटावा, मिर्जापुर और रायबरेली जैसे शहरों तक नेटवर्क का विस्तार करने की तैयारी है।
इन शहरों में स्थानीय स्तर पर चालक और वाहनों को प्लेटफॉर्म से जोड़ने की प्रक्रिया को गति देने पर जोर है। इससे भारत टैक्सी का नेटवर्क केवल बड़े महानगरों तक सीमित न रहकर धार्मिक, पर्यटन और क्षेत्रीय महत्व वाले शहरों तक पहुंच सकता है। अयोध्या और मथुरा जैसे धार्मिक शहरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही, आगरा में पर्यटन और मेरठ सहित अन्य शहरों में स्थानीय परिवहन की जरूरत को देखते हुए विस्तार की योजना बनाई जा रही है।
हालांकि, इन सभी शहरों में सेवा शुरू होने की अंतिम तारीख अलग-अलग हो सकती है। सेवा के विस्तार के लिए चालक उपलब्धता, परिचालन तैयारियों, आवश्यक अनुमतियों और स्थानीय स्तर पर समन्वय जैसे कारक भी महत्वपूर्ण होंगे। केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय ने भी स्पष्ट किया है कि नए शहरों और राज्यों में विस्तार परिचालन तैयारियों, चालक उपलब्धता, वैधानिक मंजूरियों तथा राज्य सरकारों और सहकारी संस्थाओं के समन्वय के आधार पर किया जाएगा।
कार के साथ बाइक और ऑटो भी नेटवर्क में
भारत टैक्सी के विस्तार में केवल कार टैक्सी पर निर्भर रहने के बजाय टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर चालकों को भी प्लेटफॉर्म से जोड़ने की योजना है। भारत टैक्सी के आधिकारिक विवरण में कार, ऑटो-रिक्शा और बाइक-टैक्सी सेवाओं को एक ही ऐप के माध्यम से उपलब्ध कराने की बात कही गई है। इससे यात्रियों के लिए अलग-अलग दूरी और जरूरत के हिसाब से परिवहन के विकल्प बढ़ सकते हैं।
इस मॉडल में चालक केवल सेवा प्रदाता के रूप में नहीं बल्कि सहकारी व्यवस्था में सदस्य और हितधारक के रूप में जुड़े हैं। केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय ने भारत टैक्सी को ‘ड्राइवर इज द ओनर’ सिद्धांत पर आधारित प्लेटफॉर्म बताया है। मंत्रालय के मुताबिक इसका उद्देश्य चालकों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को मजबूत करना तथा रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना है।
यूपी में 40 हजार चालक पंजीकृत, संख्या बढ़ाने की तैयारी
23 सितंबर को उत्तर प्रदेश में भारत टैक्सी के औपचारिक लॉन्च के समय केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया था कि पांच शहरों में करीब 40 हजार चालक पंजीकृत हो चुके हैं। उसी कार्यक्रम में 50 हजार से अधिक लोग उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से ऑनलाइन जुड़े थे। इसलिए दोनों आंकड़ों को अलग-अलग समझना जरूरी है—50 हजार से अधिक का आंकड़ा कार्यक्रम में ऑनलाइन सहभागिता का है, जबकि चालक पंजीकरण का आंकड़ा करीब 40 हजार बताया गया था।
भारत टैक्सी के विस्तार के साथ नए शहरों में स्थानीय चालकों को जोड़ने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी। इससे प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत सारथियों की संख्या में वृद्धि हो सकती है। राष्ट्रीय स्तर पर भी प्लेटफॉर्म का विस्तार जारी है और आधिकारिक भारत टैक्सी वेबसाइट के अनुसार इसमें कार, ऑटो और बाइक-टैक्सी सेवाओं को एक ही डिजिटल मंच पर उपलब्ध कराने का मॉडल अपनाया गया है।
त्योहारों में बढ़ने वाली आवाजाही को देखते हुए विस्तार
सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर के मुताबिक अक्टूबर में नवरात्र और उसके बाद दिवाली के दौरान धार्मिक स्थलों, बाजारों, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर यात्रियों की आवाजाही बढ़ती है। इसी को ध्यान में रखते हुए नए शहरों में नेटवर्क तैयार करने की प्रक्रिया तेज करने की बात कही गई है।
सितंबर में भारत टैक्सी की यूपी में शुरुआत लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज से हुई थी। लॉन्च कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल समेत कई अधिकारी मौजूद रहे थे। इसी अवसर पर भारत टैक्सी ने एयरपोर्ट अथॉरिटी, लखनऊ मेट्रो रेल और लखनऊ पुलिस के साथ समझौता ज्ञापन भी किए थे।
एक नजर में भारत टैक्सी का यूपी विस्तार
अभी सेवा: लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज।
नवरात्र से पहले लक्ष्य: अयोध्या, आगरा और मेरठ।
अगले चरण में प्रस्तावित शहर: मथुरा, फिरोजाबाद, मुजफ्फरनगर, हापुड़, सीतापुर, हाथरस, इटावा, मिर्जापुर और रायबरेली।
यूपी में लॉन्च के समय चालक पंजीकरण: करीब 40 हजार।
सेवा मॉडल: सहकारी, चालक-केंद्रित और शून्य-कमीशन मॉडल।
वाहन विकल्प: कार, ऑटो-रिक्शा और बाइक-टैक्सी.



