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बुंदेलखंड में बीडा के औद्योगिक विकास को रफ्तार, 28,874 एकड़ भूमि का अर्जन पूरा; ₹447 करोड़ के काम प्रस्तावित

बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी बीडा में 28,874 एकड़ भूमि का अर्जन पूरा हो चुका है। 1,000 एकड़ के एक्टिवेशन एरिया में ₹447.01 करोड़ के विकास कार्य प्रस्तावित हैं।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक विकास के लिए प्रस्तावित बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी बीडा के विकास की प्रक्रिया में भूमि अर्जन और आधारभूत ढांचे से जुड़े काम आगे बढ़ रहे हैं। बीडा के 1 अक्टूबर 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, परियोजना के लिए 33 ग्रामों में कुल 56,662 एकड़ अनुमोदित क्षेत्र में से 28,874 एकड़ भूमि का अर्जन पूरा हो चुका है। परियोजना के लिए प्रथम चरण में 35,298 एकड़ और द्वितीय चरण में 21,364 एकड़ भूमि अनुमोदित है। उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास एजेंडे में बुंदेलखंड को औद्योगिक गतिविधियों के लिए विकसित करने की दिशा में बीडा को महत्वपूर्ण परियोजना के तौर पर आगे बढ़ाया जा रहा है।

सितंबर में 616 एकड़ भूमि का अर्जन, कुल आंकड़ा 28,874 एकड़ पहुंचा

बीडा क्षेत्र में भूमि अर्जन की प्रक्रिया पिछले महीनों के दौरान लगातार आगे बढ़ी है। नवंबर से सितंबर तक कुल 7,026 एकड़ अतिरिक्त भूमि अर्जित की गई। सितंबर 2026 में ही 616 एकड़ भूमि का अर्जन हुआ। इसके साथ परियोजना के लिए अब तक अर्जित कुल भूमि का आंकड़ा 28,874 एकड़ हो गया है। यह भूमि औद्योगिक, वाणिज्यिक और आधारभूत संरचनात्मक विकास से जुड़ी प्रस्तावित गतिविधियों के लिए आवश्यक क्षेत्र उपलब्ध कराने में आधार तैयार कर रही है। कुल 56,662 एकड़ के अनुमोदित क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से विकास की तैयारी की जा रही है।

1,000 एकड़ में विकसित होगा एक्टिवेशन एरिया, सड़क से लेकर बिजली-पानी तक का ढांचा

बीडा के कुल 2,320 एकड़ क्षेत्रफल को एक्टिवेशन एरिया के रूप में चिह्नित किया गया है। इसके पहले चरण में 1,000 एकड़ क्षेत्र को विकसित करने का प्रस्ताव है। इसके लिए ड्राफ्ट सेक्टर प्लान तैयार किया जा चुका है। महायोजना के अनुमोदन के बाद इस योजना को अंतिम स्वीकृति देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। प्रस्तावित एक्टिवेशन एरिया में औद्योगिक गतिविधियों के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं पर फोकस किया जा रहा है, जिसमें सड़क, जलापूर्ति, विद्युत आपूर्ति और अन्य आवश्यक आधारभूत ढांचा शामिल है।

इस क्षेत्र में प्रस्तावित प्रमुख कार्यों में 132 केवी विद्युत पारेषण लाइन, 30 एमएलडी जल ट्रंक लाइन, सड़क अवसंरचना, स्टॉर्म वाटर ड्रेन, विद्युत डक्ट, साइकिल ट्रैक, फुटपाथ और एवेन्यू प्लांटेशन शामिल हैं। इसके अलावा प्रशासनिक भवन एवं आईसीसीसी, प्रवेश द्वार, जल वितरण पाइपलाइन और ओवरहेड टैंक, विद्युत वितरण नेटवर्क तथा 33/11 केवी सबस्टेशन भी विकसित किए जाने हैं।

इन आधारभूत विकास कार्यों की अनुमानित कुल लागत 447.01 करोड़ रुपये है। शासन की ओर से इन परियोजनाओं को अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के अंतर्गत कराए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। संबंधित कार्यों के डीपीआर तैयार किए जा चुके हैं और उनके परीक्षण की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है।

डेटा सेंटर, आईटी, केमिकल और डिफेंस सेक्टर के लिए क्लस्टर आधारित विकास

बीडा क्षेत्र में अलग-अलग औद्योगिक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए क्लस्टर आधारित विकास की योजना तैयार की गई है। इसमें डेटा सेंटर/आईटी, केमिकल और डिफेंस सेक्टर जैसे क्षेत्र शामिल हैं। डेटा सेंटर/आईटी क्लस्टर के लिए 1,000 एकड़ क्षेत्र चिह्नित किया गया है, जिसमें से 810 एकड़ भूमि अर्जित की जा चुकी है। क्लस्टर आधारित मॉडल के जरिए संबंधित उद्योगों के लिए एकीकृत आधारभूत सुविधाएं विकसित करने की योजना है, जिससे बीडा क्षेत्र में विभिन्न औद्योगिक गतिविधियों के लिए अलग-अलग सेक्टर आधारित ढांचा तैयार किया जा सके।

बीडा के लिए 216 एमएलडी पानी की उपलब्धता पर मध्य प्रदेश से समन्वय

औद्योगिक क्षेत्र के विकास के साथ जल उपलब्धता को लेकर भी अंतरराज्यीय स्तर पर समन्वय किया जा रहा है। मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश की ओर से मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश को भेजे गए अर्द्धशासकीय पत्र और दोनों पक्षों के बीच हुई वार्ता के क्रम में 23 सितंबर 2026 को मध्य प्रदेश के जल संसाधन विभाग के साथ बैठक हुई। बैठक में बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण परियोजना के लिए 216 एमएलडी जल उपलब्ध कराने के संबंध में मध्य प्रदेश सरकार की सहमति से अवगत कराया गया।

मदरसन, बीईएमएल, रैप्हे एमफिब्र समेत कई कंपनियों ने दिखाई रुचि

बीडा में प्रस्तावित औद्योगिक गतिविधियों और उपलब्ध संभावनाओं को देखते हुए विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियों और संस्थानों ने निवेश में रुचि दिखाई है। संभावित निवेशकों की सूची में समवर्धन मदरसन इंटरनेशनल लिमिटेड, बीईएमएल लिमिटेड, रैप्हे एमफिब्र, फेयर एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (लुलु समूह), प्रभातम ग्रुप, कॉनकॉर, सिद्धार्थ लॉजिस्टिक्स, सिफी टेक्नोलॉजीज, श्री सतीश चंद्र गोयल चैरिटेबल ट्रस्ट (मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज) तथा एनआईसीडीसी शामिल हैं।

इन संभावित निवेश रुचियों का संबंध अलग-अलग क्षेत्रों से है। इनमें ऑटोमोटिव, रक्षा, एफएमसीजी, स्वास्थ्य, लॉजिस्टिक्स, आईटी और संस्थागत क्षेत्र शामिल हैं। इससे बीडा में औद्योगिक गतिविधियों के लिए बहु-क्षेत्रीय निवेश आधार तैयार होने की संभावना से जुड़ी गतिविधियां सामने आती हैं।

आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे से दिल्ली-मुंबई रेल संपर्क तक कनेक्टिविटी पर जोर

बीडा के औद्योगिक विकास के साथ क्षेत्र को व्यापक कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से जोड़ने के लिए भी विभिन्न परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। भारत सरकार के सहयोग से आगरा-ग्वालियर छह लेन एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई रेल संपर्क, मल्टीमॉडल कार्गो पार्क तथा डिफेंस कॉरिडोर से जुड़ी कनेक्टिविटी जैसी परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्र के लिए सड़क, रेल और लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी को विकास की आवश्यक आधारभूत संरचना के रूप में देखा जा रहा है।

यूपीआईटीएस-2026 में बीडा के स्टॉल को मिला बेस्ट डिस्प्ले अवॉर्ड

बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में भी अपनी औद्योगिक संभावनाओं और निवेश अवसरों को प्रदर्शित किया। बीडा के प्रदर्शनी स्टॉल को बेस्ट डिस्प्ले अवॉर्ड प्रदान किया गया। इसके जरिए बीडा की औद्योगिक परिकल्पना, विकसित हो रहे आधारभूत ढांचे और निवेश संभावनाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सामने प्रस्तुत किया गया।

कुल मिलाकर, बीडा परियोजना में भूमि अर्जन, एक्टिवेशन एरिया के विकास, औद्योगिक क्लस्टरों की योजना, जल उपलब्धता, आधारभूत ढांचे और कनेक्टिविटी से जुड़े अलग-अलग मोर्चों पर काम आगे बढ़ रहा है। 1 अक्टूबर 2026 तक 28,874 एकड़ भूमि का अर्जन पूरा होना और 1,000 एकड़ के प्रथम एक्टिवेशन एरिया के लिए ₹447.01 करोड़ के विकास कार्य प्रस्तावित होना परियोजना के वर्तमान चरण की प्रमुख प्रगति में शामिल है।

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