योगी सरकार में 1,565 पीएम श्री स्कूलों में होगा ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’ कार्यक्रम, ₹46.95 लाख का प्रावधान
उत्तर प्रदेश के 1,565 पीएम श्री स्कूलों में नवंबर में ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’ कार्यक्रम आयोजित होगा। विद्यालय, अभिभावक और ग्राम समुदाय की सहभागिता से बच्चों को समृद्ध शैक्षिक परिवेश मिलेगा।

1,565 पीएम श्री स्कूलों में नवंबर में होगा ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’, विद्यालय और ग्राम समुदाय मिलकर बनाएंगे बेहतर शैक्षिक माहौल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पीएम श्री स्कूलों को केवल शिक्षा प्रदान करने वाले संस्थानों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें स्थानीय समुदाय की सक्रिय सहभागिता वाले केंद्रों के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के 1,565 पीएम श्री विद्यालयों में नवंबर महीने में ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’ कार्यक्रम का विशेष आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालय, अभिभावकों और ग्राम समुदाय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए बच्चों के लिए ऐसा शैक्षिक वातावरण तैयार करना है, जिसमें पढ़ाई के साथ उनकी प्रतिभा, रचनात्मकता और सामाजिक सहभागिता को भी बढ़ावा मिले। कार्यक्रम के आयोजन के लिए प्रदेश के सभी 1,565 पीएम श्री विद्यालयों के लिए कुल ₹46.95 लाख की वित्तीय सीमा निर्धारित की गई है।
विद्यालय, अभिभावक और ग्राम समुदाय की होगी साझा भागीदारी
‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’ कार्यक्रम के जरिए पीएम श्री स्कूलों को उनके स्थानीय सामाजिक परिवेश से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा। कार्यक्रम में अभिभावकों के साथ विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों, शिक्षकों तथा अन्य स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। इन सभी पक्षों को एक साझा मंच पर लाने का उद्देश्य बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ उनके नामांकन, विद्यालय में ठहराव और सीखने की प्रक्रिया को मजबूत करना है। कार्यक्रम के दौरान समुदाय को विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों और समग्र शिक्षा से संबंधित योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी, ताकि अभिभावक और स्थानीय समुदाय बच्चों की शिक्षा से जुड़े प्रयासों में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकें।
यह पहल विद्यालय और समाज के बीच संबंध को मजबूत करने पर केंद्रित है। स्थानीय समुदाय की भागीदारी बढ़ने से विद्यालय की गतिविधियों को व्यापक सामाजिक समर्थन मिलने के साथ बच्चों को अपने ही गांव और समुदाय के बीच सीखने, अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में हिस्सा लेने के अवसर मिलेंगे।
रैली, प्रभातफेरी, नाटक और खेल प्रतियोगिताओं से सजेगा आयोजन
‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’ कार्यक्रम को केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसमें बच्चों और समुदाय की सक्रिय भागीदारी के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम के दौरान रैली और प्रभातफेरी, नाटक, कहानी-वाचन, पोस्टर एवं कलाकृतियों की प्रदर्शनी और खेल प्रतियोगिताओं जैसी गतिविधियां होंगी। इन गतिविधियों के जरिए बच्चों को अपनी रचनात्मकता, अभिव्यक्ति और खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच मिलेगा।
इसके साथ ही हस्ताक्षर अभियान और सेल्फी प्वाइंट जैसी गतिविधियों को भी आयोजन का हिस्सा बनाया जाएगा। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के साथ अभिभावकों और ग्राम समुदाय को भी कार्यक्रम से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। विद्यालय में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को कार्यक्रम में आमंत्रित अतिथियों द्वारा सम्मानित किए जाने का भी प्रावधान है। इससे विद्यार्थियों में अपनी उपलब्धियों को लेकर उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाने तथा अन्य बच्चों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने का अवसर मिलेगा।
बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता पर भी रहेगा जोर
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बाल अधिकारों के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान होगा। इसके माध्यम से अभिभावकों और ग्राम समुदाय को बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही बच्चों की शिक्षा और संरक्षण के प्रति समुदाय की जिम्मेदारी और सहभागिता को बढ़ावा देने का संदेश दिया जाएगा। इस तरह कार्यक्रम को शिक्षा से जुड़े विषयों के साथ बच्चों के अधिकारों और उनके समग्र विकास से भी जोड़ा जाएगा।
कक्षा 5, 8 और 10 के विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए किया जाएगा प्रोत्साहित
‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों की आगे की शिक्षा को लेकर भी विशेष जागरूकता पैदा करने का प्रयास किया जाएगा। कक्षा 5, 8 और 10 के विद्यार्थियों को क्रमशः अगली कक्षाओं में नामांकन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों को शिक्षा की निरंतरता बनाए रखने के लिए प्रेरित करना और उन्हें आगे की कक्षाओं में प्रवेश के महत्व के प्रति जागरूक करना है। विद्यालय, परिवार और समुदाय की संयुक्त भूमिका के माध्यम से बच्चों की शिक्षा को आगे जारी रखने के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करने पर जोर रहेगा।
1,565 पीएम श्री स्कूलों के लिए ₹46.95 लाख का वित्तीय प्रावधान
प्रदेश में ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’ कार्यक्रम के आयोजन के लिए 1,565 पीएम श्री विद्यालयों के लिए कुल ₹46.95 लाख की वित्तीय सीमा निर्धारित की गई है। कार्यक्रम के जरिए पीएम श्री स्कूलों में शिक्षा के साथ जनभागीदारी को बढ़ाने और विद्यालयों को स्थानीय समुदाय से जोड़ने की दिशा में गतिविधियां संचालित की जाएंगी। सरकार की ओर से इस पहल को विद्यालय, परिवार और समुदाय के बीच साझेदारी मजबूत करने वाले कार्यक्रम के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।
मंत्री और महानिदेशक ने बताई कार्यक्रम की प्राथमिकता
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा, “पीएम श्री स्कूलों को समुदाय से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’ कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालय, अभिभावक और ग्राम समुदाय मिलकर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखेंगे।”
वहीं, स्कूल शिक्षा की महानिदेशक मोनिका रानी ने कहा, “विद्यालय और समुदाय की सहभागिता से बच्चों की शिक्षा को नई ऊर्जा मिलेगी। ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’ कार्यक्रम में गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की प्रतिभा, सीखने और आगे बढ़ने के अवसरों को प्रोत्साहित किया जाएगा।”
कुल मिलाकर, नवंबर में आयोजित होने वाला ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’ कार्यक्रम प्रदेश के 1,565 पीएम श्री स्कूलों को विद्यालय से बाहर के सामाजिक परिवेश से जोड़ने पर केंद्रित रहेगा। रैली, प्रभातफेरी, नाटक, कहानी-वाचन, खेल, प्रदर्शनी, हस्ताक्षर अभियान और विद्यार्थियों के सम्मान जैसी गतिविधियों के जरिए बच्चों, अभिभावकों और ग्राम समुदाय को एक साझा मंच पर लाने का प्रयास किया जाएगा।



