Mission Rojgar UP: यूपी में 1375 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी, नियुक्ति पत्र मिलते ही छलकी खुशी;मुख्यमंत्री योगी ने बांटे नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में 1,375 नवचयनित ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। श्रुति, आदित्य और ब्यूटी ने साझा की संघर्ष की कहानी। 10 दिन में 6,672 युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र मिले।

यूपी में 1375 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी, नियुक्ति पत्र मिलते ही छलकी खुशी; योगी ने बांटे नियुक्ति पत्र
लखनऊ: वर्षों की मेहनत के बाद जब सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र हाथ में आया तो कई युवाओं की आंखों में खुशी छलक उठी। किसी ने इसे परिवार की आर्थिक स्थिति बदलने की उम्मीद बताया तो किसी ने कहा कि नौकरी मिलने से बच्चे और परिवार के भविष्य को लेकर बनी चिंता कम हुई है। मौका था लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ग्राम पंचायत अधिकारियों के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 11 नवचयनित अभ्यर्थियों को मंच पर प्रतीकात्मक रूप से नियुक्ति पत्र दिए। इस नियुक्ति कार्यक्रम की पूर्व सूचना और 1,375 चयनित अभ्यर्थियों की संख्या की स्वतंत्र रिपोर्टिंग भी हुई थी।
नियुक्ति पत्र मिलने के बाद कई अभ्यर्थियों ने अपनी संघर्ष यात्रा और परिवार की परिस्थितियों के बारे में बताया। कुछ अभ्यर्थी अपनी बात रखते हुए भावुक हो गए और उनका गला रुंध गया। उन्होंने चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त किया।
ससुराल की पहली महिला बनीं सरकारी कर्मचारी, श्रुति की कहानी
लखनऊ की श्रुति श्रीवास्तव ने बताया कि वह अपने ससुराल की पहली महिला हैं, जिन्हें सरकारी सेवा में जाने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान उन्हें अपने और परिवार के भविष्य को लेकर चिंता रहती थी। सरकारी नौकरी मिलने के बाद उन्हें भविष्य को लेकर नई उम्मीद और भरोसा मिला है।
श्रुति ने चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष बताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। उनके लिए नियुक्ति पत्र केवल नौकरी मिलने का दस्तावेज नहीं था, बल्कि परिवार में एक नई जिम्मेदारी और आत्मविश्वास की शुरुआत भी था।
किसान परिवार के आदित्य को मिला प्रदेश की सेवा का अवसर
कुशीनगर के आदित्य सिंह किसान परिवार से आते हैं। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा में चयन होने से उन्हें उत्तर प्रदेश की सेवा करने का अवसर मिला है। उन्होंने अपनी चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बताया।
आदित्य के मुताबिक, ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं के लिए सरकारी सेवा में अवसर मिलना परिवार के साथ-साथ स्वयं के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है। ग्राम पंचायत अधिकारी के रूप में चयन के बाद अब उनकी जिम्मेदारी ग्रामीण स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था और सरकारी योजनाओं से जुड़े कार्यों में योगदान देने की होगी।
ब्यूटी शाही बोलीं- नौकरी से परिवार की परिस्थितियां भी बदलेंगी
गोरखपुर की ब्यूटी शाही ने बताया कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं है। सरकारी नौकरी मिलने के बाद उन्हें उम्मीद है कि वह जनसेवा करने के साथ अपने परिवार की परिस्थितियों को भी बेहतर बनाने में योगदान दे सकेंगी।
अपनी बात रखते हुए ब्यूटी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताया। नियुक्ति पत्र मिलने की खुशी उनके लिए परिवार की आर्थिक स्थिरता और भविष्य की नई संभावनाओं से भी जुड़ी रही।

इन 11 अभ्यर्थियों को मंच पर मिला नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम के दौरान 11 नवचयनित ग्राम पंचायत अधिकारियों को मंच पर प्रतीकात्मक रूप से नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें प्रयागराज के आशुतोष त्रिपाठी, आगरा के ओम बघेल, गाजीपुर के प्रवीण कुमार, प्रतापगढ़ की सुधा, कुशीनगर के आदित्य सिंह, हमीरपुर की नेहा देवी, फतेहपुर की रूपाली गुप्ता, लखनऊ की श्रुति श्रीवास्तव, गोरखपुर की ब्यूटी शाही, गाजीपुर के शुभम कुमार और प्रतापगढ़ के अमित कुमार सिंह शामिल रहे।
समारोह का आयोजन लखनऊ के गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में किया गया। पूर्व कार्यक्रम विवरण के अनुसार मंच से 11 अभ्यर्थियों को सांकेतिक रूप से नियुक्ति पत्र देने की व्यवस्था की गई थी।
10 दिन में चार बड़े कार्यक्रम, 6,672 युवाओं को नियुक्ति पत्र
सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, मिशन रोजगार के तहत 19 से 28 सितंबर के बीच चार बड़े नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन चार कार्यक्रमों में कुल 6,672 युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए जाने की बात कही गई है।
इस क्रम में 19 सितंबर को लोकभवन में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इनमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा, आयुष, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग से जुड़े चयनित अभ्यर्थी शामिल थे।
इसके बाद 20 सितंबर को 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इनमें उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के माध्यम से चयनित पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय), पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) और पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) के पदों पर चयनित अभ्यर्थी शामिल रहे।
शिक्षा विभाग में 3,567 शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की नियुक्ति
22 सितंबर को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से चयनित 3,567 शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इनमें 1,090 महिलाएं और 2,477 पुरुष शामिल थे। चयन प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता और सहायक अध्यापक के पदों के लिए किया गया था।
इसके बाद 28 सितंबर को 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इस तरह 818, 912, 3,567 और 1,375 को जोड़ने पर 19 से 28 सितंबर के बीच इन चार कार्यक्रमों में 6,672 नियुक्ति पत्र वितरित किए जाने का आंकड़ा बनता है।

ग्राम पंचायतों में बढ़ेगी नई प्रशासनिक कार्यशक्ति
ग्राम पंचायत अधिकारियों की नियुक्ति ग्रामीण स्तर की प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ी है। समकालीन रिपोर्टों के अनुसार, इन नियुक्तियों से ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक कार्यों के संचालन, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और पंचायत स्तर पर नागरिक सेवाओं को बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। नियुक्ति के बाद नवचयनित अधिकारियों के लिए उन्मुखीकरण और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी प्रस्तावित किया गया था।
कार्यक्रम में नियुक्ति पाने वाले युवाओं की व्यक्तिगत कहानियां भी सामने आईं। किसी के लिए यह वर्षों की तैयारी के बाद मिली सफलता थी, तो किसी के लिए परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने की उम्मीद। इस तरह नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम सरकारी भर्ती के आंकड़ों के साथ-साथ चयनित अभ्यर्थियों की व्यक्तिगत संघर्ष यात्राओं का भी मंच बना।



