मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नारी सशक्तीकरण पर संदेश, महिला सम्मान के लिए गिनाईं सरकारी योजनाएं
सीएम योगी आदित्यनाथ ने नवरात्रि की तृतीया पर मां चंद्रघंटा की आराधना के साथ महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण पर संदेश दिया। जानें किन योजनाओं का किया जिक्र।

नारी के सम्मान और स्वाभिमान पर सीएम योगी का संदेश, महिला कल्याण की योजनाओं का किया जिक्र
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि की तृतीया पर मां चंद्रघंटा के स्वरूप की आराधना करते हुए महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण को लेकर संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि नारी की सुरक्षा, सम्मान और स्वाभिमान ही सशक्त एवं समृद्ध समाज का आधार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार सुशासन के माध्यम से नारी सशक्तीकरण के लिए विभिन्न पहल कर रही है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में महिलाओं और बेटियों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार की पहल का उद्देश्य महिलाओं को सम्मानजनक जीवन, सामाजिक सुरक्षा और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है।
मां चंद्रघंटा के स्वरूप से नारी शक्ति का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां चंद्रघंटा के दिव्य स्वरूप को नारी शक्ति के तेज, गरिमा और अदम्य साहस का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि नारी की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना एक सशक्त समाज के निर्माण के लिए आवश्यक है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इसी भावना के अनुरूप प्रदेश सरकार महिला सशक्तीकरण से जुड़ी योजनाओं और कार्यक्रमों को आगे बढ़ा रही है।
नवरात्रि के अवसर पर दिए गए संदेश में मुख्यमंत्री ने महिलाओं के स्वाभिमान और गरिमापूर्ण जीवन को सरकार की प्राथमिकताओं से जोड़ा। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें शिक्षा, आर्थिक सहारा, संपत्ति के अधिकार और सामाजिक सुरक्षा जैसे पहलू भी शामिल हैं।
2017 से पहले की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री ने साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में अराजकता के कारण महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान प्रभावित हुए थे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उस समय माताओं और बहनों के सशक्तीकरण के बजाय सत्ता में बैठे लोगों के परिवारों का सशक्तीकरण प्राथमिकता बन गया था।
ये टिप्पणियां मुख्यमंत्री की ओर से पूर्ववर्ती शासन व्यवस्था को लेकर की गई राजनीतिक आलोचना का हिस्सा हैं। अपने संदेश में उन्होंने वर्तमान सरकार की महिला कल्याण संबंधी योजनाओं को इस संदर्भ में सामने रखा।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ से कन्या सुमंगला योजना तक का जिक्र
मुख्यमंत्री ने महिलाओं और बेटियों के कल्याण के लिए संचालित कई योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान को बेटियों के अस्तित्व की रक्षा और शिक्षा के प्रति जागरूकता से जोड़ा। वहीं, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना को बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सहायक बताया।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह विवाह को गरिमापूर्ण आधार देने की दिशा में एक पहल है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को मातृत्व के दौरान सहायता उपलब्ध कराने वाली योजना के रूप में प्रस्तुत किया गया। इन योजनाओं के माध्यम से बेटियों और महिलाओं के जीवन के अलग-अलग चरणों से जुड़ी जरूरतों पर ध्यान देने की बात कही गई।
उज्ज्वला, इज्जत घर और संपत्ति के अधिकार पर जोर
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का उल्लेख करते हुए महिलाओं को रसोई के धुएं से मुक्ति दिलाने की पहल की बात कही। उन्होंने इज्जत घर के माध्यम से महिलाओं की गरिमा की रक्षा और घरौनी के जरिए संपत्ति के अधिकार को भी महिला सशक्तीकरण से जोड़ा।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महिलाओं के सम्मानजनक जीवन के लिए बुनियादी सुविधाओं और अधिकारों तक पहुंच जरूरी है। उनके संदेश में इन योजनाओं को महिलाओं की गरिमा, स्वाभिमान और जीवन स्तर से संबंधित पहल के रूप में शामिल किया गया।
60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए निःशुल्क बस यात्रा का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं के लिए आजीवन निःशुल्क बस यात्रा और वृद्धावस्था पेंशन के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार की पहल महिलाओं के जीवन के विभिन्न चरणों में सहायता और सम्मान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जुड़ी है।
अपने संदेश के समापन में मुख्यमंत्री ने दोहराया कि डबल इंजन सरकार की पहल नारी के सम्मान, स्वाभिमान और गरिमापूर्ण जीवन के लिए समर्पित है। नवरात्रि की तृतीया पर दिया गया उनका यह संदेश महिला सुरक्षा, कल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहा।



