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बालिका शिक्षा और नारी स्वावलंबन पर मुख्यमंत्री योगी का जोर, बलरामपुर में बेटियों को दीं स्टडी टेबल

बलरामपुर के देवीपाटन मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘शिक्षा की उड़ान’ पहल के तहत बच्चों को स्टडी टेबल, आशीर्वाद पत्र और स्टेशनरी किट वितरित की। नारी सम्मान, बालिका शिक्षा और सरकारी स्कूलों की सुविधाओं का किया उल्लेख।

नारी का सम्मान और स्वावलंबन ही राम राज्य का आधार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

बलरामपुर, 11 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन मिलने से ही राम राज्य की स्थापना का संकल्प साकार हो सकता है। उन्होंने कहा कि मां भगवती की आराधना का वास्तविक अर्थ महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के प्रति समाज की प्रतिबद्धता से भी जुड़ा है। मुख्यमंत्री ने बालिका शिक्षा को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में स्कूलों में दाखिला लेने वाली हर पांचवीं बेटी पढ़ाई बीच में छोड़ देती थी। उनके मुताबिक उस समय विद्यालयों में शौचालय और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, जबकि अब प्रदेश के 1.60 करोड़ बच्चों को हर साल दो यूनिफॉर्म, बैग, पुस्तकें, स्वेटर और जूते-मोजे उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री रविवार को बलरामपुर स्थित देवीपाटन मंदिर प्रांगण में शारदीय नवरात्रि की प्रतिपदा और अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर आयोजित ‘शिक्षा की उड़ान’ पहल के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने बच्चों को स्टडी टेबल और आशीर्वाद पत्र वितरित किए। साथ ही नवदुर्गा के स्वरूप में नौ कन्याओं का तिलक कर उन्हें चुनरी ओढ़ाई और चॉकलेट भेंट की। मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति की उपासना की परंपरा का उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं और विजयदशमी पर भगवान राम के विजय उत्सव को भव्यता से मनाने का आह्वान किया।

स्कूल छोड़ने वाली बेटियों की समस्या पर मुख्यमंत्री ने बताई पुरानी स्थिति

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद जब बड़ी संख्या में बेटियों के बीच में ही पढ़ाई छोड़ने के कारणों की पड़ताल कराई गई, तो शुरुआत में विद्यालयों की दूरी को इसकी वजह बताया गया। इसके बाद जांच के लिए टीम गठित की गई। मुख्यमंत्री के मुताबिक जांच में सामने आया कि कई स्कूलों में शौचालय और पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं थीं। इसके बाद बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय बनवाने, पेयजल की व्यवस्था करने और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय 60 से 70 प्रतिशत बेटियां नंगे पैर स्कूल जाती थीं और कई बच्चों के पास सर्दियों में पहनने के लिए स्वेटर तक नहीं होते थे। उन्होंने बताया कि बच्चों को यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूते-मोजे, बैग और किताबों सहित जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। मुख्यमंत्री के अनुसार, बालिकाओं की शिक्षा में आने वाली बाधाओं को दूर करना और बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

ऑपरेशन कायाकल्प से सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से सरकारी विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। स्कूलों में फर्श और फर्नीचर जैसी सुविधाओं के साथ स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी विकसित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों की पहुंच पहले कंप्यूटर तक नहीं थी, उन्हें भी आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने आकांक्षी जनपद में मंडलायुक्त और जिला प्रशासन की ओर से शुरू की गई स्टडी टेबल वितरण पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और स्वावलंबन से जुड़े अवसरों का लाभ बिना भेदभाव समाज के हर वर्ग तक पहुंचेगा। ‘शिक्षा की उड़ान’ पहल के तहत बच्चों को स्टडी टेबल और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना उन्हें पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में उठाया गया कदम है।

आवास और सरकारी योजनाओं में महिलाओं के अधिकारों का उल्लेख

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजनाओं में आवास की धनराशि महिला मुखिया के नाम देने तथा मकान में मालिकाना अधिकार सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। उन्होंने उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं के नाम गैस कनेक्शन दिए जाने और एक करोड़ से अधिक परिवारों को मिली घरौनियों में महिला सदस्यों को मालिकाना अधिकार मिलने की बात भी कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन करोड़ से अधिक घरों में शौचालयों का निर्माण महिलाओं की गरिमा और सम्मान से भी जुड़ा है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में 1.10 करोड़ परिवारों को वृद्धावस्था, निराश्रित महिला और दिव्यांगजन पेंशन के तहत सालाना 12 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। ये आंकड़े मुख्यमंत्री की ओर से कार्यक्रम में प्रस्तुत किए गए।

अहिल्याबाई होलकर से रानी लक्ष्मीबाई तक नारी शक्ति के उदाहरण

मुख्यमंत्री ने भारतीय इतिहास और परंपरा में महिलाओं के योगदान का उल्लेख करते हुए माता कौशल्या, जानकी, शबरी, देवकी, यशोदा, द्रौपदी, मैत्रेयी और गार्गी को नारी सामर्थ्य के प्रतीक बताया। उन्होंने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के मंदिरों के पुनरुद्धार से जुड़े योगदान का जिक्र किया। साथ ही रानी लक्ष्मीबाई, अवंतीबाई लोधी, ऊदा देवी पासी और झलकारी बाई के संघर्ष को याद किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय नारी ने अलग-अलग कालखंडों में अपनी क्षमता और साहस को साबित किया है। उनके मुताबिक नारी का सम्मान भारतीय संस्कृति की पहचान है। उन्होंने संविधान निर्माण के समय महिलाओं को पुरुषों के बराबर मतदान का अधिकार मिलने का भी उल्लेख किया।

कृषि प्रदर्शनी का उद्घाटन, किसानों को सौंपे उपकरण

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का फीता काटकर उद्घाटन किया। उन्होंने कृषि, उद्यान, रेशम विकास, पराग मिल्क और कृषि विज्ञान केंद्र के स्टॉलों का अवलोकन किया। विराट किसान मेले में कस्टम हायरिंग सेंटर के तहत किसानों को चाबियां सौंपी गईं और कीटनाशक छिड़काव यंत्र वितरित किए गए।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय सरयू नहर परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि परियोजना पूरी हो चुकी है और इसकी शाखाओं का विस्तार कृषि विकास को गति देने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि कृषि मेले के माध्यम से किसानों को नई तकनीक और नवाचारों की जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलता है।

बच्चों को स्टडी टेबल, आशीर्वाद पत्र और स्टेशनरी किट

‘शिक्षा की उड़ान’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बेसिक और कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के बच्चों को स्टडी टेबल देकर प्रोत्साहित किया। हीरालाल, अर्चना, काजल, प्रभु जायसवाल, निसफा, गणेश, चांदनी, शालू, बेबी, रुद्राणी, सानिया और सुधा को आशीर्वाद पत्र तथा स्टेशनरी किट प्रदान की गई। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले उत्कृष्ट छात्र-छात्राओं को ट्रैक सूट भी वितरित किए गए। बच्चों ने अपनी लिखी कविताओं की प्रकाशित पुस्तक मुख्यमंत्री को भेंट की।

तुलसीपुर के विधायक कैलाश नाथ शुक्ला ने कहा कि देवीपाटन मंदिर प्रांगण में नवरात्रि के अवसर पर कन्या पूजन और प्रतिभावान बच्चों का सम्मान सनातन परंपरा का उदाहरण है। उन्होंने मुख्यमंत्री की ओर से बच्चों को प्रोत्साहित किए जाने की सराहना की और क्षेत्र तथा जनपद की ओर से आभार जताया।

कार्यक्रम में देवीपाटन मंदिर के महंत मिथलेश नाथ, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, विधायक पलटू राम और राम प्रताप वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा, नगरपालिका परिषद अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू, पूर्व विधायक शैलेश कुमार सिंह शैलू सहित प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

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