यूपी में 2100 से अधिक प्रेरणा कैंटीन, 10 हजार परिवारों को मिला रोजगार का सहारा
उत्तर प्रदेश में 2100 से अधिक प्रेरणा कैंटीन स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को रोजगार और कारोबार का अवसर दे रही हैं। यूपी राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की इस पहल से 10 हजार परिवारों को सहारा मिला है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को रोजगार और कारोबार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए संचालित प्रेरणा कैंटीन की संख्या 2,100 से अधिक हो गई है। सरकारी कार्यालयों और स्वास्थ्य केंद्रों में चल रही ये कैंटीन ग्रामीण महिलाओं की आजीविका का माध्यम बन रही हैं। इस पहल से करीब 10 हजार परिवारों को सहारा मिलने की जानकारी दी गई है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के सहयोग से संचालित इन कैंटीनों के जरिए महिलाओं को अपने ही क्षेत्र में कारोबार करने का अवसर मिल रहा है।
विकास भवन, कलेक्ट्रेट और ब्लॉक कार्यालयों जैसे सरकारी परिसरों में संचालित प्रेरणा कैंटीनों ने स्वयं सहायता समूहों के लिए स्थानीय स्तर पर बाजार तैयार किया है। सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों और आम लोगों की नियमित आवाजाही के कारण कैंटीनों को ग्राहक मिल रहे हैं। इससे महिलाओं को रोजगार के साथ कारोबार संचालन का व्यावहारिक अनुभव भी हासिल हो रहा है।
सरकारी कार्यालयों की आवाजाही से मिल रहा कारोबार का आधार
प्रेरणा कैंटीनों के संचालन में सरकारी परिसरों में रोजाना आने-जाने वाले कर्मचारियों और आगंतुकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कार्यालयों में लोगों की नियमित आवाजाही से कैंटीनों को स्थानीय ग्राहक मिलते हैं, जिससे स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को कारोबार चलाने का अवसर मिलता है। इस व्यवस्था की खासियत यह है कि महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए दूर-दराज के बाजारों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
सरकारी परिसरों में उपलब्ध स्थानों के जरिए समूहों को कारोबार का मंच मिल रहा है। इससे ग्रामीण महिलाओं को अपने क्षेत्र में ही आय अर्जित करने और उद्यमिता से जुड़ने का अवसर उपलब्ध हो रहा है। प्रेरणा कैंटीनों का उद्देश्य केवल भोजन और नाश्ता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि महिलाओं के लिए रोजगार के साथ कारोबार का अनुभव विकसित करना भी है।
विकासखंड से स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचा प्रेरणा कैंटीन का नेटवर्क
प्रेरणा कैंटीनों का विस्तार विकासखंड स्तर के साथ-साथ स्वास्थ्य केंद्रों तक किया गया है। विकास भवन, कलेक्ट्रेट और ब्लॉक कार्यालयों के अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में भी इनका संचालन हो रहा है। इससे सरकारी कार्यालयों में आने वाले कर्मचारियों और आम लोगों के साथ स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचने वाले मरीजों तथा उनके परिजनों को भी भोजन और नाश्ते की सुविधा मिल रही है।
इस विस्तार से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए रोजगार के अवसरों का दायरा बढ़ा है। कैंटीनों को व्यवस्थित स्वरूप देने और महिलाओं को बेहतर सुविधाओं के साथ कारोबार संचालित करने का अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। मॉडल कैंटीन के माध्यम से इस रोजगार व्यवस्था को आगे बढ़ाकर कारोबार और उद्यमिता से जोड़ने का प्रयास भी किया जा रहा है।
स्वच्छ और किफायती भोजन उपलब्ध करा रहीं प्रेरणा कैंटीन
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार ने बताया कि प्रेरणा कैंटीनों के माध्यम से सरकारी कर्मचारियों और आगंतुकों को स्वच्छ, पौष्टिक और घर जैसा किफायती भोजन तथा नाश्ता उपलब्ध कराया जा रहा है।
उनके मुताबिक ये कैंटीनें एक ओर सरकारी परिसरों में आने वाले लोगों की भोजन संबंधी जरूरतें पूरी कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए रोजगार का माध्यम बन रही हैं। इस तरह सरकारी सेवाओं की जरूरत और ग्रामीण महिलाओं की आजीविका को एक ही व्यवस्था से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
महिला आत्मनिर्भरता और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने की पहल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तीकरण के विजन के अनुरूप प्रेरणा कैंटीनों का विस्तार ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार से जोड़ने की पहल के रूप में सामने आया है। सरकारी कार्यालयों और स्वास्थ्य केंद्रों में नियमित भोजन तथा नाश्ते की जरूरत को स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के कारोबार से जोड़कर उनके लिए बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है।
प्रदेश में 2,100 से अधिक प्रेरणा कैंटीनों का संचालन और करीब 10 हजार परिवारों को मिलने वाला सहारा इस पहल के दायरे को दर्शाता है। सरकारी परिसरों को ग्रामीण आजीविका से जोड़ने वाला यह मॉडल महिलाओं के लिए रोजगार, ग्राहकों तक पहुंच और कारोबार के अनुभव का साझा मंच तैयार कर रहा है।



