छात्रवृत्ति का पैसा तक खा गई थी सपा सरकार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में 4.60 लाख से अधिक विद्यार्थियों को 148 करोड़ रुपये से अधिक छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति हस्तांतरित की। अगले महीने 50 हजार मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने की घोषणा।

4.60 लाख से अधिक छात्रों के खाते में पहुंची 148 करोड़ रुपये से ज्यादा छात्रवृत्ति, योगी बोले- हर पात्र बच्चे को मिलेगा लाभ
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लोकभवन में चालू वित्त वर्ष के लिए पूर्वदशम यानी कक्षा 9-10 और दशमोत्तर कक्षाओं के 4.60 लाख से अधिक विद्यार्थियों के खातों में 148 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि हस्तांतरित की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 11 विद्यार्थियों को मंच पर अपने हाथों से छात्रवृत्ति प्रमाण पत्र भी प्रदान किए। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति के लिए धनराशि की कोई कमी नहीं है और सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र विद्यार्थी इस सहायता से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से छात्रवृत्ति की राशि का उपयोग शिक्षा संबंधी जरूरतों, पुस्तकों और अध्ययन सामग्री पर करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार पर छात्रवृत्ति को लेकर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 2016-17 में अनुसूचित जाति और जनजाति के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति भेजी ही नहीं गई थी। उनके अनुसार, 2017 में सरकार बनने के बाद उनकी सरकार ने 2016-17 और 2017-18 की छात्रवृत्ति एक साथ भेजी। मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले प्रदेश में करीब 2,900 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती थी, जबकि वर्तमान में सरकार करीब 6,200 करोड़ रुपये छात्रवृत्ति के रूप में देती है। यह मुख्यमंत्री का राजनीतिक आरोप है, जिसे उन्होंने कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में रखा।
अब छात्रों के खातों में सीधे पहुंचती है छात्रवृत्ति
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले छात्रवृत्ति की व्यवस्था में बड़ी संख्या में विद्यार्थी लाभ से वंचित रह जाते थे और छात्रों को राशि प्राप्त करने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। उनके मुताबिक, पहले 100 में से करीब 60 से 70 बच्चों को ही छात्रवृत्ति का लाभ मिल पाता था। अब बैंक खाते के माध्यम से छात्रवृत्ति की राशि सीधे विद्यार्थियों तक भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की जनधन और बैंकिंग व्यवस्था के विस्तार से विद्यार्थियों के खाते खोलने में मदद मिली और प्रत्यक्ष भुगतान की व्यवस्था से बीच में होने वाली अनियमितताओं की गुंजाइश कम हुई है।
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि पिछले वर्ष 69 लाख विद्यार्थियों को करीब 6,200 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति वितरित की गई। उनके अनुसार, पिछले नौ वर्षों में चार करोड़ से अधिक बच्चों को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने छात्रवृत्ति वितरण के लिए समयसीमा भी निर्धारित की है, ताकि प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र विद्यार्थियों के खातों में राशि समय से भेजी जा सके। सरकार की व्यवस्था के अनुसार 2 अक्टूबर को, अवकाश होने की स्थिति में 3 अक्टूबर को और 26 जनवरी तक छात्रवृत्ति की राशि विद्यार्थियों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
एससी-एसटी, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक विद्यार्थियों के लिए वितरण का आंकड़ा बताया
मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष के छात्रवृत्ति वितरण का विवरण देते हुए बताया कि अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के 26.26 लाख विद्यार्थियों को 2,750 करोड़ रुपये, अल्पसंख्यक वर्ग के 5.89 लाख विद्यार्थियों को 360 करोड़ रुपये और पिछड़ा वर्ग के 37 लाख विद्यार्थियों को 3,072 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी गई। उन्होंने यह भी बताया कि अल्प आय वर्ग के 9.40 लाख बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभागों को निर्देश दिया कि हर पात्र बच्चे तक छात्रवृत्ति पहुंचे और किसी भी पात्र विद्यार्थी को प्रक्रिया संबंधी कारणों से लाभ से वंचित न होना पड़े।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछली बार विभिन्न कारणों से एससी-एसटी वर्ग के करीब चार लाख बच्चों को छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई थी। उनके अनुसार, इसके बाद पोर्टल में आवश्यक सुधार कराए गए हैं और अब इन वंचित विद्यार्थियों को भी छात्रवृत्ति मिलने जा रही है। उन्होंने कहा कि धनराशि के अभाव में किसी बच्चे की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए और छात्रवृत्ति कम आय वाले परिवारों के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा जारी रखने में सहायक होनी चाहिए।
अगले महीने 50 हजार मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि सरकार अगले महीने 50 हजार मेधावी छात्राओं को स्कूटी देगी। उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का भी उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पहले युवाओं को दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग के माध्यम से उन्हें तैयारी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
योगी आदित्यनाथ ने युवाओं से मेहनत और ईमानदारी से तैयारी करने का आह्वान करते हुए कहा कि परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने मंच पर मौजूद मंत्रियों के संघर्ष का उदाहरण देते हुए कहा कि लगातार प्रयास करने पर परिणाम भी अनुकूल आ सकता है। उन्होंने कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर, राज्यमंत्री संजीव गोंड, मंत्री असीम अरुण, दानिश आजाद अंसारी और नरेंद्र कश्यप के सार्वजनिक जीवन और संघर्ष का उल्लेख किया। उन्होंने एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत का भी उदाहरण दिया।
सरकार ने नौ वर्षों में शिक्षा व्यवस्था में बदलाव का दावा किया
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी पीढ़ी ऐसे समय में पढ़ रही है, जब उत्तर प्रदेश में पहचान का संकट नहीं है। उन्होंने 2017 से पहले सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी, जर्जर भवनों और बुनियादी सुविधाओं की कमी का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में उस समय ड्रॉपआउट दर करीब 19-20 प्रतिशत थी। सरकार द्वारा कराए गए अध्ययन का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में बालिकाएं शौचालय और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में स्कूल छोड़ देती थीं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ऑपरेशन कायाकल्प के तहत सरकारी विद्यालयों में शौचालय, पेयजल, फर्नीचर और फर्श जैसी सुविधाओं में सुधार किया गया है। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद के करीब 1.60 करोड़ बच्चों को दो यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, स्वेटर और जूता-मोजा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अलावा निर्माण श्रमिकों, अनाथ और निराश्रित बच्चों के लिए 18 मंडलों में अटल आवासीय विद्यालय स्थापित किए गए हैं, जहां उनके अनुसार 18 हजार बच्चों का प्रवेश हुआ है।
गरीब परिवारों की बालिकाओं के लिए प्रदेश के 746 विकासखंडों में कस्तूरबा गांधी विद्यालय संचालित होने और इन्हें कक्षा आठ तक से बढ़ाकर कक्षा 12 तक किए जाने की जानकारी भी मुख्यमंत्री ने दी। उन्होंने कमजोर, पिछड़े तथा एससी-एसटी वर्ग के विद्यार्थियों के लिए जयप्रकाश नारायण आश्रम पद्धति के आवासीय विद्यालय और पीएमश्री विद्यालयों का उल्लेख किया। प्रोजेक्ट अलंकार के तहत 2,300 से अधिक विद्यालयों में नए भवनों और लैब, लाइब्रेरी, अटल टिंकरिंग लैब, डिजिटल लाइब्रेरी तथा स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाओं की जानकारी भी उन्होंने दी।
दो करोड़ युवाओं को टैबलेट देने की योजना का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार दो करोड़ युवाओं को टैबलेट देने की दिशा में काम कर रही है और अब तक 60 लाख युवाओं को टैबलेट दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि शेष पात्र युवाओं को भी जल्द टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से छात्रवृत्ति का इस्तेमाल खान-पान के बजाय शिक्षा पर करने की अपील करते हुए पाठ्य पुस्तकों, रेफरेंस बुक और ज्ञानवर्धक साहित्य खरीदने की सलाह दी। उन्होंने महापुरुषों की आत्मकथाओं तथा धार्मिक पुस्तकों के अध्ययन के साथ विद्यार्थियों को अपना बुक बैंक विकसित करने के लिए भी प्रेरित किया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने अब तक करीब 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का दावा किया है और अगले छह माह में एक लाख और युवाओं को नौकरी देने की बात कही। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मेहनत करने को कहा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश अब विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और युवाओं को भविष्य में समृद्ध भारत के निर्माण में योगदान देना होगा।
मुख्यमंत्री के हाथों इन विद्यार्थियों को मिला छात्रवृत्ति प्रमाण पत्र
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्र रणवीर वर्मा, मिली, अजीत रावत, अंश मिश्रा, अनन्या अवस्थी, अधिकांश वर्मा, करिश्मा, अभिषेक यादव, बुशरा, साइमा और अल कैफ को मंच पर छात्रवृत्ति प्रमाण पत्र प्रदान किए।



