UP Wildlife Week 2026: 2 से 8 अक्टूबर तक वन्यजीव सप्ताह, बच्चों को चिड़ियाघरों में मुफ्त प्रवेश
उत्तर प्रदेश में 2 से 8 अक्टूबर तक वन्यजीव सप्ताह मनाया जाएगा। 12 वर्ष तक के बच्चों और प्रतिभागियों को चिड़ियाघरों में मुफ्त प्रवेश मिलेगा। मास्क मेकिंग, चित्रकला, नुक्कड़ नाटक समेत कई प्रतियोगिताएं होंगी।

उत्तर प्रदेश में 2 से 8 अक्टूबर तक वन्यजीव सप्ताह, बच्चों के लिए चिड़ियाघरों में मुफ्त प्रवेश
वन्यजीव संरक्षण से जुड़ेंगे प्रदेश के बच्चे, सप्ताहभर होंगी प्रतियोगिताएं
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में वन्यजीवों और पर्यावरण संरक्षण को लेकर बच्चों तथा आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से 2 से 8 अक्टूबर तक वन्यजीव सप्ताह मनाया जाएगा। वन विभाग की ओर से पूरे सप्ताह प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में जागरूकता कार्यक्रमों के साथ स्कूली विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इस दौरान बच्चे वन्यजीवों और पर्यावरण संरक्षण को अपने रचनात्मक नजरिए से समझने और उसे कला एवं मंचीय प्रस्तुतियों के माध्यम से व्यक्त करने का अवसर पाएंगे। राज्य में वन्यजीव और प्राकृतिक विरासत के संरक्षण को लेकर ईको-टूरिज्म तथा जनभागीदारी पर भी लगातार जोर दिया जा रहा है।
वन विभाग के कार्यक्रम के अनुसार, वन्यजीव सप्ताह के दौरान मास्क मेकिंग, वन्यजीवों के छद्म आवरण और अनुकरण पर चित्रकला, नुक्कड़ नाटक, वाइल्डलाइफ फैंसी ड्रेस, फेस पेंटिंग, रंगोली और मेहंदी जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसका उद्देश्य बच्चों को वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील बनाने के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी समझ और सहभागिता को बढ़ाना है। वन्यजीव संरक्षण के साथ मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने और वन्यजीवों से जुड़े जोखिमों के प्रति लोगों को जागरूक करने पर भी कार्यक्रमों में जोर रहेगा।
12 वर्ष तक के बच्चों और प्रतिभागियों को चिड़ियाघरों में मुफ्त प्रवेश
वन विभाग के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक रामकुमार के अनुसार, 2 से 8 अक्टूबर तक चलने वाले वन्यजीव सप्ताह के तहत जनपद और तहसील स्तर पर विद्यालयों में वन्यजीव संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम होंगे। इसी क्रम में लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर समेत प्रदेश के अन्य प्राणि उद्यानों में 12 वर्ष तक के स्कूली बच्चों को निःशुल्क प्रवेश दिया जाएगा। प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के लिए भी प्रवेश निशुल्क रहेगा।
मुफ्त प्रवेश का लाभ लेने के लिए बच्चों को स्कूली यूनिफॉर्म में परिचय पत्र के साथ चिड़ियाघर पहुंचना होगा। इससे वन्यजीव सप्ताह के कार्यक्रमों को केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित रखने के बजाय बच्चों को वन्यजीवों को करीब से देखने और उनके संरक्षण की जरूरत को समझने का अवसर भी मिलेगा।
बरेली से वॉकथॉन के साथ होगा कार्यक्रम का शुभारंभ
वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना बरेली में ‘वाकथॉन फॉर वाइल्डलाइफ’ के साथ वन्यजीव सप्ताह के कार्यक्रमों का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और पशु कल्याण के प्रति आम जनता में जागरूकता बढ़ाना है। उत्तर प्रदेश में वन्यजीव एवं प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण को ईको-टूरिज्म के विकास से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। आधिकारिक ईको-टूरिज्म बोर्ड के अनुसार, राज्य के टाइगर रिजर्व, रामसर स्थलों और आर्द्रभूमियों में संरक्षण एवं पर्यटन सुविधाओं के विकास पर काम किया जा रहा है।
वन्यजीव सप्ताह के दौरान राज्य पक्षी सारस, राज्य वन्य पशु बारहसिंगा, राष्ट्रीय जलीय जीव गंगा डॉल्फिन और सर्प समेत विभिन्न वन्यजीवों के संरक्षण से संबंधित विषयों को भी कार्यक्रमों में शामिल किया जाएगा। इसका एक महत्वपूर्ण पहलू स्कूली बच्चों को वन्यजीवों के साथ सुरक्षित व्यवहार और मानव-वन्यजीव संघर्ष से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना भी है।
लखनऊ चिड़ियाघर में तीन आयु वर्गों में होंगी प्रतियोगिताएं
राज्य स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान, लखनऊ में 2 अक्टूबर को सारस प्रेक्षागृह में होगा। प्राणि उद्यान के निदेशक संजय कुमार विश्वाल के अनुसार, 3 अक्टूबर से विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगिताएं शुरू होंगी। इसके लिए विद्यार्थियों को तीन वर्गों में बांटा गया है—कक्षा 6 से 8, कक्षा 9 से 10 और कक्षा 11 से 12।
3 अक्टूबर को बारादरी प्राणि उद्यान में वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण आधारित मास्क मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित होगी, जबकि डकपांड विजिटर शेड में वन्यजीवों के छद्म आवरण और अनुकरण पर चित्रकला प्रतियोगिता होगी। 4 अक्टूबर को बारादरी में ‘यदि वन्यजीव बोल पाते तो…’ विषय पर नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। प्रत्येक विद्यालय की टीम में अधिकतम 10 प्रतिभागी शामिल हो सकेंगे।
5 अक्टूबर को सारस प्रेक्षागृह में वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण पर वाइल्डलाइफ फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता होगी। इसके बाद 6 अक्टूबर को फेस पेंटिंग और 7 अक्टूबर को झूला पार्क में वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण विषय पर रंगोली और मेहंदी प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। प्रतियोगिताओं के विजेताओं को 8 अक्टूबर को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
वन्यजीव संरक्षण में बच्चों की भागीदारी पर जोर
वन्यजीव सप्ताह के माध्यम से वन विभाग का फोकस बच्चों और आम लोगों को वन्यजीव संरक्षण से जोड़ने के साथ-साथ प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर है। प्रतियोगिताओं में रचनात्मक गतिविधियों को शामिल करने से विद्यार्थियों को वन्यजीवों और पर्यावरण से जुड़े विषयों को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें कला, अभिनय और व्यवहारिक अभिव्यक्ति के माध्यम से समझने का अवसर मिलेगा।
उत्तर प्रदेश ईको-टूरिज्म विकास बोर्ड भी युवाओं की प्रकृति संरक्षण में भागीदारी बढ़ाने पर जोर देता रहा है। फरवरी 2026 में आयोजित प्रकृति एवं पक्षी महोत्सव के दौरान भी युवाओं से वन एवं आर्द्रभूमियों के संरक्षण और पुनर्जीवन में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया था।
सरकार का फोकस
वन्यजीव सप्ताह के आयोजन के जरिए वन विभाग का फोकस वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन, बच्चों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए जागरूकता बढ़ाने पर है। प्रतियोगिताओं और चिड़ियाघरों में निःशुल्क प्रवेश जैसी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को सीधे वन्यजीव संरक्षण से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार की व्यापक ईको-टूरिज्म नीति में भी वन्यजीव और प्राकृतिक विरासत के संरक्षण के साथ स्थानीय भागीदारी को महत्व दिया जा रहा है।



