BRICS में पीएम मोदी का बड़ा संदेश, समुद्री रास्ते सुरक्षित रखने पर जोर; बोले- नाविकों की सुरक्षा जरूरी
BRICS Business Forum में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समुद्री रास्तों की सुरक्षा, नेविगेशन की स्वतंत्रता और नाविकों की सुरक्षा पर जोर दिया। पीएम ने BRICS की आर्थिक ताकत और भारत की ट्रेड नीति पर भी बात की।
नई दिल्ली । नई दिल्ली में आयोजित BRICS Business Forum में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक व्यापार, समुद्री सुरक्षा, सप्लाई रूट, नवाचार और आर्थिक सहयोग को लेकर भारत का रुख स्पष्ट किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए समुद्री रास्तों का सुरक्षित रहना, सप्लाई रूट का खुला रहना और समुद्री यात्रियों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत नेविगेशन की स्वतंत्रता और समुद्री यात्रियों की सुरक्षा का मजबूत समर्थक है। पश्चिम एशिया में तनाव और समुद्री व्यापार मार्गों से जुड़ी चिंताओं के बीच पीएम मोदी का यह बयान खास महत्व रखता है। हाल की उनकी अन्य अंतरराष्ट्रीय बैठकों में भी समुद्री व्यापार और नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा सामने आया है।
20 साल में BRICS का तेजी से हुआ विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS Business Forum को संबोधित करते हुए कहा कि इस वर्ष BRICS अपने 20 वर्ष पूरे कर रहा है। वर्ष 2006 में जब इस समूह की शुरुआत हुई थी, तब इसमें केवल चार देश शामिल थे। अब BRICS और BRICS पार्टनर देशों को मिलाकर यह एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय आर्थिक समूह बन चुका है। वर्तमान संरचना में 11 BRICS सदस्य देश और 10 पार्टनर देश शामिल हैं, यानी सदस्य और पार्टनर मिलाकर कुल 21 देशों का व्यापक परिवार बनता है।
पीएम मोदी ने BRICS की बढ़ती आर्थिक ताकत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समूह आज दुनिया की करीब आधी आबादी और लगभग 40 प्रतिशत वैश्विक GDP का प्रतिनिधित्व करता है। BRICS देशों की वैश्विक व्यापार में हिस्सेदारी भी करीब एक चौथाई है। आधिकारिक और सरकारी स्रोतों में भी BRICS के लिए करीब 49.5 प्रतिशत वैश्विक आबादी, लगभग 40 प्रतिशत GDP और करीब 26 प्रतिशत वैश्विक व्यापार का आंकड़ा दिया गया है।
समुद्री रास्ते सुरक्षित होंगे तभी आगे बढ़ेगा ग्लोबल ट्रेड
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया में व्यापार तभी सुचारु रूप से आगे बढ़ सकता है जब समुद्री रास्ते सुरक्षित रहें, सप्लाई रूट खुले रहें और समुद्र के रास्ते यात्रा करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। भारत नेविगेशन की स्वतंत्रता और समुद्री यात्रियों की सुरक्षा का मजबूत समर्थक है।
पीएम मोदी के इस बयान को मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पश्चिम एशिया और अन्य क्षेत्रों में जारी तनाव के कारण समुद्री व्यापार और सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ा है। ऐसे समय में भारत लगातार सुरक्षित और निर्बाध समुद्री व्यापार मार्गों की जरूरत पर जोर दे रहा है। BRICS मंच पर भी समुद्री सुरक्षा और वैश्विक व्यापार को लेकर भारत का यह रुख सामने आया।
BRICS में नवाचार और आर्थिक सहयोग पर भारत का जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि BRICS देश अब वैश्विक नवाचार और समाधान के महत्वपूर्ण केंद्र बन रहे हैं। ग्रासरूट स्तर के प्रयोगों से लेकर फ्रंटियर टेक्नोलॉजी तक सदस्य देशों में नई संभावनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि BRICS की बढ़ती स्केल, स्पीड और सकारात्मक सोच समूह के भीतर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। भारत में आयोजित यह BRICS Business Forum अब तक का सबसे बड़ा BRICS Business Forum बताया गया।
पीएम मोदी ने BRICS की आर्थिक क्षमता को केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे नवाचार और वैश्विक समाधान से जोड़ते हुए सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान आर्थिक सहयोग, व्यापार और निवेश के साथ-साथ तकनीक तथा वैश्विक दक्षिण के हितों को भी महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में रखा गया है। भारत की अध्यक्षता का आधिकारिक थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” है।
भारत की BRICS अध्यक्षता का फोकस- लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की BRICS अध्यक्षता की थीम लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में भारत ने इन विचारों को अपनी आर्थिक और व्यापार नीतियों का आधार बनाया है। ऊर्जा से लेकर टेक्नोलॉजी तक सप्लाई चेन को अधिक विविध और भरोसेमंद बनाने की दिशा में काम किया गया है। इसका उद्देश्य वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत को विकास और स्थिरता का भरोसेमंद केंद्र बनाए रखना है।
BRICS की मौजूदा अध्यक्षता में भारत आर्थिक सहयोग को अधिक व्यावहारिक बनाने पर भी जोर दे रहा है। सरकार की ओर से जारी जानकारी में भी इस वर्ष की अध्यक्षता को लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के आधार पर आगे बढ़ाने की बात कही गई है।
बढ़ती व्यापार बाधाओं के बीच आर्थिक पुल बना रहा भारत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब दुनिया में व्यापार बाधाएं बढ़ रही हैं, ऐसे समय में भारत आर्थिक पुल बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद भारत ने करीब 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं। BRICS को लेकर भी भारत की सोच व्यापार में बाधाओं को कम करने और देशों के बीच व्यापार के नए अवसर बढ़ाने की है।
प्रधानमंत्री ने BRICS देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। उनके मुताबिक व्यापार को बाधाओं से मुक्त करने और आपूर्ति श्रृंखलाओं को अधिक विविध बनाने से सदस्य देशों के बीच आर्थिक संबंधों को नई गति दी जा सकती है। BRICS Business Forum में भी व्यापार को अधिक मजबूत, लचीला और विविध बनाने की जरूरत पर चर्चा हुई।
महिला उद्यमियों की भागीदारी पर भी जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS Women’s Business Alliance का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महिला उद्यमियों को विकास यात्रा का नेतृत्व करने के लिए अधिक अवसर मिलना चाहिए। भारत की BRICS अध्यक्षता के व्यापक एजेंडे में आर्थिक सहयोग के साथ महिलाओं की भागीदारी और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा रहा है।
BRICS Business Forum में प्रधानमंत्री का संदेश व्यापक रूप से वैश्विक व्यापार, आर्थिक सहयोग और स्थिरता पर केंद्रित रहा। समुद्री रास्तों की सुरक्षा से लेकर सप्लाई चेन, नवाचार, महिला उद्यमिता और व्यापार बाधाओं को कम करने तक भारत ने BRICS को आर्थिक सहयोग के अधिक प्रभावी मंच के रूप में आगे बढ़ाने की अपनी प्राथमिकता सामने रखी।




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