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पंचायत सहायकों से मिले अखिलेश यादव, बोले- 2027 में सपा सरकार बनी तो मांगों पर होगा अमल

लखनऊ के ईको गार्डन में 7 सितंबर से धरने पर बैठे पंचायत सहायकों के प्रतिनिधिमंडल ने अखिलेश यादव से मुलाकात की। मानदेय बढ़ाने और नियमितीकरण की मांग पर अखिलेश ने 2027 में सपा सरकार बनने पर अमल का भरोसा दिया।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंचायत सहायकों के आंदोलन के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से पंचायत सहायकों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। समाजवादी पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार प्रतिनिधिमंडल ने अखिलेश यादव को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा और आंदोलन की स्थिति से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि प्रदेश के सभी 75 जिलों के 58,672 पंचायत सहायक 7 सितंबर 2026 से लखनऊ के ईको गार्डन में अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। पार्टी के मुताबिक पंचायत सहायकों ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से उनकी मांगों पर अभी तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया है और न ही कोई प्रतिनिधि उनसे बातचीत करने पहुंचा है।

6 हजार रुपये मानदेय बढ़ाने और नियमितीकरण की मांग

पंचायत सहायकों की प्रमुख मांगों में मौजूदा मानदेय बढ़ाना और सेवा को नियमित करना शामिल है। समाजवादी पार्टी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार पंचायत सहायकों को वर्तमान में 6 हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जा रहा है और इसी मानदेय में बढ़ोतरी तथा नियमितीकरण की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना जारी है। पंचायत सहायकों के मानदेय में वृद्धि की मांग को लेकर 7 सितंबर से लखनऊ के ईको गार्डन में आंदोलन शुरू होने की स्वतंत्र रिपोर्टें भी सामने आई थीं। एक रिपोर्ट में प्रदर्शनकारियों की मांग मानदेय को 6 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की बताई गई थी।

पंचायत सहायकों की ओर से इससे पहले भी शासन को ज्ञापन देकर मानदेय बढ़ाने, संविदा व्यवस्था समाप्त कर राज्य कर्मचारी का दर्जा देने समेत विभिन्न मांगें उठाई गई थीं। आंदोलन की तैयारी से संबंधित रिपोर्टों में महिला पंचायत सहायकों के लिए मातृत्व अवकाश और स्थानांतरण नीति तथा ग्राम विकास अधिकारी/ग्राम पंचायत अधिकारी की भर्ती में क्षैतिज आरक्षण जैसी मांगों का भी उल्लेख सामने आया था।

अखिलेश यादव ने 2027 में मांगें पूरी करने का दिया भरोसा

समाजवादी पार्टी की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक पंचायत सहायकों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान अखिलेश यादव ने उनके प्रति सहानुभूति जताई। उन्होंने भरोसा दिया कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर पंचायत सहायकों की मांगों पर अमल किया जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब पंचायत सहायक अपनी मांगों को लेकर लखनऊ में अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं और मानदेय बढ़ाने तथा नियमितीकरण जैसे मुद्दों को लेकर सरकार से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

हालांकि, अखिलेश यादव का 2027 में मांगों पर अमल करने का आश्वासन समाजवादी पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कही गई बात है। इसे मौजूदा सरकार की ओर से किसी निर्णय या घोषणा के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। पंचायत सहायकों की मांगों पर अंतिम निर्णय सरकार और संबंधित विभाग की ओर से लिया जाना है।

धरना स्थल पर सुविधाओं को लेकर भी पंचायत सहायकों ने उठाए सवाल

प्रतिनिधिमंडल ने अखिलेश यादव को धरना स्थल की व्यवस्थाओं के बारे में भी जानकारी दी। समाजवादी पार्टी की ओर से जारी बयान के अनुसार पंचायत सहायकों ने आरोप लगाया कि उन्हें परेशान करने के लिए धरना स्थल पर पेयजल की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है और शौचालय में भी ताला डाल दिया गया है। प्रतिनिधिमंडल ने यह आशंका भी जताई कि पुलिस कभी भी बल प्रयोग कर उन्हें धरना स्थल से हटा सकती है।

इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों से नहीं होती है, इसलिए इन्हें पंचायत सहायकों की ओर से लगाए गए आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। दूसरी ओर, आंदोलन और ईको गार्डन में पंचायत सहायकों की मौजूदगी की रिपोर्टें सामने आई हैं। 7 सितंबर को प्रदर्शन से संबंधित रिपोर्टों में अलग-अलग जिलों से पंचायत सहायकों के लखनऊ पहुंचने और मानदेय बढ़ाने की मांग का उल्लेख किया गया था।

पहले से चल रहा है पंचायत सहायकों का आंदोलन

पंचायत सहायकों की मांगों को लेकर आंदोलन की तैयारी सितंबर की शुरुआत से ही सामने आने लगी थी। विभिन्न जिलों में पंचायत सहायकों ने अधिकारियों को ज्ञापन देकर 7 सितंबर से लखनऊ के ईको गार्डन में अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की जानकारी दी थी। इनमें मानदेय बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने, संविदा व्यवस्था समाप्त कर राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, महिला पंचायत सहायकों को मातृत्व अवकाश और स्थानांतरण नीति का लाभ देने तथा भविष्य की भर्ती में आरक्षण जैसी मांगें शामिल थीं।

वहीं जुलाई में सामने आए एक प्रस्ताव से संबंधित रिपोर्ट में बताया गया था कि पंचायत सहायकों के मौजूदा 6 हजार रुपये मानदेय को बढ़ाकर 9 हजार रुपये किए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजे जाने की बात कही गई थी। हालांकि यह प्रस्ताव अंतिम सरकारी निर्णय या स्वीकृति के बराबर नहीं है, इसलिए इसे पंचायत सहायकों की वर्तमान मांगों से अलग रखते हुए प्रस्ताव के रूप में ही देखना उचित है।

प्रतिनिधिमंडल में ये लोग रहे शामिल

समाजवादी पार्टी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार अखिलेश यादव से मुलाकात करने वाले पंचायत सहायकों के प्रतिनिधिमंडल में अभिषेक यादव, जिलाध्यक्ष, शिवम मिश्रा, आरफ खान, किरन देवी, वंदना देवी और पुष्पा देवी शामिल थीं। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों और धरने से जुड़ी समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा।

पंचायत सहायकों का यह आंदोलन अब मानदेय बढ़ाने और नियमितीकरण की मांग के साथ राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया है। अखिलेश यादव की मुलाकात और 2027 में सपा सरकार बनने पर मांगों पर अमल के आश्वासन के बाद यह मुद्दा आगामी राजनीतिक बहस में भी उठ सकता है। फिलहाल पंचायत सहायकों की नजर सरकार की ओर से उनकी मांगों पर होने वाली अगली कार्रवाई पर है।

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