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यूपी में बनेगा नीब करोरी बाबा आध्यात्मिक सर्किट, 5 टूर पैकेज शुरू; 12.93 करोड़ से विकसित होंगे प्रमुख स्थल

नीब करोरी बाबा के महासमाधि दिवस पर यूपी पर्यटन ने नया आध्यात्मिक सर्किट शुरू किया है। यूपीएसटीडीसी ने दिल्ली और लखनऊ से 2, 3 और 5 दिन के पांच टूर पैकेज शुरू किए हैं।

 

लखनऊ। संत नीब करोरी बाबा की आध्यात्मिक विरासत को देश-दुनिया के श्रद्धालुओं और पर्यटकों तक पहुंचाने के लिए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने बड़ी पहल की है। बाबा के महासमाधि दिवस के अवसर पर प्रदेश में उनके जीवन और आध्यात्मिक यात्रा से जुड़े प्रमुख स्थलों को एक पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने की योजना सामने आई है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम यानी यूपीएसटीडीसी की ओर से श्रद्धालुओं के लिए ‘बाबा नीब करोरी’ के पांच विशेष टूर पैकेज शुरू किए गए हैं। इन पैकेजों में 2, 3 और 5 दिन की यात्राओं को शामिल किया गया है और मांग के आधार पर इनका संचालन दिल्ली तथा लखनऊ से किया जाएगा। इसके साथ ही फिरोजाबाद और फर्रुखाबाद में बाबा से जुड़े प्रमुख स्थलों पर पर्यटन सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए लगभग 12.93 करोड़ रुपये की परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं।

अकबरपुर से वृंदावन तक जुड़ेगा बाबा की आध्यात्मिक यात्रा का मार्ग

उत्तर प्रदेश पर्यटन की इस पहल के तहत बाबा नीब करोरी से जुड़े अलग-अलग प्रमुख स्थानों को एक व्यवस्थित आध्यात्मिक पर्यटन मार्ग से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। प्रस्तावित ‘नीब करोरी बाबा सर्किट’ में फिरोजाबाद का अकबरपुर गांव, फर्रुखाबाद स्थित नीब करोरी बाबा आश्रम धाम मंदिर, वृंदावन स्थित समाधि मंदिर और लखनऊ का प्रसिद्ध हनुमान सेतु मंदिर शामिल किए गए हैं। इस सर्किट के जरिए बाबा की जन्मस्थली से लेकर उनके जीवन और साधना से जुड़े स्थलों तथा महासमाधि स्थल तक श्रद्धालुओं की यात्रा को एक ही पर्यटन अनुभव से जोड़ने की योजना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार बाबा ने वर्ष 1973 में वृंदावन में महासमाधि ली थी।

पर्यटन विभाग का उद्देश्य केवल इन स्थलों को धार्मिक यात्रा के केंद्र के रूप में विकसित करना नहीं है, बल्कि इनके आसपास आधुनिक पर्यटक सुविधाएं उपलब्ध कराकर आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देना भी है। इससे देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ विदेशों से बाबा की आध्यात्मिक परंपरा में रुचि रखने वाले पर्यटकों को भी इन स्थलों तक पहुंचने और उनकी विरासत को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।

अकबरपुर में 8.65 करोड़ से विकसित हो चुकी हैं पर्यटन सुविधाएं

फिरोजाबाद के अकबरपुर को बाबा नीब करोरी की जन्मस्थली के रूप में विकसित किया जा रहा है। पर्यटन विभाग के अनुसार, परियोजना के पहले चरण में यहां पर्यटन सुविधाओं के विकास पर 8.65 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसके बाद दूसरे चरण के तहत 2.22 करोड़ रुपये की परियोजना पर काम चल रहा है, जिसका 60 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। इस चरण को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा अकबरपुर में 55.44 लाख रुपये की ग्रामीण पर्यटन परियोजना भी जल्द शुरू की जाएगी। इन परियोजनाओं के जरिए क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाओं को व्यवस्थित किया जाएगा।

अकबरपुर में बहुद्देशीय सभागार, सांस्कृतिक ब्लॉक और बाबा के जीवन तथा आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित आधुनिक प्रदर्शनी हॉल विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा डाइनिंग हॉल, 50 लोगों की क्षमता वाली कैफेटेरिया, रसोई, शौचालय और करीब 60 लोगों के ठहरने के लिए डॉरमेट्री की सुविधा भी विकसित की जा रही है। फेज-2 में गार्ड रूम, सार्वजनिक उपयोग की सुविधाएं और पत्थर के रास्ते बनाए जा रहे हैं। ग्रामीण पर्यटन परियोजना के तहत प्रवेश द्वार, साइनेज, म्यूरल वॉल और अन्य पर्यटक सुविधाओं को विकसित करने की योजना है।

फर्रुखाबाद के आश्रम में भी विकसित हुआ पर्यटन ढांचा

बाबा नीब करोरी से जुड़े फर्रुखाबाद स्थित आश्रम को भी इस आध्यात्मिक पर्यटन सर्किट का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। पर्यटन विभाग के अनुसार यहां 1.51 करोड़ रुपये की परियोजना पूरी हो चुकी है। आश्रम परिसर में यात्रियों के ठहरने के लिए भवन, मुख्य द्वार और सार्वजनिक उपयोग से जुड़ी सुविधाएं विकसित की गई हैं। विभाग का लक्ष्य है कि बाबा से जुड़े इन प्रमुख स्थानों पर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर ठहरने, आने-जाने और अन्य आवश्यक सुविधाएं एक व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध हो सकें।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि नीब करोरी बाबा का महासमाधि दिवस ऐसे संत की स्मृतियों को याद करने का अवसर है, जिनकी आस्था, सादगी और सेवा का संदेश आज भी लोगों को प्रेरित करता है। उनके अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बाबा की विरासत से जुड़े स्थलों को संरक्षित करने और उन्हें पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने का काम कर रही है। सरकार की कोशिश इन स्थानों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने के साथ-साथ प्रदेश में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के नए अवसर तैयार करने की भी है।

दिल्ली और लखनऊ से चलेंगे बाबा नीब करोरी के विशेष टूर

महासमाधि दिवस के अवसर पर यूपीएसटीडीसी ने बाबा नीब करोरी के नाम से पांच विशेष टूर पैकेज शुरू किए हैं। इन पैकेजों में 2 दिन, 3 दिन और 5 दिन की यात्राओं को शामिल किया गया है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की मांग के अनुसार इन टूर पैकेजों का संचालन दिल्ली और लखनऊ से किया जाएगा। इसका उद्देश्य उन लोगों के लिए यात्रा को आसान बनाना है जो बाबा से जुड़े प्रमुख आध्यात्मिक स्थलों के दर्शन एक निर्धारित पर्यटन पैकेज के माध्यम से करना चाहते हैं।

यूपीएसटीडीसी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार इन टूर पैकेजों से जुड़ी जानकारी के लिए पर्यटक +91 91490 99890 पर संपर्क कर सकते हैं। टूर और पर्यटन सेवाओं की विस्तृत जानकारी यूपीएसटीडीसी की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे श्रद्धालुओं को अलग-अलग स्थानों की यात्रा, ठहरने और पर्यटन सुविधाओं से जुड़ी जानकारी एक ही माध्यम से हासिल करने में मदद मिलेगी।

‘नीब करोरी बाबा सर्किट’ से आध्यात्मिक पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

अपर मुख्य सचिव एवं पर्यटन महानिदेशक अमृत अभिजात ने कहा कि नया ‘नीब करोरी बाबा सर्किट’ उत्तर प्रदेश के आध्यात्मिक पर्यटन को एक महत्वपूर्ण नया आयाम देगा। उनके अनुसार बाबा से जुड़े प्रमुख स्थलों को एक साथ जोड़ने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए इन स्थानों तक पहुंच आसान होगी और उन्हें बाबा की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक तथा स्थानीय विरासत को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। महासमाधि दिवस पर शुरू किए गए विशेष टूर पैकेज इस पहल को और उपयोगी बनाने में मदद करेंगे।

उत्तर प्रदेश में धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पहले से कई प्रमुख स्थलों को पर्यटन सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। ऐसे में नीब करोरी बाबा से जुड़े स्थलों को एक सर्किट के रूप में विकसित करने की पहल को इस व्यापक प्रयास की एक नई कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। अकबरपुर की जन्मस्थली, फर्रुखाबाद का आश्रम, वृंदावन का समाधि स्थल और लखनऊ का हनुमान सेतु मंदिर एक ही पर्यटन मार्ग में आने से श्रद्धालुओं को बाबा से जुड़ी विरासत को अलग-अलग स्थानों पर देखने और समझने का अवसर मिलेगा।

इस पहल के साथ पर्यटन विभाग का फोकस धार्मिक आस्था के साथ स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने पर भी है। पर्यटन सुविधाओं, ठहरने की व्यवस्था, प्रदर्शनी, सांस्कृतिक केंद्र और ग्रामीण पर्यटन ढांचे के विकास से इन क्षेत्रों में आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार, छोटे कारोबार और पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। इस तरह ‘नीब करोरी बाबा सर्किट’ उत्तर प्रदेश में आध्यात्मिक पर्यटन के साथ स्थानीय विरासत को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है।

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