यूपी में अक्टूबर से ग्रामीण सड़कों की होगी बड़े स्तर पर मरम्मत, पेयजल योजनाओं के बाद योगी सरकार का बड़ा अभियान
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में अक्टूबर से सड़क मरम्मत का बड़ा अभियान शुरू होगा। पेयजल योजनाओं के लिए खोदी गई सड़कों को मानसून के बाद दुरुस्त किया जाएगा।

लखनऊ। योगी सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ आवागमन को सुगम बनाने पर भी जोर दे रही है। इसी क्रम में मानसून के बाद अक्टूबर से पूरे प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े स्तर पर सड़क मरम्मत अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने अधिकारियों को अभियान से संबंधित सभी तैयारियां समय रहते पूरी करने को कहा है, ताकि पेयजल योजनाओं के लिए पाइपलाइन बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कों को बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद जल्द से जल्द दुरुस्त किया जा सके। इससे ग्रामीण इलाकों में पेयजल परियोजनाओं का लाभ मिलने के साथ ही लोगों को आने-जाने में होने वाली परेशानी से भी राहत मिल सकेगी।
पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़कों की होगी मरम्मत
जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सोमवार को राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न पेयजल योजनाओं की मंडलवार समीक्षा की। समीक्षा के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कें खोदी गई हैं और मानसून के दौरान लगातार बारिश के कारण इन मार्गों पर ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में अक्टूबर से विशेष अभियान चलाकर इन सड़कों को दोबारा भरने, समतल करने और आवश्यकतानुसार उनकी मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की मंशा है कि पेयजल परियोजनाओं के काम के कारण ग्रामीणों को लंबे समय तक खराब सड़कों की समस्या का सामना न करना पड़े।
अक्टूबर से पूरे प्रदेश में चलेगा बड़ा अभियान
मानसून समाप्त होने के बाद सड़क मरम्मत के कार्य को व्यापक स्तर पर शुरू करने की तैयारी है। अधिकारियों को पहले से आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अक्टूबर से अभियान को प्रभावी तरीके से संचालित किया जा सके। इस अभियान में उन ग्रामीण मार्गों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्हें पेयजल योजनाओं के लिए पाइपलाइन बिछाने के दौरान खोदा गया है। सड़क की खुदाई के बाद उसे दोबारा भरकर समतल और आवागमन योग्य बनाने का काम कराया जाएगा। इससे एक तरफ ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं को पूरा करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी तो दूसरी तरफ ग्रामीणों के लिए सड़क संपर्क भी बेहतर हो सकेगा।
अभियंताओं को क्षेत्र भ्रमण और रात्रि प्रवास के निर्देश
बैठक के दौरान जलशक्ति मंत्री ने विभिन्न जोन में तैनात अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं से क्षेत्र भ्रमण तथा रात्रि प्रवास को लेकर फीडबैक लिया। उन्होंने सहायक अभियंताओं (एई) और अवर अभियंताओं (जेई) को भी क्षेत्र में रात्रि प्रवास करने के निर्देश दिए, ताकि निर्माणाधीन योजनाओं की जमीनी स्थिति की नियमित निगरानी हो सके। सरकार का जोर केवल कार्यालय स्तर पर समीक्षा करने के बजाय अधिकारियों की मौके पर मौजूदगी के माध्यम से काम की वास्तविक प्रगति देखने पर है। इससे पेयजल परियोजनाओं में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं की पहचान और उनके समाधान की प्रक्रिया को भी तेज किया जा सकेगा।
समय से पूरी हों पेयजल योजनाएं, लापरवाही पर कार्रवाई
निर्माणाधीन पेयजल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए स्वतंत्र देव सिंह ने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए अतिरिक्त मैनपावर की आवश्यकता हो, वहां जरूरत के अनुसार मानव संसाधन बढ़ाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार की जा रही पेयजल योजनाओं को जल्द पूरा कर लोगों तक इसका लाभ पहुंचाना और परियोजनाओं के काम में अनावश्यक देरी को रोकना है।
जल प्रबंधन और जलापूर्ति व्यवस्था पर भी निगरानी
बैठक में जल प्रबंधन को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। जलशक्ति मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पेयजल योजनाओं के संचालन और जलापूर्ति व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी की जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार हो रही योजनाओं का उद्देश्य केवल निर्माण पूरा करना नहीं बल्कि उनका बेहतर संचालन सुनिश्चित करना भी है। इसलिए अधिकारियों को जल प्रबंधन से जुड़े पहलुओं पर विशेष ध्यान देने और यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण आबादी को लगातार पेयजल सुविधा उपलब्ध हो सके।
अधिकारियों और कार्यदायी एजेंसियों के काम की होगी निगरानी
योजनाओं की गुणवत्ता और प्रगति पर निगरानी मजबूत करने के लिए बैठक में मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं और अधिशासी अभियंताओं (एक्सईएन) को अपने अधीनस्थ अभियंताओं तथा संबंधित कार्यदायी एजेंसियों के कामकाज की गोपनीय रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए। यह रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव को भेजी जाएगी। इससे विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों और कार्यदायी एजेंसियों की जिम्मेदारी तय करने के साथ योजनाओं की प्रगति पर नियमित नजर रखने में मदद मिलेगी।
बैठक में नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव, उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के प्रबंध निदेशक योगेश कुमार, राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक जोगिंदर सिंह, जेएमडी (प्रशासन) डॉ. राजेश प्रजापति, जेएमडी प्रभाष कुमार, स्टेट कोऑर्डिनेटर डीके सिंह समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सरकार की योजना के तहत मानसून के बाद अक्टूबर से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क मरम्मत और पेयजल परियोजनाओं से जुड़े कार्यों को गति देने पर जोर रहेगा, ताकि ग्रामीणों को बेहतर जलापूर्ति के साथ सुगम आवागमन की सुविधा भी मिल सके।



