उत्तर प्रदेशदेश-विदेशहेल्थ

यूपी में 70वें नेशनल स्कूल गेम्स का बड़ा आयोजन, 8 खेलों की राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं इन शहरों में होंगी

उत्तर प्रदेश को 70वें नेशनल स्कूल गेम्स में आठ खेलों की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी मिली है। नवंबर से जनवरी तक बलिया, गोरखपुर, लखनऊ समेत आठ शहरों में मुकाबले होंगे।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में स्कूली खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ी उपलब्धि सामने आई है। प्रदेश को 70वें नेशनल स्कूल गेम्स की आठ राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी मिली है। नवंबर से जनवरी के बीच होने वाले इन मुकाबलों का आयोजन उत्तर प्रदेश के आठ शहरों में किया जाएगा। इनमें देश के अलग-अलग हिस्सों से स्कूली खिलाड़ी पहुंचेंगे और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SGFI) की ओर से प्रतियोगिताओं का कैलेंडर जारी कर दिया गया है। राष्ट्रीय स्तर के इन मुकाबलों की मेजबानी मिलने से उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों को अपने ही प्रदेश में देश के बेहतरीन स्कूली खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा। घरेलू परिस्थितियों का फायदा मिलने से स्थानीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन में भी सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

इन आठ शहरों में होंगे राष्ट्रीय स्तर के मुकाबले

70वें नेशनल स्कूल गेम्स के तहत उत्तर प्रदेश के बलिया, गोरखपुर, बरेली, सहारनपुर, लखनऊ, अयोध्या, प्रयागराज और वाराणसी में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इन प्रतियोगिताओं में फुटबॉल, कबड्डी, बैडमिंटन, कुराश, कलारीपयट्टू, खो-खो और वॉलीबॉल समेत आठ खेल शामिल हैं। खास बात यह है कि अलग-अलग खेलों के मुकाबले अलग-अलग शहरों में आयोजित किए जाएंगे। इससे प्रदेश के कई हिस्सों को राष्ट्रीय स्तर की स्कूली खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी करने का अवसर मिलेगा।

2 नवंबर से बलिया में फुटबॉल प्रतियोगिता

राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का सिलसिला बलिया से शुरू होगा। यहां 2 से 11 नवंबर तक अंडर-17 बालक वर्ग की फुटबॉल प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके बाद गोरखपुर में 23 से 27 नवंबर तक कबड्डी के मुकाबले होंगे। दिसंबर में प्रतियोगिताओं की रफ्तार और बढ़ेगी। बरेली में 15 से 19 दिसंबर तक बैडमिंटन और सहारनपुर में 16 से 20 दिसंबर तक कुराश की राष्ट्रीय प्रतियोगिता प्रस्तावित है।

लखनऊ में कलारीपयट्टू, अयोध्या में खो-खो

राजधानी लखनऊ भी 70वें नेशनल स्कूल गेम्स के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यहां 17 से 21 दिसंबर तक कलारीपयट्टू की राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। वहीं अयोध्या में 20 से 24 दिसंबर तक खो-खो के मुकाबले होंगे। इसके अलावा जनवरी के पहले सप्ताह में प्रयागराज और वाराणसी में वॉलीबॉल की राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं प्रस्तावित हैं। इस तरह नवंबर से जनवरी के बीच उत्तर प्रदेश के आठ शहरों में देशभर के स्कूली खिलाड़ियों की मौजूदगी रहेगी और प्रदेश राष्ट्रीय स्कूली खेल प्रतियोगिताओं का प्रमुख केंद्र बनेगा।

यूपी के खिलाड़ियों के प्रदर्शन में लगातार सुधार

नेशनल स्कूल गेम्स में उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो पिछले कुछ वर्षों में पदकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2023-24 में प्रदेश के खिलाड़ियों ने 144 पदक हासिल किए थे। इसके बाद 2024-25 में पदकों की संख्या बढ़कर 178 हो गई। वहीं 2025-26 में उत्तर प्रदेश ने 179 पदक जीते। आंकड़े बताते हैं कि राष्ट्रीय स्तर की स्कूली खेल प्रतियोगिताओं में प्रदेश के खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है।

घरेलू मैदान का फायदा मिलने की उम्मीद

इस बार उत्तर प्रदेश में ही कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन से प्रदेश के खिलाड़ियों को घरेलू परिस्थितियों का लाभ मिलने की उम्मीद है। अपने राज्य में प्रतियोगिता होने से खिलाड़ियों को यात्रा और अन्य परिस्थितियों से जुड़ी चुनौतियां अपेक्षाकृत कम रहेंगी और वे प्रतियोगिता पर बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। आठ राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी ऐसे समय में मिल रही है, जब नेशनल स्कूल गेम्स में उत्तर प्रदेश के पदकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में घरेलू मैदान पर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उतरने वाले खिलाड़ियों से प्रदेश के पदक प्रदर्शन को और मजबूत करने की उम्मीद की जा रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button