चित्रकूट बाढ़ पर मुख्यमंत्री योगी का बड़ा निर्देश, फसल-मकान क्षति का तत्काल सर्वे कर दें मुआवजा
चित्रकूट में अतिवृष्टि और बाढ़ के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। फसल और मकान क्षति का सर्वे, मुआवजा, अतिक्रमण हटाने और मंदाकिनी की स्वच्छता को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए।

अतिवृष्टि से प्रभावित जनपद चित्रकूट का भ्रमण कर लौटे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए और फसल तथा मकान की क्षति का तत्काल सर्वे कराकर पात्र लोगों को नियमानुसार सहायता दी जाए।
मुख्यमंत्री ने बैठक में राहत और पुनर्वास के साथ-साथ भविष्य में अतिवृष्टि और बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने पर भी जोर दिया। उन्होंने मंदाकिनी नदी के कैचमेंट एरिया में अतिक्रमण का चिन्हांकन कर उसे हटाने, नदी पर बने फुट ओवर ब्रिज का सेफ्टी ऑडिट कराने और मंदाकिनी में सीवर तथा नालों का पानी किसी भी दशा में न जाने देने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
किसानों की फसल क्षति का तत्काल सर्वे, पात्रों को मिलेगा मुआवजा
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित किसानों की फसल क्षति का सर्वे शीघ्र पूरा कराया जाए। सर्वे के बाद पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जाए, ताकि बाढ़ से प्रभावित परिवारों को समय पर राहत मिल सके। उन्होंने पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। वहीं, आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने को कहा।
चित्रकूट के व्यापारियों और मठ-मंदिरों के नुकसान का भी होगा आकलन
मुख्यमंत्री ने चित्रकूट धाम के व्यापारियों को हुए नुकसान का आकलन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित व्यापारियों को सहायता और मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए विशेष व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही मठ-मंदिरों को हुई क्षति का भी सर्वे कराने और उनकी मरम्मत का कार्य शीघ्र शुरू कराने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण में शासन आवश्यक सहयोग करेगा।
48 घंटे में बांटी जाए शेष राहत किट
राहत कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिया कि शेष राहत किट का वितरण 48 घंटे के भीतर प्रभावित लोगों के बीच सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत सामग्री पहुंचाने में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन प्रभावित परिवारों के बीच लगातार मौजूद रहकर उनकी जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध कराए। राहत एवं पुनर्वास के कार्यों में स्थानीय स्तर पर किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष नजर
मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार उपलब्ध रहें और लोगों को आवश्यक चिकित्सा सहायता समय पर मिले।
उन्होंने कहा कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ जाती है। इसे देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल और स्वास्थ्य संबंधी जरूरी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी बीमारी के लक्षण सामने आने पर तत्काल उपचार और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
मंदाकिनी के कैचमेंट एरिया से हटाया जाएगा अतिक्रमण
मुख्यमंत्री योगी ने मंदाकिनी नदी के कैचमेंट एरिया में हुए अतिक्रमण को लेकर भी अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने शासन के अधिकारियों से कहा कि जनपदीय अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों के साथ संवाद कर कैचमेंट एरिया में हुए अतिक्रमण का चिन्हांकन किया जाए।
इसके बाद नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए। साथ ही घाट के विस्तारीकरण के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए।
मंदाकिनी में नहीं जाना चाहिए सीवर और नालों का पानी
मुख्यमंत्री ने पवित्र मंदाकिनी नदी की स्वच्छता और निर्मलता को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी दशा में सीवर या नालों का पानी नदी में नहीं जाना चाहिए।
इसके लिए पर्यटन, सिंचाई और नगर विकास विभाग को आपसी समन्वय से ठोस कार्ययोजना तैयार कर उसे लागू करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदाकिनी चित्रकूट की आस्था से जुड़ी है और इसकी स्वच्छता एवं निर्मलता बनाए रखना सभी संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।
मंदाकिनी पर बने फुट ओवर ब्रिज का होगा सेफ्टी ऑडिट
मंदाकिनी नदी पर बने फुट ओवर ब्रिज की सुरक्षा को लेकर भी मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए। उन्होंने पीडब्ल्यूडी को फुट ओवर ब्रिज का सेफ्टी ऑडिट कराने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसुरक्षा से जुड़े निर्माण कार्यों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और आवश्यकता के अनुसार तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए।
विजयादशमी से पहले पूरा हो एयरपोर्ट मार्ग का काम
मुख्यमंत्री योगी ने चित्रकूट धाम से एयरपोर्ट जाने वाले मार्ग के निर्माण कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि इस मार्ग का कार्य विजयादशमी से पहले हर हाल में पूरा कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने कार्य में हुए विलंब के कारणों की समीक्षा कर संबंधित की जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए।
गोशालाओं में चारे की व्यवस्था और लंपी से बचाव के निर्देश
मुख्यमंत्री ने पशुधन की सुरक्षा को लेकर गोशालाओं की जांच कराने और वहां पर्याप्त चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने लंपी डिजीज से बचाव के लिए भी सभी आवश्यक प्रबंध करने को कहा।
भविष्य में बाढ़ से नुकसान कम करने की बनेगी दीर्घकालिक योजना
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि चित्रकूट में राहत और पुनर्वास के साथ ऐसी कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे भविष्य में अतिवृष्टि और बाढ़ की स्थिति में होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
इस कार्ययोजना में मंदाकिनी के प्राकृतिक प्रवाह, कैचमेंट एरिया, अतिक्रमण, जल निकासी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से राहत कार्यों के साथ भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए स्थायी और प्रभावी व्यवस्था तैयार करने को कहा।



