यूपी के 9.18 लाख किसानों को 483 करोड़ रुपये का कृषि अनुदान, 12 अक्टूबर को खाते में आएगी रकम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 12 अक्टूबर को गोरखपुर से फसल नुकसान झेलने वाले 9,18,091 किसानों के लिए कृषि निवेश अनुदान जारी करेंगे। प्रेस नोट के अनुसार कुल राशि 483 करोड़ रुपये है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बाढ़, अतिवृष्टि और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसलों को नुकसान झेलने वाले किसानों के लिए कृषि निवेश अनुदान जारी करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार, 12 अक्टूबर को गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में किसानों के लिए अनुदान राशि जारी करेंगे। जारी प्रेस नोट के मुताबिक, प्रदेश के 9,18,091 किसानों को कुल 483 करोड़ रुपये दिए जाने हैं। धनराशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से किसानों तक पहुंचाई जाएगी। कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।
बाढ़ और अतिवृष्टि से फसलों को हुआ नुकसान
प्रेस नोट के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष की शुरुआत से 9 अक्टूबर तक प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल क्षति झेलने वाले 9 लाख 18 हजार 91 किसानों को चिह्नित किया गया है। इनमें बाढ़, अतिवृष्टि, चक्रवात और ओलावृष्टि से प्रभावित किसान शामिल हैं। सरकार की ओर से प्रभावित किसानों को कृषि निवेश अनुदान देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि फसल नुकसान के बाद खेती से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में उन्हें सहायता मिल सके।
राहत आयुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, फसल क्षति के सापेक्ष कृषि निवेश अनुदान के लिए 169 करोड़ रुपये पहले ही अग्रिम रूप से जिलों को जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा, 1,29,326 किसानों को 78.75 करोड़ रुपये का कृषि निवेश अनुदान दिया जा चुका है। अब 12 अक्टूबर के कार्यक्रम में शेष पात्र किसानों के लिए राशि जारी किए जाने की जानकारी दी गई है।
प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों को भी मिली सहायता
प्रेस नोट के अनुसार, बाढ़, चक्रवात और ओलावृष्टि से हुई फसल क्षति के अतिरिक्त प्राकृतिक आपदाओं में जनहानि, पशुहानि और मकान क्षति के मामलों में प्रभावित परिवारों को भी सहायता दी गई है। इन मदों में कुल 225.93 करोड़ रुपये वितरित किए जाने की जानकारी दी गई है। सरकार की राहत व्यवस्था के तहत फसल नुकसान के साथ-साथ अन्य प्रकार की क्षति से प्रभावित परिवारों को सहायता पहुंचाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
किसानों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
कृषि निवेश अनुदान का लाभ संबंधित फसल क्षति और पात्रता के आधार पर दिया जाता है। किसानों को अपने बैंक खाते और उससे जुड़े विवरण सही रखने चाहिए। यदि फसल नुकसान का सर्वे हुआ है, लेकिन सहायता राशि नहीं मिली है, तो किसान अपने जिले के राजस्व या कृषि विभाग के संबंधित अधिकारियों से अपने मामले की स्थिति पूछ सकते हैं।



