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मुरादाबाद की SI समीक्षा ठाकुर बनीं बेटियों की ढाल, मिशन शक्ति से महिलाओं को सहारा

मुरादाबाद में SI समीक्षा ठाकुर के नेतृत्व में मिशन शक्ति के तहत महिला सुरक्षा, एंटी रोमियो कार्रवाई, पीड़िताओं की काउंसिलिंग और जरूरतमंद बच्चों की मदद के लिए किए जा रहे प्रयासों की पूरी जानकारी।

नवरात्र विशेष: मुरादाबाद की बेटियों की ढाल बनीं SI समीक्षा ठाकुर, शोहदों पर कार्रवाई से बढ़ा भरोसा

मुरादाबाद। नवरात्र के दौरान जहां मंदिरों और पूजा पंडालों में मां दुर्गा की आराधना हो रही है, वहीं मुरादाबाद में महिला पुलिसकर्मी सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रही हैं। मिशन शक्ति सेल की प्रभारी उप निरीक्षक समीक्षा ठाकुर महिलाओं और बेटियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने तथा उत्पीड़न की शिकायतों पर कार्रवाई करने के लिए सक्रिय हैं। उनका मानना है कि महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकती हैं और खाकी वर्दी पहनकर दूसरी महिलाओं के लिए सुरक्षा का सहारा भी बन सकती हैं।

गांव की दहलीज से खाकी वर्दी तक पहुंचीं समीक्षा ठाकुर

समीक्षा ठाकुर मेरठ जिले के सरूरपुर खुर्द थाना क्षेत्र के पांची गांव की रहने वाली हैं। ग्रामीण परिवेश में रहते हुए उन्होंने देखा कि कई महिलाएं लोकलाज और डर के कारण छेड़खानी तथा उत्पीड़न की शिकायतें सामने नहीं ला पाती हैं। महिलाओं की यही परेशानी उनके लिए प्रेरणा बनी और उन्होंने पीड़ितों की आवाज बनने का संकल्प लिया।

30 जून 2019 को पुलिस सेवा में शामिल होने के बाद प्रशिक्षण पूरा कर उन्होंने महिलाओं की समस्याओं को सुनने और उन्हें शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित करने का रास्ता चुना। उनका सफर उन ग्रामीण बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो सामाजिक सीमाओं के बावजूद अपने सपनों को पूरा करना चाहती हैं।

मिशन शक्ति फेज-5.0 के तहत गांवों में महिलाओं से संवाद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोच के तहत संचालित मिशन शक्ति फेज-5.0 में समीक्षा ठाकुर के नेतृत्व में पुलिस टीम गांवों और कस्बों में महिलाओं से सीधे संवाद कर रही है। निर्धारित रोस्टर के अनुसार प्रत्येक रविवार को बहू-बेटी सम्मेलन और चौपाल आयोजित की जाती हैं, जिनके माध्यम से महिलाओं को सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखने का अवसर मिलता है।

महिलाओं की शिकायतों को सामने लाने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में शिकायत पेटिकाएं लगाई गई हैं। महिला बीट अधिकारी छात्राओं के साथ अपने मोबाइल नंबर साझा कर रही हैं, ताकि वे अपनी समस्याएं बता सकें और गोपनीयता के साथ शिकायत दर्ज कराने में सहायता प्राप्त कर सकें। इसके अलावा संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे और पीआरवी की नियमित गश्त के जरिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

मुरादाबाद के सभी 20 थानों में सक्रिय एंटी रोमियो स्क्वाड

समीक्षा ठाकुर के मुताबिक, मुरादाबाद जिले के सभी 20 थानों में एंटी रोमियो स्क्वाड और मिशन शक्ति केंद्र सक्रिय हैं। स्कूल-कॉलेज खुलने और छुट्टी होने के समय, कोचिंग संस्थानों तथा भीड़भाड़ वाले बाजारों में विशेष चेकिंग अभियान चलाए जाते हैं। इन अभियानों का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और युवतियों को परेशान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना है।

हाल ही में कटघर थाना क्षेत्र की चौकी दससराय में महिलाओं की शिकायत पर महिला उप निरीक्षक सोनम पुनिया की टीम ने राह चलती युवतियों पर अश्लील फब्तियां कसने वाले एक व्यक्ति को पकड़कर जेल भेजा। महिला सुरक्षा दस्तों की ओर से भी ऐसे मामलों में कई मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। इन कार्रवाइयों के जरिए महिलाओं को अपनी शिकायत सामने लाने और पुलिस से सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई में भी महिला पुलिस ने की मदद

मिशन शक्ति से जुड़ी महिला पुलिसकर्मी महिलाओं की सुरक्षा के साथ-साथ जरूरतमंद बच्चों की सहायता के लिए भी काम कर रही हैं। मूढापाण्डे थाने में मिशन शक्ति सेल की महिला उप निरीक्षक सुनीता और उनकी टीम ने जेल में निरुद्ध एक महिला के तीन मासूम बच्चों की शिक्षा में सहयोग किया। टीम ने बच्चों का स्कूल में दाखिला कराया और एक साल की फीस जमा की।

इसके साथ ही बच्चों के लिए स्कूल ड्रेस, कॉपियां और किताबें भी खरीदी गईं। इस पहल के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई जारी रखने में मदद की गई। यह मामला महिला पुलिसकर्मियों की उस भूमिका को भी सामने लाता है, जिसमें वे जरूरतमंद परिवारों और बच्चों की परेशानियों को दूर करने के लिए सहयोग करती हैं।

सीसीटीवी की मदद से लापता बच्चों को खोजकर परिजनों से मिलाया

मुरादाबाद में लापता बच्चों की तलाश के मामलों में भी महिला पुलिस टीमों ने कार्रवाई की है। सिविल लाइंस क्षेत्र से लापता हुए तीन बच्चों को महिला निरीक्षक ऊषा मलिक की टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगालकर तलाशा और सकुशल उनके परिजनों को सौंप दिया। बच्चों की तलाश में सीसीटीवी फुटेज का इस्तेमाल पुलिस की जांच प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।

इसी तरह कोतवाली क्षेत्र में लापता हुए तीन वर्षीय बच्चे को उप निरीक्षक चंद्रप्रभा गौतम की टीम ने एक घंटे के भीतर खोज लिया और उसे परिवार से मिला दिया। इन घटनाओं में पुलिस टीमों ने बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाने के लिए कार्रवाई की।

मिशन शक्ति केंद्रों पर पीड़िताओं की काउंसिलिंग और सहायता

मिशन शक्ति केंद्रों पर पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामलों की पीड़ित बालिकाओं और महिलाओं की विशेषज्ञों के माध्यम से काउंसिलिंग कराई जा रही है। इसका उद्देश्य उन्हें मानसिक आघात से उबरने में मदद देना, आवश्यक चिकित्सीय जांच सुनिश्चित करना और शिक्षा से जुड़ी आर्थिक परेशानियों को दूर करने में सहायता करना है।

पढ़ाई में आर्थिक कठिनाइयां आने पर फीस माफी जैसी व्यवस्थाओं के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। इस तरह पीड़िताओं को केवल शिकायत दर्ज कराने तक सीमित सहायता के बजाय मानसिक सहयोग, चिकित्सा और शिक्षा से जुड़ी जरूरतों में भी मदद दिलाने पर ध्यान दिया जा रहा है। समीक्षा ठाकुर को उनके कार्यों के लिए गणतंत्र दिवस समारोह के अलावा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की ओर से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जा चुका है।

महिला पुलिसकर्मियों को जिम्मेदारी मिलने से बढ़ा आत्मविश्वास

समीक्षा ठाकुर का कहना है कि पहले पुलिसिंग को मुख्य रूप से पुरुषों का दायित्व माना जाता था। अब हर बीट, चौराहे और संवेदनशील स्थान पर महिला पुलिसकर्मियों को जिम्मेदारी मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। महिलाओं से सीधे संवाद करने और उनकी समस्याएं सुनने में महिला पुलिसकर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण बनी है।

नवरात्र के अवसर पर समीक्षा ठाकुर का संदेश है कि हर बेटी और महिला बिना किसी भय के अपने सपनों को पूरा करे। महिलाओं की सुरक्षा और उन्हें संबल देने के लिए पुलिस चौबीसों घंटे तैनात है। मिशन शक्ति के तहत जागरूकता कार्यक्रमों, शिकायतों पर कार्रवाई, पीड़िताओं की काउंसिलिंग और जरूरतमंद बच्चों की सहायता जैसे प्रयास इसी दिशा में किए जा रहे हैं।

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