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Jain Tourism UP: फिरोजाबाद के छदामी लाल जैन मंदिर का 80% काम पूरा, ₹1.28 करोड़ से विकसित हो रही सुविधाएं

यूपी में जैन पर्यटन सर्किट को विस्तार देने की तैयारी तेज है। फिरोजाबाद के छदामी लाल जैन मंदिर में ₹1.28 करोड़ की परियोजना का 80 फीसदी काम पूरा, अक्टूबर में पूरा होने की उम्मीद।

लखनऊ/फिरोजाबाद । उत्तर प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को पर्यटन से जोड़ने की दिशा में जैन पर्यटन सर्किट के विकास की कवायद तेज की जा रही है। इसी क्रम में फिरोजाबाद के ऐतिहासिक छदामी लाल जैन मंदिर में पर्यटन सुविधाओं के विकास का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। मंदिर परिसर में चल रही ₹1.28 करोड़ की विकास परियोजना का करीब 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है और इसके अक्टूबर में पूरा होने की उम्मीद है। परियोजना के तहत मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए बहुउद्देश्यीय सभागार, डॉरमेट्री, म्यूरल वॉल समेत अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

परियोजना पूरी होने के बाद मंदिर में धार्मिक आयोजनों के साथ आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के ठहरने तथा अन्य गतिविधियों के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी। अधिकारियों के अनुसार, बहुउद्देश्यीय सभागार और डॉरमेट्री का करीब 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जबकि म्यूरल वॉल का काम लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इस तरह परियोजना के प्रमुख निर्माण कार्य अंतिम चरण में हैं और निर्धारित समयसीमा के अनुसार अक्टूबर में इन्हें पूरा किए जाने की उम्मीद है।

42 फीट ऊंची बाहुबली प्रतिमा मंदिर का प्रमुख आकर्षण

फिरोजाबाद के मुख्य जैन चौराहे पर स्थित छदामी लाल जैन मंदिर अपनी स्थापत्य कला और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है। मंदिर परिसर में स्थापित भगवान बाहुबली की 42 फुट ऊंची विशाल पत्थर की प्रतिमा यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण है। इसे उत्तर भारत की प्रमुख बाहुबली प्रतिमाओं में शुमार किया जाता है। इसी प्रतिमा और मंदिर की धार्मिक विरासत को देखने के लिए विभिन्न राज्यों से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आने का उल्लेख किया गया है।

मंदिर परिसर में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किए जाने से यहां आने वाले लोगों के लिए ठहरने और आयोजनों से जुड़ी व्यवस्थाएं भी बेहतर होंगी। बहुउद्देश्यीय सभागार और डॉरमेट्री का निर्माण इसी व्यापक विकास योजना का हिस्सा है।

कर्नाटक से फिरोजाबाद लाई गई थी 42 फीट की प्रतिमा

छदामी लाल जैन मंदिर की बाहुबली प्रतिमा को कर्नाटक के कारकल से फिरोजाबाद लाए जाने की कहानी भी मंदिर की विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार सेठ छदामी लाल ने विशेष ट्रॉली के माध्यम से 42 फुट ऊंची प्रतिमा को फिरोजाबाद पहुंचवाया था। इस पूरी यात्रा में करीब तीन महीने का समय लगा और ट्रॉली ने 64 पहाड़ियों का सफर तय किया।

मंदिर के निर्माण में करीब 10 वर्ष लगे और इसे संगमरमर के पत्थरों से तैयार किया गया। वर्ष 1947 में सेठ छदामी लाल ने मंदिर ट्रस्ट की स्थापना की थी। इसके साथ ही मंदिर के संरक्षण, देखरेख और धार्मिक गतिविधियों के लिए व्यवस्थित व्यवस्था की नींव पड़ी। आज मंदिर की ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान को पर्यटन सुविधाओं के साथ जोड़ने की दिशा में विकास कार्य किए जा रहे हैं।

मंदिर परिसर में मिलेंगी आधुनिक पर्यटन सुविधाएं

₹1.28 करोड़ की परियोजना के तहत मंदिर परिसर में कई ऐसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही हैं। बहुउद्देश्यीय सभागार का उपयोग विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए किया जा सकेगा, जबकि डॉरमेट्री से बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने की सुविधा बढ़ेगी।

इसके अलावा मंदिर परिसर में म्यूरल वॉल का भी निर्माण किया जा रहा है। परियोजना से जुड़े कार्यों की वर्तमान प्रगति के अनुसार सभागार और डॉरमेट्री का काम करीब 85 प्रतिशत और म्यूरल वॉल का काम करीब 60 प्रतिशत पूरा हो चुका है। पूरी परियोजना का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा होने के बाद अब शेष काम को अक्टूबर में पूरा करने का लक्ष्य है।

‘जैन विरासत को संवारकर पर्यटन से जोड़ रही सरकार’

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि योगी सरकार प्रदेश की समृद्ध जैन विरासत को संरक्षित करने के साथ उसे पर्यटन से जोड़ने पर भी जोर दे रही है। उनके अनुसार जैन तीर्थ और विरासत स्थल प्रदेश के पर्यटन सर्किट का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन स्थलों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित करने के साथ धार्मिक परंपराओं और स्थापत्य विरासत को सुरक्षित रखने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

मंत्री के मुताबिक, उद्देश्य यह है कि देशभर से आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु जैन संस्कृति तथा विरासत से जुड़े स्थलों तक आसानी से पहुंच सकें और वहां उन्हें आवश्यक पर्यटन सुविधाएं भी उपलब्ध हों। इसी दृष्टिकोण के तहत ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के विकास को पर्यटन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

जैन पर्यटन सर्किट के विस्तार पर जोर

अपर मुख्य सचिव, पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने कहा कि फिरोजाबाद का छदामी लाल जैन मंदिर प्रदेश की समृद्ध जैन विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। उनके अनुसार मंदिर परिसर में चल रहे विकास कार्यों से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी। साथ ही मंदिर को प्रदेश के जैन पर्यटन सर्किट से जोड़ने में भी मदद मिलेगी।

इस परियोजना के जरिए धार्मिक विरासत के संरक्षण और पर्यटन सुविधाओं के विकास को एक साथ आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। मंदिर की ऐतिहासिक पहचान, बाहुबली की विशाल प्रतिमा और विकसित की जा रही नई सुविधाओं के साथ फिरोजाबाद के इस प्रमुख जैन स्थल को प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर और व्यापक रूप से स्थापित करने की दिशा में काम आगे बढ़ रहा है।

जैन विरासत और पर्यटन विकास पर सरकार का फोकस

उत्तर प्रदेश में धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन के विकास के तहत अलग-अलग परंपराओं से जुड़े प्रमुख स्थलों पर सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। छदामी लाल जैन मंदिर की परियोजना में भी विरासत संरक्षण, श्रद्धालुओं की सुविधा और पर्यटन अवसंरचना को एक साथ जोड़ा गया है। ₹1.28 करोड़ की परियोजना के तहत सभागार, डॉरमेट्री और म्यूरल वॉल जैसी सुविधाओं का विकास इसी दिशा में किया जा रहा है।

फिरोजाबाद का यह मंदिर जैन धार्मिक विरासत के साथ अपनी ऐतिहासिक स्थापत्य पहचान के लिए भी महत्वपूर्ण है। अक्टूबर में परियोजना पूरी होने के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अतिरिक्त सुविधाएं मिलने की उम्मीद है, जबकि जैन पर्यटन सर्किट के विस्तार से इसे प्रदेश के अन्य जैन धार्मिक एवं विरासत स्थलों से जोड़ने की दिशा में भी आगे काम किया जा सकेगा।

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