UP International Trade Show 2026: भूपेंद्र चौधरी बोले- दुनिया में बढ़ी यूपी की साख, नंदी ने बताया ग्लोबल बाजार का मंच
ग्रेटर नोएडा में UP International Trade Show 2026 के समापन सत्र में भूपेंद्र चौधरी और नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने यूपी की औद्योगिक प्रगति, MSME, निर्यात और वैश्विक बाजार पर चर्चा की।

यूपी की बढ़ती औद्योगिक साख का प्रतीक बना इंटरनेशनल ट्रेड शो, भूपेंद्र चौधरी बोले- ग्लोबल बाजार तक पहुंच रहा प्रदेश का हुनर
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS)-2026 के समापन सत्र में प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, एमएसएमई, हस्तशिल्प, निर्यात और वैश्विक बाजार में उत्तर प्रदेश की बढ़ती भागीदारी को लेकर चर्चा हुई। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश की बढ़ती औद्योगिक और कारोबारी साख का प्रतीक बन चुका है। उनके मुताबिक देश और विदेश से आए उद्यमियों, निर्यातकों, कारीगरों और खरीदारों को एक मंच पर लाने से प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की नई संभावनाएं बनी हैं। उन्होंने कहा कि ट्रेड शो का समापन केवल एक आयोजन का अंत नहीं है, बल्कि प्रदेश के उद्यमियों के लिए नए कारोबारी अवसरों की शुरुआत है।
ओडीओपी और अन्य योजनाओं का किया उल्लेख
समापन सत्र को संबोधित करते हुए भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ओडीओपी, विश्वकर्मा श्रम सम्मान और मुख्यमंत्री युवा योजना जैसी योजनाएं प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति, कानून-व्यवस्था, सिंगल विंडो सिस्टम और उद्योगों के लिए प्रोत्साहन नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्रयासों से उत्तर प्रदेश को उद्यम प्रदेश के रूप में स्थापित करने में मदद मिली है।
भूपेंद्र चौधरी ने बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में उत्तर प्रदेश लगातार ‘टॉप एचीवर’ के रूप में सामने आया है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से प्रदेश की कई योजनाएं दूसरे राज्यों के लिए रोल मॉडल बनी हैं और दुनिया में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था के मॉडल की चर्चा हो रही है।
उन्होंने पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में रक्षा उत्पादन और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार झांसी, चित्रकूट, अलीगढ़, कानपुर, लखनऊ और आगरा में डिफेंस कॉरिडोर के माध्यम से रक्षा उत्पादन को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा डेटा सेंटर हब के रूप में उभर रहा है और इससे प्रदेश के औद्योगिक एवं तकनीकी क्षेत्र में नई संभावनाएं बन रही हैं।
युवाओं को ऋण और धार्मिक पर्यटन का भी किया जिक्र
एमएसएमई मंत्री ने मुख्यमंत्री युवा योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत लाखों युवाओं को बिना गारंटी और बिना ब्याज के ऋण दिया गया है। उन्होंने इसे युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने वाली पहल के रूप में प्रस्तुत किया। इसके साथ ही उन्होंने अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और प्रयागराज महाकुंभ जैसे आयोजनों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिली है।
भूपेंद्र चौधरी ने ट्रेड शो में शामिल पार्टनर देशों के प्रतिनिधियों का भी स्वागत किया। इस बार वियतनाम, जापान, सिंगापुर, रूस, ऑस्ट्रेलिया और बेलारूस पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल रहे। उन्होंने देश-विदेश से आए बिजनेस लीडर्स, उद्यमियों, निर्यातकों और कारीगरों के प्रति भी आभार जताया।
नंद गोपाल गुप्ता नंदी बोले- यूपी के हुनर को ग्लोबल बाजार तक पहुंचाने का मंच बना यूपीआईटीएस
औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 को प्रदेश की नई आर्थिक पहचान का उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि चार वर्ष पहले शुरू हुआ यह आयोजन अब प्रदेश के उद्यमियों, कारीगरों और बुनकरों के उत्पादों को घरेलू बाजार से वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण मंच बन चुका है।
नंदी ने बताया कि इस बार ट्रेड शो में 90 देशों के 600 से अधिक विदेशी खरीदारों ने हिस्सा लिया। जापान, रूस, वियतनाम, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया और बेलारूस पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल हुए। उनके अनुसार विदेशी खरीदारों और विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी से उत्तर प्रदेश के कारोबारी और औद्योगिक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
बनारसी साड़ी से मुरादाबाद के पीतल तक, पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर
नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि यूपीआईटीएस में उत्तर प्रदेश की पारंपरिक कला और शिल्प को आधुनिक बाजार, तकनीक और ब्रांडिंग से जोड़ने का प्रयास किया गया। उन्होंने बनारस की साड़ी, मुरादाबाद के पीतल, भदोही के कालीन और लखनऊ की चिकनकारी का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार की जरूरतों के अनुरूप आगे बढ़ाने की दिशा में ट्रेड शो महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘लोकल को ग्लोबल’ बनाने के विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे, एयर कनेक्टिविटी और निवेश अनुकूल वातावरण से उद्योगों के लिए नई संभावनाएं बनी हैं। नंदी के मुताबिक उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग, हस्तशिल्प और निर्यात की महत्वपूर्ण भूमिका है और यूपीआईटीएस इन क्षेत्रों के योगदान को व्यापक बाजार तक पहुंचाने का मजबूत मंच बन रहा है।
विदेशी खरीदारों की भागीदारी से बढ़े कारोबारी संपर्क
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के माध्यम से इस बार प्रदेश के स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक शिल्प को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने रखने पर विशेष जोर दिया गया। अलग-अलग क्षेत्रों के उद्यमियों और कारीगरों को विदेशी खरीदारों के साथ कारोबारी संपर्क का अवसर मिला। सरकार की ओर से इसे उत्तर प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने और निर्यात की संभावनाओं को विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
ट्रेड शो के समापन अवसर पर दोनों मंत्रियों ने आयोजन में भाग लेने वाले देश-विदेश के प्रतिनिधियों, उद्यमियों, निर्यातकों, खरीदारों और कारीगरों के योगदान को रेखांकित किया। आयोजन के जरिए प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों के साथ-साथ आधुनिक औद्योगिक और कारोबारी क्षमताओं को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित किया गया।



