Kushinagar Flood: ग्राउंड जीरो पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी, बाढ़ पीड़ितों को राहत और किसानों को 10 दिन में मुआवजा
कुशीनगर में नारायणी नदी के एपी तटबंध टूटने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर हवाई सर्वेक्षण किया। बाढ़ पीड़ितों को राहत, जनहानि पर ₹4 लाख और किसानों को 10 दिन में मुआवजा देने के निर्देश दिए।

कुशीनगर में बाढ़ के बीच ग्राउंड जीरो पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी, हवाई सर्वेक्षण कर हालात का लिया जायजा
कुशीनगर। नेपाल से भारी मात्रा में पानी आने के बाद कुशीनगर जिले में नारायणी नदी के जलस्तर में हुई वृद्धि और एपी तटबंध के एक हिस्से के टूटने से उत्पन्न बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और तटबंध के टूटने से प्रभावित गांवों की स्थिति को करीब से देखा। इसके बाद उन्होंने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं, राहत सामग्री और लंच पैकेट वितरित किए तथा बच्चों को चॉकलेट भी दी। मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया कि आपदा की इस घड़ी में सरकार पूरी मुस्तैदी के साथ उनके साथ खड़ी है।
सोमवार देर रात जवहीं दयाल (चैनपट्टी) के ततवा टोला के पास नारायणी नदी के एपी तटबंध का कुछ हिस्सा टूट गया था। घटना के बाद पानी आसपास के गांवों की ओर बढ़ा और प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान तेज किया। स्वतंत्र रिपोर्टों में भी तटबंध टूटने के बाद कई गांवों में पानी पहुंचने और एनडीआरएफ-एसडीआरएफ समेत राहत टीमों की तैनाती की जानकारी सामने आई है।

गोरखपुर से सीधे कुशीनगर पहुंचे मुख्यमंत्री, हवाई सर्वेक्षण से देखा प्रभावित क्षेत्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार रात से ही कुशीनगर में उत्पन्न स्थिति पर नजर बनाए हुए थे और अधिकारियों को लगातार आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे थे। मंगलवार को गोरखनाथ मंदिर में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की श्रद्धांजलि सभा समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री स्वयं प्रभावित क्षेत्र के लिए रवाना हुए।
कुशीनगर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने हवाई सर्वेक्षण के माध्यम से तटबंध और उसके आसपास के प्रभावित इलाकों की स्थिति देखी। इसके बाद उन्होंने तटबंध से प्रभावित गांवों में जाकर ग्रामीणों से मुलाकात की। ऊंचे स्थानों पर शरण लिए लोगों के बीच पहुंचकर मुख्यमंत्री ने लंच पैकेट वितरित किए और बच्चों को चॉकलेट भी दी। इसके बाद मुख्यमंत्री सेवरही क्षेत्र के बेदुपार इंटर कॉलेज पहुंचे, जहां बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया गया।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और उन्हें आश्वस्त किया कि राहत और बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी।
साढ़े पांच लाख क्यूसेक पानी पहुंचने से बिगड़े हालात
राहत सामग्री वितरण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लगातार चार दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश से प्रदेश और देश के कई हिस्सों में बाढ़ और अतिवृष्टि की स्थिति बनी। इसके बाद नेपाल में हुई भारी बारिश के कारण बड़ी मात्रा में पानी नीचे की ओर आया, जिससे नारायणी नदी का जलप्रवाह अचानक बढ़ गया।
मुख्यमंत्री के अनुसार सामान्य दिनों में नारायणी नदी में करीब तीन से चार लाख क्यूसेक पानी आता है, लेकिन सोमवार को अचानक जलप्रवाह बढ़कर करीब साढ़े पांच लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। इसके कारण एपी तटबंध से सटे कई गांवों में पानी पहुंच गया। स्वतंत्र रिपोर्टों में भी ततवा टोला क्षेत्र में तटबंध टूटने के बाद आसपास के गांवों में पानी फैलने की पुष्टि हुई है।

एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की दो-दो टीमें और पीएसी की फ्लड यूनिट तैनात
मुख्यमंत्री ने बताया कि तटबंध टूटने की जानकारी मिलते ही राहत और बचाव कार्य बड़े स्तर पर शुरू कर दिए गए। प्रभावित क्षेत्र में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की दो-दो टीमें तैनात की गई हैं। इसके साथ पीएसी की फ्लड यूनिट को भी राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया है।
जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारी भी लगातार प्रभावित क्षेत्र में काम कर रहे हैं। जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी सोमवार रात ही क्षेत्र में पहुंच गए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधि भी राहत और बचाव कार्यों में प्रशासन के साथ सहयोग कर रहे हैं।
5 हजार राहत पैकेट में 35 तरह की सामग्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए 5,000 पैकेट राहत सामग्री की व्यवस्था की गई है। एक राहत पैकेट में चावल, आटा, दाल, आलू, लाई, चना, तेल, मसाला, नमक और बाल्टी समेत कुल 35 तरह की सामग्री शामिल है। मुख्यमंत्री के अनुसार प्रत्येक पैकेट का कुल वजन करीब 50 किलोग्राम है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल तत्काल राहत पहुंचाना नहीं है, बल्कि प्रभावित परिवारों को उनकी जरूरत के अनुसार आगे भी सहायता उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत सामग्री प्रभावित लोगों तक समय से पहुंचाने और राहत शिविरों में जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनहानि पर ₹4 लाख, पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकान पर मिलेगा आवास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाढ़ के कारण जनहानि होने पर प्रभावित परिवार को तत्काल चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया तेजी से पूरी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के मकान पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत नया आवास उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं, जो मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं लेकिन मरम्मत योग्य हैं, उनके लिए भी मरम्मत की राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इससे प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत के साथ-साथ बाढ़ से हुए आवासीय नुकसान की भरपाई के लिए सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।
15-16 गांवों में फसल नुकसान का सर्वे, 10 दिन में मुआवजा
बाढ़ से कृषि क्षेत्र को हुए नुकसान को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि करीब 15-16 गांवों में धान, गन्ना और सब्जी समेत विभिन्न फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान होने की आशंका है।
मुख्यमंत्री ने प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में फसल नुकसान का सर्वे कराने और सर्वे के आधार पर किसानों को 10 दिनों के भीतर मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत कराने को भी कहा, ताकि प्रभावित इलाकों में आवागमन जल्द सामान्य किया जा सके।
एपी तटबंध को फिर मजबूत करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति सामान्य होने के बाद एपी तटबंध को मजबूत करने के लिए आवश्यक कार्य कराए जाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तटबंध की मजबूती और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जल शक्ति मंत्री और सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देश दिया कि स्थिति सामान्य होने के बाद नारायणी नदी की ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन का कार्य कराया जाए। मुख्यमंत्री के अनुसार नदी के प्रवाह को व्यवस्थित करने और उसके चैनल को बेहतर बनाने से आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
पांच-छह दिन लगातार लगेंगे मेडिकल कैंप
बाढ़ के बाद जलजनित बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अगले पांच-छह दिनों तक प्रभावित क्षेत्र में लगातार मेडिकल कैंप लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को स्वास्थ्य विभाग की टीमों को सक्रिय रखने और प्रभावित लोगों को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने को कहा।
मुख्यमंत्री ने सभी पीएचसी और सीएचसी में एंटी-स्नेक वेनम तथा एंटी-रेबीज वैक्सीन की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सांप और अन्य जंगली जीवों से जुड़े जोखिम बढ़ सकते हैं, इसलिए किसी भी आपात स्थिति में इलाज में देरी नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की जान सरकार के लिए महत्वपूर्ण है।
ग्रामीणों के बीच पहुंचकर मुख्यमंत्री ने साझा किया दुख-दर्द
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे का एक प्रमुख हिस्सा प्रभावित ग्रामीणों से सीधे संवाद करना रहा। उन्होंने ऊंचे स्थानों पर शरण लिए लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। राहत सामग्री और लंच पैकेट वितरित करते हुए उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ है और स्थिति सामान्य होने तक राहत एवं बचाव कार्य जारी रहेंगे।
इसके बाद बेदुपार इंटर कॉलेज में भी मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और राहत सामग्री वितरित की। मुख्यमंत्री ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को प्रभावित परिवारों की जरूरतों के अनुसार समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए।
इस दौरान जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, देवरिया के सांसद शशांक मणि त्रिपाठी, कुशीनगर के सांसद विजय दूबे, विधायक डॉ. असीम कुमार, सुरेंद्र चौरसिया समेत अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
कुशीनगर में नारायणी नदी के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी और एपी तटबंध टूटने के बाद प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, राहत सामग्री उपलब्ध कराने, स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने और बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने पर है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल राहत के साथ-साथ स्थिति सामान्य होने के बाद तटबंध और नदी के प्रवाह से जुड़े स्थायी समाधान पर भी काम करने के निर्देश दिए हैं।



