कुशीनगर में नारायणी नदी का कहर, ततवा टोला के पास बांध टूटा; मुख्यमंत्री योगी लगातार अधिकारियों के संपर्क में ,दिए राहत बचाव के निर्देश
कुशीनगर में नारायणी नदी के बढ़े जलस्तर के बीच ततवा टोला के पास एपी तटबंध टूट गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात अधिकारियों से जानकारी लेकर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत-बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए।

कुशीनगर में नारायणी नदी का कहर, ततवा टोला के पास बांध टूटा; मुख्यमंत्री योगी ने दिए तत्काल राहत-बचाव के निर्देश
कुशीनगर: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में सोमवार देर रात नारायणी नदी के बढ़े जलस्तर के बीच बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई। एपी तटबंध के ततवा टोला के पास बांध टूटने की सूचना के बाद आसपास के इलाकों में पानी पहुंचने से प्रशासन के सामने राहत और बचाव की चुनौती बढ़ गई। इससे पहले भी नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण कुशीनगर के कई गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका था और कुछ इलाकों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ था।
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात स्थिति का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों और कुशीनगर के जिलाधिकारी से स्थिति की जानकारी ली तथा प्रभावित ग्रामीणों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमें और राहत-बचाव दल मौके पर सक्रिय हुए।
देर रात तक अधिकारियों से लेते रहे स्थिति की जानकारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात गोरखपुर के आयुक्त, एडीजी तथा कुशीनगर के जिलाधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य में किसी भी तरह की देरी न हो और लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित ग्रामीणों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा जरूरत के अनुसार राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमों को पूरी सक्रियता के साथ राहत-बचाव अभियान चलाने को कहा गया। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को भी मोर्चे पर लगाया गया है।
नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर से पहले से बनी थी बाढ़ की स्थिति
कुशीनगर में पिछले दिनों से लगातार बारिश और नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ का खतरा बना हुआ था। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार नदी उस पार के कई गांवों में पानी घुस गया था और कुछ स्थानों पर ग्रामीणों को ऊंचे स्थानों तथा हाईवे के किनारे शरण लेनी पड़ी।
नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ कई तटबंधों और ठोकरों पर भी दबाव बढ़ने की रिपोर्ट सामने आई थी। पिपराघाट और जंगलीपट्टी सहित कुछ स्थानों पर नदी की तेज धारा से कटान का खतरा बढ़ने की जानकारी दी गई थी। ऐसे में ततवा टोला के पास एपी तटबंध टूटने की घटना ने प्रशासन की चुनौती और बढ़ा दी।
प्रशासन और राहत टीमें मौके पर सक्रिय
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासन और पुलिस के अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य की कमान संभाली। प्रभावित आबादी को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से आपदा प्रबंधन की टीमों के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
लगातार बारिश के कारण कुशीनगर में फसलों को भी नुकसान पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई है। धान की तैयार फसल के गिरने के साथ गन्ना, केला और सब्जियों पर भी बारिश और जलभराव का असर पड़ा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद प्रशासन का फोकस प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने, राहत पहुंचाने और बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए रखने पर है। राज्य स्तर से भी स्थिति की जानकारी ली जा रही है।



