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UNSC में भारत की स्थायी सीट की दावेदारी को रूस और मॉरिशस का समर्थन, लावरोव ने UNGA में किया ऐलान

संयुक्त राष्ट्र महासभा में रूस ने UNSC की स्थायी सीट के लिए भारत की दावेदारी का समर्थन किया। मॉरिशस ने भी भारत की उम्मीदवारी के समर्थन को दोहराया। जानिए UNGA में क्या कहा गया।

UNSC में भारत की स्थायी सीट की दावेदारी को रूस और मॉरिशस का समर्थन, UNGA में लावरोव ने कही बड़ी बात

न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC में स्थायी सदस्यता के लिए भारत की दावेदारी को संयुक्त राष्ट्र महासभा के मौजूदा सत्र में रूस और मॉरिशस का समर्थन मिला है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान सुरक्षा परिषद में एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की बात कही और स्पष्ट रूप से भारत तथा ब्राजील की स्थायी सीट की दावेदारी का समर्थन किया।

मॉरिशस ने भी महासभा में भारत की उम्मीदवारी के समर्थन को दोहराया। मॉरिशस के विदेश मंत्री धनंजय रामफुल ने कहा कि उनका देश UNSC सुधार को लेकर G4 और L69 के रुख का समर्थन करता है और वैश्विक मामलों में भारत की रचनात्मक भूमिका को देखते हुए स्थायी सीट के लिए उसकी दावेदारी के समर्थन को दोहराता है।

रूस ने भारत और ब्राजील की दावेदारी का किया समर्थन

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने UNGA में कहा कि सुरक्षा परिषद में एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका का प्रतिनिधित्व बढ़ाया जाना चाहिए। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि रूस भारत और ब्राजील की स्थायी सदस्यता की उम्मीदवारी का समर्थन करता है। उनका बयान UNSC में सुधार की चल रही बहस के बीच आया है, जिसमें सुरक्षा परिषद की मौजूदा संरचना और प्रतिनिधित्व को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है।

लावरोव ने सुरक्षा परिषद के सुधार के दौरान पश्चिमी देशों को अतिरिक्त स्थायी सीटें दिए जाने का भी विरोध किया। उन्होंने विशेष रूप से जर्मनी और जापान का उल्लेख करते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराई। यह रूस के UNSC सुधार को लेकर मौजूदा रुख का हिस्सा है और इसे भारत तथा ग्लोबल साउथ के अधिक प्रतिनिधित्व की उसकी मांग के संदर्भ में देखा जा रहा है।

मॉरिशस ने भी भारत की उम्मीदवारी का समर्थन दोहराया

संयुक्त राष्ट्र महासभा में मॉरिशस के विदेश मंत्री धनंजय रामफुल ने भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक मामलों में रचनात्मक भूमिका निभाने वाला प्रमुख देश बनकर उभरा है और इसी आधार पर मॉरिशस भारत की स्थायी सीट की उम्मीदवारी का समर्थन करता है। साथ ही उन्होंने सुरक्षा परिषद में सुधार को लेकर G4 और L69 के प्रयासों के प्रति समर्थन जताया।

मॉरिशस के बयान में केवल भारत का मुद्दा ही नहीं था, बल्कि अफ्रीका के स्थायी प्रतिनिधित्व की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। इससे UNSC सुधार की बहस में ग्लोबल साउथ के प्रतिनिधित्व का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आता है।

G4 में भारत के साथ जर्मनी, जापान और ब्राजील

UNSC सुधार के संदर्भ में भारत G4 समूह का हिस्सा है। इसमें भारत के साथ ब्राजील, जर्मनी और जापान शामिल हैं। 22 सितंबर 2026 को चारों देशों के विदेश मंत्रियों ने न्यूयॉर्क में मुलाकात कर सुरक्षा परिषद में सुधार की प्रक्रिया और आगे की रणनीति पर चर्चा की थी। G4 देशों ने सुरक्षा परिषद में सुधार को मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के मद्देनजर आवश्यक बताया है।

यहां एक दिलचस्प कूटनीतिक अंतर भी सामने आता है। भारत G4 के माध्यम से जर्मनी और जापान के साथ UNSC सुधार का समर्थन करता है, जबकि रूस ने अपने ताजा UNGA संबोधन में जर्मनी और जापान को अतिरिक्त स्थायी सीट देने का विरोध किया। वहीं रूस ने इसी संबोधन में भारत और ब्राजील की दावेदारी का समर्थन किया।

UNSC में अभी पांच स्थायी सदस्य

वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य हैं। इनमें पांच स्थायी सदस्य—चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका—हैं, जबकि 10 गैर-स्थायी सदस्य दो वर्ष की अवधि के लिए चुने जाते हैं। स्थायी सदस्यों के पास वीटो अधिकार भी है।

सुरक्षा परिषद की संरचना में बदलाव के लिए संयुक्त राष्ट्र चार्टर में संशोधन की प्रक्रिया आवश्यक होती है। इसमें महासभा के दो-तिहाई समर्थन के साथ सदस्य देशों द्वारा अनुमोदन और पांचों मौजूदा स्थायी सदस्यों की पुष्टि भी आवश्यक होती है। इसलिए किसी देश की दावेदारी को मिला समर्थन और स्थायी सदस्य के रूप में वास्तविक प्रवेश—दो अलग-अलग चरण हैं।

भारत की दावेदारी पर बढ़ी अंतरराष्ट्रीय चर्चा

भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की मांग करता रहा है। मौजूदा UNGA सत्र में रूस और मॉरिशस के अलावा अन्य देशों की ओर से भी UNSC में सुधार और अधिक प्रतिनिधिक संरचना की मांग सामने आई है। पुर्तगाल ने भी सुरक्षा परिषद को अधिक प्रतिनिधिक बनाने और अफ्रीका, ब्राजील तथा भारत के लिए स्थायी प्रतिनिधित्व की वकालत की है।

इस बीच 22 सितंबर को भारत के साथ V4 समूह—हंगरी, पोलैंड, स्लोवाकिया और चेक गणराज्य—की बैठक में भी इन चार यूरोपीय देशों ने भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी के समर्थन की घोषणा की थी।

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