बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर राहुल गांधी के सवाल से गरमाई सियासत, दिनेश प्रताप सिंह ने किया पलटवार
रायबरेली की दिशा बैठक में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना को लेकर राहुल गांधी के सवालों पर यूपी के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने पलटवार किया। जानें मंत्री ने क्या-क्या आरोप लगाए।

लखनऊ। रायबरेली में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति यानी दिशा की बैठक के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। बैठक में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के बजट, प्रचार-प्रसार और जमीनी असर को लेकर कांग्रेस सांसद एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद योगी सरकार के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दिनेश प्रताप सिंह ने उन पर तीखा हमला बोला है। दिनेश प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का ध्यान सरकारी योजनाओं की समीक्षा कर उन्हें बेहतर बनाने के बजाय उनमें कमियां तलाशने पर अधिक रहा। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार राहुल गांधी ने योजना को लेकर अधिकारियों से जानकारी और बजट के इस्तेमाल से जुड़े सवाल पूछे थे।
‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ पर सवाल उठाने को लेकर मंत्री का हमला
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि दिशा बैठक में जब ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना पर चर्चा हुई तो राहुल गांधी ने संबंधित अधिकारी से योजना के बारे में जानकारी मांगी। इसके बाद उन्होंने योजना के प्रचार-प्रसार पर होने वाले खर्च का विवरण भी पूछा। रिपोर्टों के मुताबिक बैठक में अधिकारियों ने बताया कि रायबरेली जिले को योजना के तहत 30 लाख रुपये मिले हैं और इसमें 10 प्रतिशत राशि प्रचार पर खर्च की जाती है। राहुल गांधी ने इसी को लेकर सवाल उठाया और योजना के प्रचार तथा उसके वास्तविक प्रभाव के बीच संबंध पर सवाल खड़े किए।
राज्यमंत्री ने राहुल गांधी के सवालों को लेकर कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ केवल एक सरकारी योजना नहीं है, बल्कि बेटियों के सम्मान और महिला सशक्तीकरण से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि दिशा समिति के अध्यक्ष को योजना की जानकारी नहीं होगी तो उसके क्रियान्वयन की निगरानी और समन्वय किस तरह किया जाएगा। इसी मुद्दे पर बैठक के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। अमेठी सांसद किशोरी लाल शर्मा ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि सांसद को किसी भी योजना के बारे में सवाल पूछने का अधिकार है।
‘डरो मत’ के नारे पर भी दिनेश प्रताप सिंह ने साधा निशाना
दिनेश प्रताप सिंह ने राहुल गांधी के चर्चित ‘डरो मत’ संदेश को लेकर भी उन पर राजनीतिक कटाक्ष किया। मंत्री ने आरोप लगाया कि रायबरेली दौरे के दौरान राहुल गांधी ने अपनी सांसद निधि से कराए गए विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास का कार्यक्रम निजी आवास परिसर में किया और इस दौरान मीडिया तथा आम लोगों से दूरी बनाए रखी। मंत्री ने इसी आधार पर राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि जो नेता देशभर में ‘डरो मत’ का संदेश देते हैं, वह अपने ही संसदीय क्षेत्र में जनता और मीडिया के सामने क्यों नहीं आए। इस बयान को लेकर भी स्थानीय राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज है।
‘राहुल गांधी सांसद कम, नेता प्रतिपक्ष ज्यादा नजर आए’
राज्यमंत्री ने रायबरेली की दिशा बैठक में राहुल गांधी की भूमिका पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बैठक के दौरान राहुल गांधी रायबरेली के सांसद और दिशा समिति के अध्यक्ष के तौर पर कम, जबकि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में ज्यादा नजर आए। दिनेश प्रताप सिंह ने यह भी दावा किया कि बैठक के दौरान दिल्ली से आए तीन लोग पीछे बैठकर राहुल गांधी को पर्चियों के माध्यम से निर्देश दे रहे थे और वह उन्हीं के आधार पर अपनी बात रख रहे थे। यह आरोप भी मंत्री के राजनीतिक बयान का हिस्सा है। दूसरी ओर, बैठक से जुड़ी रिपोर्टों में यह सामने आया है कि राहुल गांधी ने पीएमजीएसवाई के तहत बनी खराब सड़कों की तस्वीरें अधिकारियों के सामने रखीं और उनसे सड़कों की स्थिति तथा मरम्मत को लेकर जवाब मांगा।
सड़क और विकास योजनाओं को लेकर भी हुई थी चर्चा
रायबरेली की दिशा बैठक में केवल ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना ही चर्चा का विषय नहीं रही। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी कुछ सड़कों की खराब स्थिति की तस्वीरें अधिकारियों के सामने रखीं और संबंधित सड़कों की मरम्मत तथा जिम्मेदारी तय करने को लेकर सवाल किया। बैठक में उन्होंने अधिकारियों से यह भी जानना चाहा कि जिन सड़कों पर गड्ढे हैं, उन्हें ठीक करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। संबंधित अधिकारियों की ओर से सड़कों की स्थिति सुधारने की बात कही गई। बैठक के बाद राहुल गांधी बिना मीडिया से बातचीत किए वहां से रवाना हो गए, जबकि दिनेश प्रताप सिंह ने उनके रवैये को लेकर राजनीतिक हमला जारी रखा।
‘योगी सरकार में सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता’
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार के लिए जनता की सुरक्षा, सम्मान और विकास सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार स्पष्ट नीति के साथ काम कर रही है और उत्तर प्रदेश की व्यवस्था की सराहना देश के साथ-साथ विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों की ओर से भी की गई है। मंत्री ने कहा कि विपक्ष को सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों की कमियां बताने के साथ-साथ रचनात्मक भूमिका भी निभानी चाहिए, ताकि योजनाओं को और बेहतर तरीके से लागू किया जा सके।
अखिलेश यादव के बुलंदशहर दौरे पर भी बोले मंत्री
दिनेश प्रताप सिंह ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बुलंदशहर दौरे के दौरान हेलीपैड की अनुमति से जुड़े विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से अनुमति नहीं दिया जाना किसी राजनीतिक भय का विषय नहीं है। मंत्री ने दावा किया कि योगी सरकार ने अखिलेश यादव को कभी किसी स्थान पर जाने से नहीं रोका है और ऐसा करने की कोई आवश्यकता भी नहीं है। उन्होंने सपा अध्यक्ष की राष्ट्रीय लोकदल नेतृत्व को लेकर की गई टिप्पणी को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया। बुलंदशहर में अखिलेश यादव के कार्यक्रम को लेकर इससे पहले प्रशासनिक अनुमति और हेलीकॉप्टर लैंडिंग को लेकर विवाद सामने आ चुका है।
रायबरेली में तेज हुई सियासी बयानबाजी
रायबरेली की दिशा बैठक के बाद ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना से शुरू हुआ विवाद अब व्यापक राजनीतिक बहस का रूप लेता दिखाई दे रहा है। एक ओर राहुल गांधी ने योजना के बजट, प्रचार खर्च और जमीनी असर को लेकर सवाल उठाए, वहीं दिनेश प्रताप सिंह ने इसे योजना की आलोचना और राजनीतिक नजरिए से जोड़ते हुए पलटवार किया। ऐसे में उत्तर प्रदेश की राजनीति में महिला योजनाएं, सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन और विकास कार्य आने वाले दिनों में भी सियासी बहस के प्रमुख मुद्दे बने रह सकते हैं।



