UP Flood: बाढ़ प्रभावितों के लिए योगी सरकार का राहत अभियान तेज, 5.94 लाख लंच पैकेट और 1.03 लाख राहत किट वितरित
उत्तर प्रदेश में बाढ़ प्रभावित 25 जिलों में राहत और बचाव अभियान जारी है। अब तक 19,454 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, 5.94 लाख से अधिक लंच पैकेट और 1.03 लाख से ज्यादा राहत किट बांटी गईं।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति के बीच राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार प्रदेश के प्रभावित इलाकों में प्रशासन की टीमें युद्धस्तर पर काम कर रही हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ भोजन, राहत सामग्री और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अब तक 19,454 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है, जबकि राहत अभियान में 2,075 नाव और मोटरबोट का इस्तेमाल किया गया है।बाढ़ प्रभावित परिवारों तक भोजन पहुंचाने के लिए अब तक 5.94 लाख से अधिक लंच पैकेट और 1.03 लाख से ज्यादा बाढ़ राहत किट वितरित की जा चुकी हैं। वहीं स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए लाखों क्लोरीन टैबलेट और ओआरएस पैकेट भी बांटे गए हैं। राहत अभियान के दौरान अब तक प्रदेश में किसी व्यक्ति की जनहानि या पशुहानि दर्ज नहीं हुई है।
37 जिले बाढ़ से प्रभावित, 25 में अभी असर
उत्तर प्रदेश में अब तक 37 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। वर्तमान में 25 जिलों में बाढ़ का प्रभाव बना हुआ है। संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है और आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय रखा गया है। सरकार की प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है। इसी अभियान के तहत अब तक 19,454 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। रविवार को ही 8,264 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
2,075 नाव-मोटरबोट से रेस्क्यू अभियान
बाढ़ के पानी से घिरे और प्रभावित क्षेत्रों तक राहत दलों की पहुंच बनाए रखने के लिए बड़े पैमाने पर नावों और मोटरबोट का इस्तेमाल किया जा रहा है। अब तक 2,075 नाव एवं मोटरबोट राहत एवं बचाव अभियान में लगाई जा चुकी हैं। इनके जरिए बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ जरूरतमंद परिवारों तक भोजन और राहत सामग्री भी पहुंचाई जा रही है। प्रशासन की कोशिश है कि बाढ़ के कारण प्रभावित किसी भी परिवार को भोजन और आवश्यक वस्तुओं की कमी का सामना न करना पड़े।
5.94 लाख लंच पैकेट और 1.03 लाख राहत किट बांटी गईं
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए व्यापक खाद्य वितरण अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 5.94 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। इसके अलावा 1.03 लाख से अधिक बाढ़ राहत किट भी प्रभावित परिवारों तक पहुंचाई गई हैं। रविवार को राहत वितरण के आंकड़ों में भी बड़ी संख्या सामने आई। इस दिन 63,955 लंच पैकेट और 11,249 खाद्यान्न पैकेट वितरित किए गए। इससे प्रभावित परिवारों को तत्काल भोजन और खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।
स्वास्थ्य व्यवस्था भी अलर्ट, 1,072 मेडिकल टीमें सक्रिय
बाढ़ के बाद संक्रमण और जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को भी पूरी तरह सक्रिय रखा गया है। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अब तक 1,072 मेडिकल टीमें गठित की गई हैं। स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए प्रभावित क्षेत्रों में 6.47 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट वितरित की गई हैं। इसके साथ ही 2.49 लाख से अधिक ओआरएस पैकेट भी लोगों को उपलब्ध कराए गए हैं। इसका उद्देश्य बाढ़ के दौरान दूषित पानी और संक्रमण से पैदा होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचाव करना है।
1,315 बाढ़ शरणालयों में 6,698 लोग रह रहे
बाढ़ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में अब तक 1,315 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं। इन शरणालयों में वर्तमान में 6,698 लोग रह रहे हैं। प्रशासन की ओर से इन शरणालयों में रहने वाले लोगों के लिए भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उद्देश्य यह है कि बाढ़ के कारण अपने घरों से विस्थापित हुए परिवारों को सुरक्षित वातावरण के साथ जरूरी सुविधाएं मिलती रहें।
अब तक जनहानि और पशुहानि शून्य
राहत एवं बचाव अभियान के बीच सबसे महत्वपूर्ण जानकारी यह है कि अब तक बाढ़ से किसी व्यक्ति की जनहानि और पशुहानि दर्ज नहीं हुई है। हालांकि बाढ़ के कारण 1,272 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें से 1,002 मामलों में प्रभावित परिवारों को सहायता वितरित की जा चुकी है। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने की प्रक्रिया लगातार जारी है।
ये 25 जिले वर्तमान में बाढ़ प्रभावित
वर्तमान में बाढ़ से प्रभावित जिलों में अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बदायूं, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, चंदौली, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, रायबरेली, रामपुर, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी शामिल हैं।
इन जिलों में प्रशासन की टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
राहत अभियान में भोजन से लेकर स्वास्थ्य तक पर फोकस
उत्तर प्रदेश में जारी बाढ़ राहत अभियान में केवल लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने पर ही ध्यान नहीं दिया जा रहा है, बल्कि प्रभावित परिवारों की भोजन, आश्रय और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को भी साथ-साथ पूरा किया जा रहा है। हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत किट और लंच पैकेट वितरित करने तथा मेडिकल टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय रखने से राहत अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित किया जा रहा है। फिलहाल 25 जिलों में बाढ़ का प्रभाव बना हुआ है, इसलिए प्रशासन को लगातार अलर्ट रखा गया है। नाव-मोटरबोट, बाढ़ शरणालय, मेडिकल टीमें और खाद्य वितरण व्यवस्था के जरिए प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने का सिलसिला जारी है।



